अमेरिका की प्रथम महिला मेलानिया ट्रंप ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की एक अहम बैठक की अध्यक्षता की। यह पहली बार था जब किसी राष्ट्रपति की पत्नी इस पद पर बैठीं। इस बैठक का विषय है- संघर्ष के समय में बच्चों, तकनीक और शिक्षा की भूमिका। जो ऐसे समय में हुई है जब अमेरिका और इस्राइल ईरान पर हमले कर रहे हैं और पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ा हुआ है।
अमेरिका की प्रथम महिला मेलानिया ट्रंप ने सोमवार को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की बैठक की अध्यक्षता की। यह अपने आप में ऐतिहासिक घटना रही क्योंकि वह किसी भी विश्व नेता की पहली पत्नी हैं जिन्होंने सुरक्षा परिषद की कुर्सी संभाली। अमेरिका मार्च महीने के लिए सुरक्षा परिषद का अध्यक्ष बना है, इसलिए यह मौका उन्हें मिला। बैठक का विषय था, 'संघर्ष के समय बच्चों, तकनीक और शिक्षा'। मेलानिया ट्रंप ने कहा कि शिक्षा शांति और सहनशीलता बढ़ाने का सबसे बड़ा माध्यम है। उन्होंने इस मुद्दे को हमेशा अपनी प्राथमिकता बताया है।
ईरान युद्ध के बीच बढ़ा विवाद
यह बैठक ऐसे समय में हुई जब अमेरिका और इस्राइल ने ईरान पर सैन्य हमले शुरू किए हैं। ईरानी सरकारी मीडिया के अनुसार, दक्षिणी ईरान में एक लड़कियों के स्कूल पर हवाई हमला हुआ, जिसमें 165 लोगों की मौत हुई और कई घायल हुए। इस्राइल ने कहा कि उसे उस इलाके में हमले की जानकारी नहीं है, जबकि अमेरिकी सेना ने कहा कि वह इन रिपोर्ट्स की जांच कर रही है। संयुक्त राष्ट्र में ईरान के राजदूत अमीर सईद इरावानी ने अमेरिका की आलोचना करते हुए कहा कि एक तरफ अमेरिका ईरानी शहरों पर हमला कर रहा है और दूसरी तरफ बच्चों की सुरक्षा पर बैठक बुला रहा है। उन्होंने इसे 'शर्मनाक और दोहरा रवैया' बताया।
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संयुक्त राष्ट्र प्रमुख की प्रतिक्रिया
संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने अमेरिका और इस्राइल के हमलों को अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताया। साथ ही उन्होंने ईरान की जवाबी कार्रवाई की भी आलोचना की। पिछले कुछ समय से अमेरिका और संयुक्त राष्ट्र के रिश्तों में तनाव भी बना हुआ है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पहले अमेरिका को डब्ल्यूएचओ और यूनेस्को जैसी संस्थाओं से अलग किया था और अमेरिका पर संयुक्त राष्ट्र का अरबों डॉलर बकाया भी है। संयुक्त राष्ट्र ने चेतावनी दी है कि अगर सदस्य देशों ने बकाया राशि नहीं चुकाई तो संस्था को गंभीर आर्थिक संकट का सामना करना पड़ सकता है।
यूक्रेन मुद्दे पर मेलानिया का कदम
मेलानिया ट्रंप पहले भी युद्ध में प्रभावित बच्चों के लिए आवाज उठाती रही हैं। उन्होंने रूस-यूक्रेन युद्ध के दौरान रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को पत्र लिखा था। बाद में कुछ यूक्रेनी बच्चों को उनके परिवारों से मिलाने की प्रक्रिया शुरू हुई थी। यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब दुनिया में तनाव चरम पर है। एक तरफ युद्ध चल रहा है, दूसरी तरफ बच्चों की सुरक्षा और शिक्षा की बात हो रही है। इसलिए मेलानिया ट्रंप की हर बात पर दुनिया की नजर बनी हुई है।