- एक अथॉरिटी का गठन किया जाएगा। यह सभी तरह के मीडिया के लिए नियम बनाएगी। इसमें कुल 11 सदस्य और एक चेयरपर्सन होंगे। इनकी नियुक्ति केंद्र सरकार की सलाह पर राष्ट्रपति द्वारा की जाएगी।
- देश में मीडिया से जुड़े सभी कानून रद्द होंगे। इन सभी का पीएमडीए कानूनों में विलय होगा।
- मीडिया से जुड़े मामलों के लिए मीडिया ट्रिब्यूनल स्थापित करने का भी प्रस्ताव है। ट्रिब्यूनल का प्रमुख ग्रेड-22 स्तर का ब्यूरोक्रेट होगा। यह पाकिस्तानी सिविल सेवा की सर्वोच्च रैंक है।
- ड्राफ्ट में डिजिटल मीडिया के संचालन के लिए भी टीवी चैनलों की तरह ही लाइसेंस अनिवार्य करने का प्रस्ताव है। वहीं नेटफ्लिक्स, अमेजन प्राइम, यूट्यूब चैनल, वीडियो लॉग्स को लेकर भी नियम बनाए जाएंगे।
- कानून का उल्लंघन करने वालों के लिए 2.5 करोड़ पाकिस्तानी रुपये का जुर्माना और तीन साल तक जेल का प्रावधान
मीडिया मार्शल लॉ: इस प्रावधान पर मचा बवाल
नए नियमों में मीडिया पर सेना और सरकार पर तंज कसने तक पर रोक लगाई गई है। कानून में कहा गया है कि कोई भी सेना, संसद, सरकार और उसके मुखिया को लेकर तंज नहीं कस सकता है, जिसके कारण या तो हिंसा की आशंका हो या फिर उनकी मानहानि होती हो। इस नियम को लेकर ही सबसे ज्यादा आपत्ति जताई जा रही है और इसे पाकिस्तान का मीडिया मार्शल लॉ कहा जा रहा है।
चीन की कम्युनिस्ट सरकार भी मीडिया या जनता की आवाज के दमन के लिए बदनाम है। हाल ही में उसने गलवान घाटी में भारतीय और चीन सौनिकों के बीच हुई झड़प का सच सामने लाने वाले ब्लॉगर को आठ महीने के लिए जेल भेज दिया है। दरअसल, ब्लॉगर चाउ जिमिंग ने जून 2020 में गलवान घाटी में हुई झड़प में चीन के 40 सैनिकों मारे जाने की बात कही थी। भारत ने भी यही कहा था कि रूस की एजेंसी ने भी इस आंकड़े को सही ठहराया था, जबकि चीन सिर्फ 4 बता रहा था। इस खुलासे से भड़के चीन ने जिमिंग को 8 महीने जेल की सजा सुना दी है। सरकार ने जिमिंग को चीनी नायकों और शहीदों को बदनाम करने का दोषी माना है। वे मार्च में पारित हुए नए सुरक्षा कानून के तहत तहत सजा पाने वाले पहले व्यक्ति हैं। चीन के सीना वीबो माइक्रोब्लॉग पर जिमिंग के 25 लाख से ज्यादा फॉलोअर्स हैं। नानजिंग जियानये पीपुल्स कोर्ट ने सजा सुनाते हुए कहा कि जिनिंग प्रमुख प्लेटफॉर्म और मीडिया पर 10 दिन के अंदर सार्वजनिक माफी भी मांगे।