रिपोर्ट्स के मुताबिक, चेतन ने डोमिनिका के विपक्षी पार्टी के नेता लेनक्स लिंटन से बंद कमरे में करीब 2 घंटे बैठक की है। मीटिंग में उसने लिंटन को ऑफर दिया कि अगर विपक्ष संसद में इस मामले को दबाने में मदद करेगा तो चुनाव में उन्हें मदद पहुंचाई जाएगी। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि चेतन ने लिंटन को 2 लाख डॉलर यानी 1.5 करोड़ रुपये बतौर टोकन मनी भी दिया है। उसने आगे और ज्यादा पैसे देने का वादा किया है। इसके बाद विपक्षी नेता ने एंटीगुआ के प्रधानमंत्री पर निशाना साधा था। कहा था कि डोमिनिका सरकार को मेहुल चौकसी को भारत के हवाले नहीं करना चाहिए।
कौन है चेतन चीनूभाई चौकसी?
रिपोर्ट के मुताबिक, चेतन चीनूभाई चौकसी भगोड़ा हीरा कारोबारी मेहुल चौकसी का बड़ा भाई है। वह डिमिन्को एनवी (Diminco NV) नामक एक कंपनी चलाता है, जो हांगकांग स्थित डिजिको होल्डिंग्स लिमिटेड की सहायक कंपनी है। यह कंपनी इंटीग्रेटेड डायमंड और ज्वेलरी के सबसे बड़े रिटेल कारोबार का दावा करती है। चेतन को 2019 में मेहुल के भांजे नीरव मोदी की एक अदालती सुनवाई के दौरान लंदन में कोर्ट के बाहर भी देखा गया था।
क्या है पूरा मामला?
बता दें कि भगोड़ा कारोबारी मेहुल चोकसी 23 मई की शाम को एंटीगुआ स्थित अपने घर से गायब हो गया था। उसके बाद उसके लापता होने की रिपोर्ट भी दर्ज की गई थी। हालांकि, उसके पहचान के एक शख्स ने दावा किया था कि वो क्यूबा भाग गया है। मेहुल चोकसी एंटीगुआ का नागरिक है और वो पानी के रास्ते भागने की फिराक में था, लेकिन जैसे ही वो डोमिनिका पहुंचा, उसे अधिकारियों ने पकड़ लिया।
इसके बाद एंटीगुआ के प्रधानमंत्री गैस्टन ब्राउने ने डोमिनिका की कोर्ट से चोकसी को सीधे भारत भेजने का आग्रह किया था। वहीं पीएनबी घोटाले का आरोपी चोकसी के वकीलों ने डोमिनिका की कोर्ट में बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका डाली थी। 28 मई को डोमिनिका की अदालत ने चोकसी की याचिका को स्वीकार करते हुए सुनवाई पूरी होने तक उसे देश में ही रखने का आदेश दिया था।