अमेरिका और ईरान के बीच परमाणु समझौते पर शनिवार को दूसरे दौर की बातचीत हुई और इस सप्ताहांत तकनीकी स्तर की बातचीत होने की उम्मीद है। समझौते में ईरान की कोशिश है कि उसे प्रतिबंधों में ढील दी जाए, ताकि प्रतिबंधों से उसकी अर्थव्यवस्था को हो रहे नुकसान को रोका जा सके।
अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने कहा है कि अमेरिका और ईरान में कोई भी समझौता तभी होगा, जब ईरान यूरेनियम संवर्धन बंद करेगा। बुधवार को जारी हुए एक इंटरव्यू में मार्को रूबियो ने ये बात कही। गौरतलब है कि अमेरिका और ईरान के बीच समझौते को लेकर बातचीत चल रही है। एक तरफ अमेरिका के विदेश मंत्री ईरान के यूरेनियम संवर्धन के काम का पूरी तरह से बंद करने की मांग कर रहे हैं, वहीं ईरान का कहना है कि उन्हें अपनी ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए यूरेनियम संवर्धन की जरूरत है और वे इससे परमाणु हथियार नहीं बनाना चाहते।
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यूरेनियम संवर्धन पर फंसी बात
मार्को रूबियो ने कहा कि अगर ईरान नागरिक परमाणु समझौता चाहता है तो ये हो सकता है, लेकिन उसके लिए उन्हें संवर्धित यूरेनियम आयात करना पड़ेगा। ओबामा के कार्यकाल में हुए अमेरिका-ईरान परमाणु समझौते को अपने पहले कार्यकाल में ट्रंप प्रशासन ने तोड़ दिया था। ट्रंप का तर्क था कि ईरान परमाणु बम बनाने के लिए यूरेनियम संवर्धित कर रहा है। हालांकि ईरान ने इन आरोपों को खारिज किया था।
परमाणु समझौते पर सहमति बनने में लग सकता है लंबा वक्त
अमेरिका और ईरान के बीच परमाणु समझौते पर शनिवार को दूसरे दौर की बातचीत हुई और इस सप्ताहांत तकनीकी स्तर की बातचीत होने की उम्मीद है। समझौते में ईरान की कोशिश है कि उसे प्रतिबंधों में ढील दी जाए, ताकि प्रतिबंधों से उसकी अर्थव्यवस्था को हो रहे नुकसान को रोका जा सके। मार्को रूबियो ने कहा कि अभी परमाणु समझौते में लंबा समय लग सकता है। उन्होंने ये भी कहा कि ट्रंप, ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकने के लिए कुछ भी कर सकते हैं, लेकिन इस समय मध्य पूर्व में कोई भी सैन्य कार्रवाई बड़े संघर्ष में तब्दील हो सकती है। इसलिए उनकी कोशिश है कि शांतिपूर्वक चीजें रहें।