विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर और अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन के बीच वाशिंगटन डीसी में बैठक हुई। इस दौरान दोनों नेताओं ने डेलावेयर में क्वाड शिखर सम्मेलन के दौरान हुई द्विपक्षीय बैठकों का अनुसरण किया। दोनों नेताओं ने पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव के अलावा, द्विपक्षीय सहयोग को गहरा करने, इंडो-पैसिफिक और यूक्रेन में हाल के घटनाक्रमों पर चर्चा की।
विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने अपने संबोधन में डेयावेयर क्वाड बैठक के लिए एंटनी ब्लिंकन का धन्यवाद किया। एस जयशंकर ने कहा, 'सबसे पहले मैं आपको डेलावेयर में पीएम मोदी और राष्ट्रपति बाइडन के बीच एक बहुत अच्छी क्वाड बैठक के लिए आपको धन्यवाद देकर शुरुआत करना चाहता हूं। मैं आज हमारी चर्चाओं की प्रतीक्षा कर रहा हूं। द्विपक्षीय पक्ष पर हमने अपनी पिछली बैठक के बाद से बहुत कुछ किया है। लेकिन चर्चा के लिए वैश्विक मुद्दे भी हैं।'
वहीं, अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने वैश्विक मंच पर शांति और स्थिरता के लिए भारत की भूमिका की तारीफ की। ब्लिंकन ने कहा, 'हमने हाल के सप्ताहों में संयुक्त राज्य अमेरिका और भारत को जोड़ने वाली साझेदारी के पीछे की अविश्वसनीय जीवंतता और ताकत देखी है। हमारे यहां क्वाड बैठक के लिए पीएम मोदी थे, साथ ही राष्ट्रपति बाइडन के साथ द्विपक्षीय बैठक भी हुई। उस मुलाकात की गर्मजोशी और रिश्ते में महत्वाकांक्षा उस स्तर पर है, जो हमने पहले कभी नहीं देखी। यह उस मूल्य का प्रतिबिंब है जो दोनों देश इस साझेदारी को देते हैं। भारत वैश्विक मंच पर शांति और स्थिरता के लिए काम करते हुए एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यह हमारे लिए कई मुद्दों का जायजा लेने का एक अच्छा अवसर है। हम साथ मिलकर काम कर रहे हैं।'
इसके बाद, विदेश मंत्री एस जयशंकर ने एंटनी ब्लिंकन के साथ विभिन्न मुद्दों को लेकर हुई बैठक के बारे में जानकारी दी। उन्होंने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, 'आज वाशिंगटन डीसी में सचिव एंटनी ब्लिंकन के साथ बातचीत करके खुशी हुई। हमने डेलावेयर द्विपक्षीय और क्वाड बैठकों का अनुसरण किया। हमारी चर्चाओं में द्विपक्षीय सहयोग को गहरा करना, पश्चिम एशिया की स्थिति, भारतीय उपमहाद्वीप, इंडो-पैसिफिक और यूक्रेन में हाल के घटनाक्रम पर भी चर्चा हुई।'
जयशंकर-ब्लिंकन की बैठक में भी ईरान-इस्राइल तनाव पर चर्चा
वहीं, वाशिंगटन डीसी में अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन और भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर की वार्ता के दौरान भी ईरान-इस्राइल तनाव पर चर्चा हुई। इस दौरान ब्लिंकन ने कहा कि कुछ घंटे पहले, ईरान ने पांच महीने के अंतराल में दूसरी बार इस्राइल पर सीधा हमला किया, जिसमें लगभग 200 बैलिस्टिक मिसाइलें शामिल थीं। यह पूरी तरह से अस्वीकार्य है और पूरी दुनिया को इसकी निंदा करनी चाहिए। प्रारंभिक रिपोर्टों से पता चलता है कि संयुक्त राज्य अमेरिका और अन्य भागीदारों के सक्रिय समर्थन से इस्राइल ने इस हमले को प्रभावी ढंग से हरा दिया। हमने एक बार फिर इस्राइव की रक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता प्रदर्शित की। हम आने वाले घंटों और दिनों में इस्राइल और क्षेत्र के अन्य भागीदारों के साथ बहुत करीबी संपर्क में रहेंगे।