अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने सीनेट की विदेश संबंध समिति के समक्ष बयान देते हुए वेनेजुएला में राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को हटाने के लिए की गई सैन्य कार्रवाई का जोरदार बचाव किया। उन्होंने कहा कि यह कदम अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा के हित में जरूरी था और इससे पश्चिमी गोलार्ध अधिक सुरक्षित हुआ है।
रूबियो ने कहा कि वेनेजुएला में अब अंतरिम सरकार के साथ मिलकर स्थिरता बहाल करने की कोशिशें जारी हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि अमेरिका फिलहाल किसी और सैन्य कार्रवाई की योजना नहीं बना रहा है। उनके अनुसार, प्रतिबंधों में ढील देकर वेनेजुएला को तेल बेचने की अनुमति दी जाएगी, जिससे मिलने वाली राशि का उपयोग स्वास्थ्य सेवाओं, पुलिस व्यवस्था और बुनियादी सुविधाओं के लिए किया जाएगा।
वेनेजुएला में लोकतंत्र बहाली की उम्मीद
रूबियो ने जोर देकर कहा कि अमेरिका का अंतिम लक्ष्य वेनेजुएला में स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव कराना है। उन्होंने विपक्षी नेता मारिया कोरिना माचाडो से मुलाकात के बाद कहा कि लोकतंत्र की बहाली ही अमेरिका की नीति का केंद्र बिंदु है, न कि सिर्फ तेल या आर्थिक हित। हालांकि, डेमोक्रेट सांसदों ने इस कार्रवाई पर सवाल उठाए और पूछा कि क्या इससे वाकई हालात बेहतर होंगे या अमेरिका वैश्विक स्तर पर और उलझनों में फंस जाएगा।
अमेरिका की निगरानी में होगा वेनेजुएला के तेल से मिलने वाले धन का इस्तेमाल
विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा कि तेल बिक्री से आने वाला पैसा अमेरिकी ट्रेजरी द्वारा नियंत्रित एक खाते में जमा होगा, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि इसका इस्तेमाल आम वेनेजुएला नागरिकों के हित में ही हो। उन्होंने कहा हम अस्थायी तौर पर इसकी निगरानी करेंगे ताकि देश में स्थिरता लाई जा सके। रुबियो ने स्पष्ट किया कि अमेरिका वेनेजुएला के तेल उद्योग में निवेश को सब्सिडी नहीं देगा, बल्कि यह कदम केवल अंतरिम व्यवस्था के तौर पर उठाया गया है ताकि आर्थिक व्यवस्था पूरी तरह चरमराने से बच सके। उन्होंने कहा कि इस प्रक्रिया के जरिए संक्रमण काल में जरूरी सेवाएं जारी रखी जा सकेंगी।
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ग्रीनलैंड और NATO को लेकर सफाई
ग्रीनलैंड को लेकर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बयानों से यूरोपीय सहयोगियों में बढ़ी चिंता पर रूबियो ने कहा कि हालात अब शांत हो रहे हैं और बातचीत के जरिए समाधान की कोशिशें चल रही हैं। उन्होंने नाटो को लेकर भी ट्रंप सरकार की आलोचनाओं को सामान्य बताते हुए कहा कि अमेरिका लंबे समय से सदस्य देशों से रक्षा बजट बढ़ाने की मांग करता रहा है। रूबियो ने कहा नाटो को नए दौर की चुनौतियों के मुताबिक ढालने की जरूरत है। हालांकि उन्होंने यह भी जोड़ा कि अमेरिका गठबंधन को कमजोर करने के बजाय मजबूत करना चाहता है।
चीन, ईरान और वैश्विक रणनीति
चीन-ताइवान मुद्दे पर रूबियो ने कहा कि बीजिंग का रुख लंबे समय से तय है और किसी भी अन्य वैश्विक घटना से उसमें बदलाव नहीं आएगा। वहीं ईरान को लेकर उन्होंने स्पष्ट किया कि फिलहाल सैन्य कार्रवाई की कोई योजना नहीं है, लेकिन मध्य पूर्व में अमेरिकी सैन्य मौजूदगी अपने कर्मियों की सुरक्षा के लिए जरूरी है।