कोरोना वायरस महामारी के दौरान दोपहर के खाने की जिम्मेदारी अमेरिका की प्रथम महिला मेलानिया ट्रंप पर है। अमेरिका की राजधानी वॉशिंगटन डीसी में व्हाइट हाउस ने जरूरतमंद लोगों को मदद करने का आश्वासन दिया। पहली बार मास्क पहने हुए सार्वजनिक स्थान पर मेलानिया ट्रंप ने अपने हाथों से खाना पहुंचाया।
अपने युवा कल्याण पहल बी बेस्ट (Be Best) का प्रचार-प्रसार करने के लिए मेलानिया ट्रंप सामान्य तौर पर स्कूल, अस्पताल और दूसरी जगहों का दौरा करती रहती थीं। लेकिन महामारी के शुरू होने के बाद स्कूल बंद हो जाने और अस्पताल में भीड़ कम हो जाने के बाद मेलानिया ट्रंप ने प्रेरणा देने के लिए व्हाइट हाउस के रसोईघर का रुख किया।
पिछले हफ्ते अमेरिका की प्रथम महिला ने बिना घोषणा किए कोलंबिया के अग्निशामकों और आपातकालीन मेडिकल सेवा कर्मियों से मुलाकात की और वहां का दौरा किया। मेलानिया ट्रंप के अधिकारियों ने बताया कि मेलानिया ट्रंप वहां अपने साथ व्हाइट हाउस से तैयार खाना, बड़े झोले, दोबारा इस्तेमाल किए जाने वाले फेस मास्क, हैंड सैनिटाइजर लेकर गईं। इसके अलावा वो पुलिस कर्मियों से भी मिलीं।
मेलानिया ट्रंप की ये प्रतिक्रिया तब सामने आई जब राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ये साफ कर दिया था कि वो पुलिस और दूसरे कानून प्रवर्तन के साथ खड़े हैं। बता दें कि अमेरिका में नस्लीय न्याय के लिए विरोध प्रदर्शन चल रहा है और जॉर्ज फ्लाएड की मौत के बाद नीतियों में बदलाव करने की मांग है।
मेलानिया ट्रंप ने अपने पति के संदेश का दोहराया और डेमोक्रेटिक नेताओं पर अशांति का आरोप लगाया। एक लिखित बयान के बाद मेलानिया ट्रंप ने कहा कि मैं और अमेरिकी राष्ट्रपति अग्निशामकों, पुलिस कर्मियों, ईएमएस कर्मियों और दूसरे लोगों जिन्होंने पड़ोसी देशों से रक्षा करने के लिए अपने जीवन को खतरे में डाला है, उनके साथ खड़े रहेंगे।
मेलानिया ट्रंप ने लोगों से सार्वजनिक जगहों पर मास्क पहनने की अपील की, मई में मेलानिया ट्रंप ने व्हाइट हाउस के कार्यकारी रसोइये क्रिस कमफोर्ड, पेस्ट्री रसोइये सुसी मोरिसन और दूसरे स्टाफ कर्मचारियों को 150 खाने के डब्बे डिलिवर करने को कहा। नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ के चिल्ड्रन इन के लिए ये डब्बे भेजे गए, जिसमें चिकन मेक्रोनी जैसा खाना था।