43 दिन से जारी रूस-यूक्रेन जंग के बीच रूस समर्थक डोनेत्स्क पीपुल्स मिलिशिया (DPR) ने चेतावनी दी है। इस चेतावनी में उसने कहा है कि यदि यूक्रेन नहीं माना तो उसका हाल भारत-पाकिस्तान सीमा या भारत-चीन सीमा जैसा हो जाएगा। इस उग्रवादी गुट ने यूक्रेन के साथ ही भारत को भी परोक्ष रूप से चेताया है।
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यूक्रेन के डोनेत्स्क पीपुल्स मिलिशिया के प्रतिनिधि एडुअर्ड अलेक्जेंड्रोविच बसुरिन ने कहा कि सब जानते हैं पश्चिमी देश रूसी संघ को तबाह करने का प्रयास कर रहे हैं। ये लोग सिर्फ यहीं नहीं रुकेंगे, उनका अगला लक्ष्य भारत होगा। पूरी दुनिया को पता है कि भारत-पाक सीमा ही ऐसी है, जिसका हल कई वर्षों से नहीं निकला है। यदि यूक्रेन ने रूस की मांगें नहीं मानी तो वहां के हालात भी भारत-पाकिस्तान सीमा और भारत-चीन सीमा जैसे हो जाएंगे। रूस समर्थक उग्रवादी गुट डीपीआर यूक्रेन के डोनेत्स्क में रूसी सेना के समर्थन में उतरा हुआ है। उसके नेता बसुरिन ने रूस की ओर से सुरक्षित मानवीय गलियारे के बदले मैरियूपोल शहर के लोगों से हथियार डालने को कहा है।
रूस-यूक्रेन जंग में भारी बर्बादी की तस्वीरें रोज सामने आ रही हैं। जुबानी जंग भी जारी है। दोनों में से कोई देश झुकने के लिए तैयार नहीं है। यूक्रेन के मैरियूपोल में रूस ने खतरनाक तरीके से तबाही मचाई है। यहां के महापौर ने बताया कि शहर में अब तक 5000 लोगों की मौत हो चुकी है। महापौर वाडियम बोइचेंको ने बताया कि मारे गए लोगों में 210 बच्चे हैं। वहीं, यूक्रेन पर हमले के लिए रूस को संयुक्त राष्ट्र की मानवाधिकार परिषद से निलंबित करने के संबंध में अमेरिका द्वारा प्रस्तावित कदम पर संयुक्त राष्ट्र महासभा (यूएनजीए) में गुरुवार को मतदान होगा।
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उधर, नाटो के महासचिव जेन्स स्टोल्टेनबर्ग ने कहा कि यूक्रेन के खिलाफ रूस के युद्ध में महीनों या साल भी लग सकते हैं, इसलिए सहयोगी देशों को रूसी आक्रमण का मुकाबला करने में यूक्रेन का समर्थन करना जारी रखना चाहिए।