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क्या बच्चों को लत लगाने के लिए बनाए एप?: आरोपों पर कैलिफोर्निया कोर्ट में पेश हुए मार्क जुकरबर्ग, दी ये दलील

Thu, 19 Feb 2026 07:06 PM IST
अमन तिवारी वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, लॉस एंजिल्स

सार

मेटा प्रमुख मार्क जुकरबर्ग ने सोशल मीडिया की लत से जुड़े एक मामले में अदालत में गवाही दी। आरोप है कि इंस्टाग्राम और यूट्यूब बच्चों के लिए जानबूझकर एडिक्टिव बनाए गए हैं। जुकरबर्ग ने इन आरोपों को नकारा और कहा कि वे केवल उपयोगी सर्विस बनाने की कोशिश करते हैं।

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मार्क जुकरबर्ग, मेटा के सीईओ - फोटो : ANI
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विस्तार
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मेटा के प्रमुख मार्क जुकरबर्ग ने बुधवार को लॉस एंजिल्स की एक अदालत में गवाही दी। यह मामला सोशल मीडिया की लत (एडिक्शन) से जुड़ा है। मेटा और यूट्यूब पर आरोप है कि उन्होंने अपने ऐप्स को जानबूझकर ऐसा बनाया है कि बच्चों और किशोरों को इसकी लत लग जाए।
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2023 में हुआ था केस
कैलिफोर्निया की 20 साल की एक युवती (केजीएम) ने 2023 में यूट्यूब, टिकटॉक, स्नैप और मेटा पर केस किया था। उसका कहना है कि इन ऐप्स के बहुत ज्यादा इस्तेमाल से उसे डिप्रेशन और एंग्जायटी जैसी मानसिक बीमारियां हुईं। बाद में उसने स्नैप और टिकटॉक के साथ समझौता कर लिया है, लेकिन मेटा और यूट्यूब के खिलाफ मामला चल रहा है।

युवती के वकील मार्क लैनियर ने इंस्टाग्राम और यूट्यूब को डिजिटल कैसीनो बताया। उन्होंने कहा कि ये ऐप्स लोगों की लत से मुनाफा कमाते हैं। दूसरी तरफ, मेटा ने अदालत में कहा कि युवती की मानसिक समस्याओं की असली वजह उसका पारिवारिक माहौल है। कंपनी ने सबूत के तौर पर मेडिकल रिकॉर्ड भी पेश किए और कहा कि सोशल मीडिया उसकी बीमारी की मुख्य वजह नहीं था।
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सवाल के जवाब में क्या बोल जुकरबर्ग?
अदालत में जुकरबर्ग से पूछा गया कि क्या इंस्टाग्राम को ज्यादा इस्तेमाल के लिए बनाया गया है? उन्होंने जवाब दिया कि कंपनी ऐसी सर्विस बनाने की कोशिश करती है जो लोगों के काम आए। उन्होंने कहा कि अगर कोई चीज अच्छी होगी, तो लोग उसे खुद इस्तेमाल करना चाहेंगे। जुकरबर्ग ने इसे एक सामान्य बिजनेस तरीका बताया। उन्होंने यह भी कहा कि एक अच्छी कंपनी को अपने यूजर्स की मदद करनी चाहिए।
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मेटा के 3.5 अरब से ज्यादा यूजर्स हैं। कंपनी पर कई राज्यों और स्कूलों ने भी मुकदमे किए हैं। उनका दावा है कि ये प्लेटफॉर्म सिगरेट या जुए की मशीन की तरह नुकसानदेह हैं। टेक कंपनियों ने इन सभी आरोपों को गलत बताया है।

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