मिस्र की राजधानी काहिरा के कॉप्टिक चर्च में लगी आग में झुलसने से 41 लोगों की मौत हो गई, जबकि 55 घायल हैं। स्थानीय स्वास्थ्य अधिकारियों ने बताया कि घटना इम्बाबा इलाके में बने अबू सेफीन चर्च की है। यह घनी आबादी के बीच बना है। पुलिस के मुताबिक, आग के असल कारण का फिलहाल पता नहीं चला है, लेकिन शुरुआती जांच के मुताबिक मामला शार्ट-सर्किट का हो सकता है।
घटना के समय सैकड़ों लोग चर्च में मौजूद थे। आग लगने पर वहां भगदड़ मच गई, जिसकी वजह से कई अन्य लोग भी आग की चपेट में आ गए। घटना पर पूरे देश में दुख व्यक्त किया जा रहा है। राष्ट्रपति अब्दुल फतेह अल-सिसी ने कॉप्टिक क्रिश्चियन पोप तावड्रोस द्वितीय से फोन पर बात की और संवेदना व्यक्त की।
राष्ट्रपति ने फेसबुक पर लिखा, ‘मैं दुखद दुर्घटना के घटनाक्रम पर बारीकी से नजर रख रहा हूं। सभी संबंधित एजेंसियों और संस्थानों को जरूरी उपाय करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि पीड़ितों को राहत पहुंचाई जा सके। मुस्लिम बहुल देश मिस्र में करीब एक करोड़ ईसाई आबादी भी है। यहां रहने वाले अल्पसंख्यक समुदाय अक्सर भेदभाव की शिकायत करते हैं।