Pakistan: पाकिस्तान के मंत्री ने इस्लामाबाद की शिया मस्जिद पर हुए आत्मघाती हमले में शामिल चार मददगारों और मास्टरमाइंड की गिरफ्तारी का दावा किया है। गृहमंत्री मोहसिन नकवी के अनुसार, खैबर पख्तूनख्वा में रातभर छापेमारी की गई। पढ़ें रिपोर्ट-
पाकिस्तान के गृह मंत्री मोहसिन नकवी ने शनिवार को दावा किया कि इस्लामाबाद की एक शिया मस्जिद पर हुए आत्मघाती हमले के मामले में हमलावरों के चार मददगारों को गिरफ्तार कर लिया गया है। इनमें हमले का मास्टरमाइंड भी शामिल है। नकवी ने बताया कि यह गिरफ्तारियां खैबर पख्तूनख्वा में छापेमारी के दौरान की गईं।
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डॉन अखबार की खबर के मुताबिक, मोहसिन नकवी इस्लामाबाद में मीडिया से बात कर रहे थे। उन्होंने बताया कि हमले के पीछे शामिल लोगों को पकड़ने के लिए पूरी रात अभियान चलाया गया। उन्होंने आतंकवाद रोधी विभाग (सीडीडी) और खैबर पख्तूनख्वा पुलिस की संयुक्त कार्रवाई की सराहना की। नकवी ने कहा कि रात करीब तीन बजे इस हमले से जुड़े सभी लोग गिरफ्तार कर लिए गए, जिनमें मास्टरमाइंड भी शामिल है।
हमले का मास्टरमाइंड अफगान नागरिक: पाकिस्तानी गृह मंत्री
नकवी ने कहा कि सभी सुरक्षा एजेंसियों के लिए यह एक घटना एक तरह से टेस्ट टेस्ट केस थी। उन्होंने बताया कि धमाके के बाद नौशेरा और पेशावर में छापेमारी की गई। इस दौरान चार मददगारों को पकड़ा गया। उन्होंने दावा किया कि हमले का मास्टरमाइंड अफगान नागरिक है और उसे भी गिरफ्तार कर लिया गया है।
सहायक उपनिरीक्षक की मौत और कई पुलिसकर्मी घायल हुए
मंत्री ने कहा कि छापेमारी के दौरान खैबर पख्तूनख्वा पुलिस का एक सहायक उपनिरीक्षक की भी मौत हो गई, जबकि कुछ अन्य पुलिसकर्मी घायल हुए। उन्होंने बताया कि मास्टरमाइंड प्रतिबंधित संगठन इस्लामिक स्टेट से जुड़ा है और फिलहाल पुलिस की हिरासत में है।
आईएस ने हमले की योजना बनाई थी और प्रशिक्षण दिया: नकवी
गृह मंत्री ने आगे कहा कि इस हमले की योजना और प्रशिक्षण इस्लामिक स्टेट-अफगानिस्तान की ओर से दी गई थी और हमले की योजना पड़ोसी देश में तैयार की गई थी। उन्होंने कहा कि उनके पास ऐसे लोग हैं जो बता रहे हैं कि हमलावर वहां कैसे गया और उसे कैसे प्रशिक्षण दिया गया।
उन्होंने कहा कि सरकार पहले भी कहती रही है कि तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी), अफगान तालिबान, इस्लामिक स्टेट और अन्य आतंकी संगठन आपस में मिलकर काम कर रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि इस समय 21 आतंकी संगठनों का नेटवर्क अफगानिस्तान से संचालित हो रहा है।