फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

महिलाओं का दिमाग पुरुषों से चार साल ज्यादा जवान होता है, इसीलिए वे लंबे समय तक रहती हैं चुस्त: शोध

Wed, 06 Feb 2019 11:07 AM IST
अमर शर्मा वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
विज्ञापन
प्रतीकात्मक तस्वीर
विज्ञापन
बुजुर्ग होने पर याददाश्त कमजोर होना और भूलने जैसी बीमारी से महिलाओं के मुकाबले पुरुष ज्यादा प्रभावित होते हैं। अमेरिका में इससे संबंधित एक शोध से इसे समझने की दिशा में मदद मिली है। इसमें पाया गया है कि महिलाओं का दिमाग अपने हमउम्र पुरुषों के दिमाग की तुलना में जैविक तौर पर करीब चार साल युवा होता है। वॉशिंगटन यूनिवर्सिटी के स्कूल ऑफ मेडिसिन की स्टडी में यह बात सामने आई है। 

ब्रेन मेटाबॉलिज्म शोध का आधार

शोधकर्ताओं के मुताबिक महिलाओं और पुरुषों में वृद्धावस्था के दौरान अंतर देखने में आते हैं। ब्रेन मेटाबॉलिज्म हमें इस अंतर को समझने में मदद कर सकता है। रिसर्च टीम के प्रमुख डॉ मनु गोयल ने कहा कि ऐसा नहीं है कि पुरुषों के दिमाग की उम्र तेजी से बढ़ती है। उनमें वयस्क अवस्था महिलाओं से तीन साल बाद शुरू होती है। यह जीवनभर कायम रहता है। 
विज्ञापन


यह बात तो पहले से ही पता थी कि उम्र बढ़ने के साथ पुरुषों का दिमाग महिलाओं के दिमाग की तुलना में तेजी से सिकुड़ता है। लेकिन इस अध्ययन ने यह नया खुलासा किया है कि उनके मस्तिष्क का मैटाबोलिज्म भी अलग होता है।

इससे यह समझने में मदद मिल सकती है, कि क्यों वृद्धावस्था में पुरुषों की याददाश्त में ज्यादा गिरावट आ जाती है। उनके बोलने में भी कमजोरी हो जाती है। शायद महिलाओं का युवा दिमाग लंबे समय तक वृद्धावस्था में भी उनके दिमाग को युवा बनाए रखता है। 
विज्ञापन


डॉ. मनु गोयल के मुताबिक हम लिंग आधारित कारणों को देख रहे हैं कि वे किस तरह से दिमाग की उम्र को प्रभावित करते हैं। यह भी समझ रहे हैं कि किस तरह से इनके कारण दिमाग को न्यूरोडिजेनेरेटिव बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। अध्ययन से यह समझने में मदद मिली कि आखिर क्यों महिलाएं पुरुषों की तुलना में कहीं ज्यादा समय तक मानसिक तौर पर चुस्त-दुरुस्त रहती हैं। 

दिमाग में ग्लूकोज की खपत को आधार बनाकर किया परीक्षण

यह शोध नेशनल एकेडमी ऑफ साइंस पत्रिका में प्रकाशित किया गया। शोध के दौरान 20 से 82 साल के 205 पुरुषों और महिलाओं का ब्रेन स्कैन किया गया। उनकी वास्तविक उम्र की तुलना उनके दिमाग की उम्र से की गई। 

इसमें ग्लूकोज और ईंधन के तौर पर ऑक्सीजन के इस्तेमाल को आधार बनाया गया। जैसे-जैसे उम्र बढ़ती है, हमारा दिमाग अपने विकास के लिए कम और रोजाना के काम और मानसिक चुनौतियों के लिए ज्यादा ग्लूकोज बर्न करने लगता है। 

कंप्यूटर एल्गोरिदम में पाया गया कि महिलाओं में दिमाग के विकास के लिए तुलनात्मक तौर पर ज्यादा ग्लूकोज इस्तेमाल हुआ। इससे पता चला कि उनका दिमाग ज्यादा युवा है। महिलाओं के दिमाग की उम्र पुरुषों के दिमाग की तुलना में जैविक तौर पर 3.8 साल कम पाई गई। 
विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें