परिजनों ने रंगभेद भी झेला
वह आगे कहती हैं कि वह अपने परिजनों पर दबाव को देख सकती थीं कि उन पर अंग्रेजी समुदाय में खुद को शामिल करने की कोशिश की थी। वह बताती हैं कि उनकी मां की दुकान के बाहर रंगभेदी चिन्ह बना दिए जाते थे और उनके भाई को एक बार पीटा गया और उनके
रंग को लेकर लड़कियां बातें किया करती थीं। मीना ने जहाज पर काम करने की ट्रेनिंग ली है और जहाज पर रहने वाले बाकी कर्मचारी बताते हैं कि वह बहुत तेजी से सीखती हैं। मीना इस यात्रा को अपने धार्मिक मूल्यों की एक अभिव्यक्ति भी मानती हैं।
'हिंदू धर्म जीवन पद्धति है'
वह कहती हैं, 'मेरा पूरा परिवार हिंदू है और मेरे परिजनों ने मुझ पर कभी धर्म नहीं थोपा। हिंदू धर्म बाकी लोगों का सम्मान करता है, साथ ही प्रकृति का सम्मान करता है। बीते पांच सालों से मेरे किसी भी परिजन ने यह नहीं कहा कि तुम यह कैसा काम कर रही हो या खुद को खतरे में डाल रही हो।" वह कहती हैं, "हिंदू धर्म सत्य और प्रकृति पर आधारित है। यह धर्म नहीं बल्कि जीवन जीने की कला है।" मीना ग्रीनपीस क्लाइंब टीम में भी रही हैं। इसका काम इमारतों, किसी वस्तु या जो भी हो उसको नापना है। उनको इंग्लैंड के एक बंदरगाह पर एक टावर पर चढ़ने पर पहली बार गिरफ्तार किया गया था। यह विरोध डीजल कारों के आयात के फैसले पर किया गया था।
मीना कहती हैं, "गिरफ्तारी के बाद मुझे लगा था कि मेरे घरवाले कहेंगे कि तुमने हमें
शर्मिंदा करने का काम किया है लेकिन मेरे चाचा ने मेरी तारीफ की। उन्होंने कहा कि यह अच्छा है और यह हमारी पृष्ठभूमि है जैसा (महात्मा) गांधी ने किया।" उनके पिता की हाल में मृत्यु हुई है। उनकी मां कहती हैं कि वह उनके पिता को याद करती हैं और वह होते तो बेटी पर गर्व करते। वह कहती हैं कि उनकी इच्छा है कि उनकी बेटी अंटार्कटिका से अपने साथी के साथ लौंटे। फिर वह मजाकिया अंदाज में कहती हैं कि चाहे वह पेंगुइन ही क्यों न हो।