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US-Venezuela: रुबियो बोले- वेनेजुएला को सीधे नहीं चलाएगा अमेरिका; तेल उद्योग में सुधार, ड्रग तस्करी रोकना मकसद

Sun, 04 Jan 2026 11:37 PM IST
पवन पांडेय वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन

सार

US-Venezuela Row: अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने साफ किया है कि अमेरिका वेनेजुएला का रोजमर्रा का शासन नहीं चलाएगा। उनका कहना है कि अमेरिका का मुख्य कदम वेनेजुएला पर पहले से लागू तेल नाकेबंदी को सख्ती से लागू करना है, ताकि वहां जरूरी नीतिगत बदलावों के लिए दबाव बनाया जा सके।
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मार्को रुबियो, अमेरिकी विदेश मंत्री - फोटो : ANI
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विस्तार
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अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने रविवार को स्पष्ट किया कि संयुक्त राज्य अमेरिका वेनेजुएला का रोज-मर्रा का प्रशासन नहीं करेगा, बल्कि वहां बदलाव लाने के लिए एक मौजूदा तेल नाकेबंदी को लागू रखेगा। रुबियो के बयान ट्रंप के उस दावे के विपरीत हैं जिसमें उन्होंने कहा था कि अमेरिका अस्थायी रूप से वेनेजुएला को चलाएगा। रुबियो ने कहा कि अमेरिका का मकसद तेल उद्योग और ड्रग तस्करी रोकने जैसे मुद्दों में सुधार लाना है, न कि देश की प्रत्यक्ष शासन व्यवस्था हाथ में लेना। उन्होंने बताया कि तेल स्थगन अमेरिका को एक बड़ा दबाव देता है ताकि वेनेजुएला में बदलाव हो सके।
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मादुरो की गिरफ्तारी और न्यायिक कार्रवाई
एक दिन पहले अमेरिका ने एक बड़े सैन्य अभियान में वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस को बंधक बनाया और उन्हें न्यूयॉर्क ले आए। जहां वे दोनों संयुक्त राज्य में आरोपों का सामना करेंगे, जिसमें ड्रग तस्करी और आपराधिक षड्यंत्र शामिल हैं। यह कदम अमेरिका की अब तक की सबसे निर्णायक कार्रवाई मानी जा रही है, और इसके लिए ट्रंप प्रशासन को कांग्रेस से अनुमति नहीं मिली थी, जिससे विवाद और बढ़ गया है।
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ट्रंप और रुबियो के बयान में फर्क
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शनिवार को कहा था कि अमेरिका वेनेजुएला को तब तक चलाएगा जब तक एक सुरक्षित और व्यवस्थित सत्ता परिवर्तन नहीं हो जाता। उन्होंने यह भी संकेत दिए कि अमेरिकी तेल कंपनियां वेनेजुएला के तेल उद्योग में निवेश करेंगी। लेकिन रुबियो ने अपने बयान में इसे बदलते हुए कहा कि अमेरिका देश नहीं चलाएगा, बल्कि केवल तेल ब्लॉकैड और दबाव के जरिये बदलाव लाने की कोशिश करेगा।

अमेरिकी रणनीति क्या है?
अमेरिका ने एक तेल नाकेबंदी लागू की है, जिसमें प्रतिबंधित तेल टैंकरों को रोका जा रहा है और उनके खिलाफ अदालत आदेशों पर तेल जहाजों को भी जब्त किया जा रहा है। रुबियो का कहना है कि यह सबसे बड़ा दबाव का उपाय है ताकि वेनेजुएला नई नीतियां अपनाए, जैसे ड्रग तस्करी को रोकना और अन्य अपराधी समूहों को बाहर निकालना। रुबियो ने यह भी कहा है कि सैन्य विकल्प अभी पूरी तरह से बेकार नहीं कहा गया है, लेकिन अभी मुख्य फोकस दबाव और तेल नाकेबंदी पर है, न कि सीधी सैन्य अधिग्रहण पर।

अंतरराष्ट्रीय और अमेरिकी नेताओं की प्रतिक्रिया
कुछ दुनिया के प्रमुख देशों और नेताओं ने अमेरिका के इस कार्रवाई की कड़ी आलोचना की है, इसे अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताया है। अमेरिकी कांग्रेस के कुछ डेमोक्रेटिक सदस्यों ने भी कहा है कि उनसे पहले सलाह नहीं लिया गया और वे आगे की कार्रवाई के लिए विस्तृत योजना चाहते हैं। वेनेजुएला में वर्तमान उपराष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज को वैध नेता नहीं मानने की भी बात कही गई है, और यह स्पष्ट नहीं है कि भविष्य में कौन नेतृत्व करेगा।
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क्यूबा के राष्ट्रपति ने अमेरिका के कदम की आलोचना करते हुए कहा और इसे अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताया है। वहीं संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद सोमवार को बैठक करेगा, क्योंकि कई देशों ने इस अमेरिकी सैन्य कार्रवाई पर गंभीर चिंता जताई है कि यह संयुक्त राष्ट्र चार्टर के सिद्धांतों का उल्लंघन कर सकता है।

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