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बड़ा खुलासा: एंटीगुआ के पीएम ने मेहुल को भेजी थी चिट्ठी, कहा था- नागरिकता से संबंधित जानकारी छिपाई, भाई ने दी घूस

Wed, 02 Jun 2021 11:29 AM IST
दीप्ति मिश्रा वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, रोसो

सार

भगोड़ा कारोबारी मेहुल चोकसी को भेजी गई एंटीगुआ के प्रधानमंत्री गैस्टन ब्राउने की एक चिट्ठी सामने आई है, जिसमें कहा गया है कि मेहुल चोकसी ने नागरिकता से संबंधित जानकारी छिपाई थी। वहीं मेहुल के बड़े भाई चेतन चोकसी ने डोमिनिका के विपक्षी नेता को घूस दी थी ताकि देश की संसद में इस मुद्दे को दबाया जा सके।
 
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मेहुल चोकसी
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विस्तार
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पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) घोटाले का आरोपी और भगोड़ा कारोबारी मेहुल चोकसी मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। जहां एक ओर एंटीगुआ के प्रधानमंत्री गैस्टन ब्राउने की एक चिट्ठी सामने आई है, जिसमें कहा गया है कि मेहुल ने नागरिकता से संबंधित जानकारी छिपाई थी। वहीं दूसरी ओर एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि मेहुल चोकसी के बड़े भाई ने मामले को रफा दफा करने के लिए डोमिनिका के विपक्षी नेता को मोटी रकम दी।

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14 अक्तूबर, 2019 को लिखे पत्र में ब्राउने ने लिखा था, ''मैं एंटीगुआ और बारबुडा नागरिकता अधिनियम, कैप 22 की धारा 8 के मुताबिक एक आदेश देने का प्रस्ताव करता हूं ताकि आपको सामग्री तथ्यों को जानबूझकर छिपाने के आधार पर एंटीगुआ और बारबुडा की नागरिकता से वंचित किया जा सके। मैं आपको एंटीगुआ और बारबुडा नागरिकता अधिनियम की धारा 10 के तहत जांच करने के आपके अधिकार और इस जांच में अपनी पसंद का कानूनी प्रतिनिधित्व प्राप्त करने के अधिकार की भी सलाह देता हूं। आपको इस नोटिस के प्राप्त होने के एक महीने के भीतर जवाब देना होगा।''

प्रत्यर्पण रोकने के लिए भाई ने दी रिश्वत
मेहुल चोकसी के भारत प्रत्यपर्ण किए जाने को लेकर उसका बड़ा भाई चेतन चोकसी डोमिनिका की राजनीतिक हस्तियों को साधने में लगा हुआ है। कैरेबियन मीडिया आउटलेट एसोसिएट टाइम्स के मुताबिक, मेहुल के बड़े भाई चेतन चीनूभाई चौकसी ने उसे बचाने के लिए डोमिनिका के विपक्षी सांसदों को घूस दी है। इतना ही नहीं उसने मेहुल को भारत से बचाने के लिए विपक्षी सांसदों को चुनाव में आर्थिक मदद पहुंचाने का भी वादा किया है।

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करीब दो घंटे चली बैठक, दी 1.5 करोड़ रुपये की टोकन मनी

रिपोर्ट्स के मुताबिक, चेतन ने डोमिनिका के विपक्षी पार्टी के नेता लेनक्स लिंटन से बंद कमरे में करीब 2 घंटे बैठक की है। मीटिंग में उसने लिंटन को ऑफर दिया कि अगर विपक्ष संसद में इस मामले को दबाने में मदद करेगा तो चुनाव में उन्हें मदद पहुंचाई जाएगी। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि चेतन ने लिंटन को 2 लाख डॉलर यानी 1.5 करोड़ रुपये बतौर टोकन मनी भी दिया है। उसने आगे और ज्यादा पैसे देने का वादा किया है। इसके बाद विपक्षी नेता ने एंटीगुआ के प्रधानमंत्री पर निशाना साधा था। कहा था कि डोमिनिका सरकार को मेहुल चौकसी को भारत के हवाले नहीं करना चाहिए।

कौन है चेतन चीनूभाई चौकसी?
रिपोर्ट के मुताबिक, चेतन चीनूभाई चौकसी भगोड़ा हीरा कारोबारी मेहुल चौकसी का बड़ा भाई है। वह डिमिन्को एनवी (Diminco NV) नामक एक कंपनी चलाता है, जो हांगकांग स्थित डिजिको होल्डिंग्स लिमिटेड की सहायक कंपनी है। यह कंपनी इंटीग्रेटेड डायमंड और ज्वेलरी के सबसे बड़े रिटेल कारोबार का दावा करती है। चेतन को 2019 में मेहुल के भांजे नीरव मोदी की एक अदालती सुनवाई के दौरान लंदन में कोर्ट के बाहर भी देखा गया था।

क्या है पूरा मामला?
बता दें कि भगोड़ा कारोबारी मेहुल चोकसी 23 मई की शाम को एंटीगुआ स्थित अपने घर से गायब हो गया था। उसके बाद उसके लापता होने की रिपोर्ट भी दर्ज की गई थी। हालांकि, उसके पहचान के एक शख्स ने दावा किया था कि वो क्यूबा भाग गया है। मेहुल चोकसी एंटीगुआ का नागरिक है और वो पानी के रास्ते भागने की फिराक में था, लेकिन जैसे ही वो डोमिनिका पहुंचा, उसे अधिकारियों ने पकड़ लिया।

इसके बाद एंटीगुआ के प्रधानमंत्री गैस्टन ब्राउने ने डोमिनिका की कोर्ट से चोकसी को सीधे भारत भेजने का आग्रह किया था। वहीं पीएनबी घोटाले का आरोपी चोकसी के वकीलों ने डोमिनिका की कोर्ट में बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका डाली थी। 28 मई को डोमिनिका की अदालत ने चोकसी की याचिका को स्वीकार करते हुए सुनवाई पूरी होने तक उसे देश में ही रखने का आदेश दिया था।
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