केंद्रीय पर्यावरण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने सोमवार को कहा कि कोरोना वायरस को लेकर भय की मानसिकता बन रही है। उन्होंने इस सुझाव को खारिज कर दिया कि प्रवासी पक्षी इसके फैलने का कारण हो सकते हैं। गुजरात में अगले सप्ताह आयोजित होने वाले जंगली जानवरों के प्रवासी प्रजातियों के संरक्षण पर कन्वेंशन ऑफ पार्टीज (सीओपी) के 13 वें सम्मेलन से पूर्व जावड़ेकर ने कहा कि प्रवासी पक्षियों और वायरस के बीच कोई संबंध नहीं है। जहां तक पक्षियों और जानवरों की बीमारियों या वायरस का सवाल है, सम्मेलन इन मुद्दों पर चर्चा करेगा।
50 हजार पीपीई किट के बरक्स मौजूद हैं 20 हजार किटें
केंद्र सरकार ने कोरोना वायरस की समस्या को देखते हुए डॉक्टरों और चिकित्सा स्टाफ के लिए कम से कम 50,000 व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण (पीपीई) किट की आवश्यकता का अनुमान लगाया है। हालांकि अभी आधी से भी कम किटें मौजूद हैं।
पीपीई में मास्क, आंखों की आई शील्ड, जूते का कवर, गाउन और दस्ताने शामिल होते हैं जो डॉक्टर मरीजों का इलाज करते समय पहनते हैं। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के अधिकारियों के अनुसार अभी तक, पीपीई सहित लॉजिस्टिक्स के पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध हैं।
राज्य सरकारों को भी इस मुद्दे पर आवश्यक सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। वर्तमान में पीपीई की कमी जैसा कोई संकट नहीं है। लेकिन, पहले से ही पर्याप्त मात्रा में पीपीई रखना एक बेहतर तरीका है। भारत में कुछ ही कंपनियां हैं जो पीपीई के विनिर्माण, निर्यात और आयात से संबंधित हैं।
कोरोना की चिंता से सेंसेक्स 162 अंक लुढ़का
वाहन और धातु कंपनियों के शेयरों में तेज बिकवाली से सोमवार को सेंसेक्स 162 अंक गिरकर बंद हुआ। कोरोना संकट की गंभीरता और उसके आर्थिक प्रभाव को देखते हुए निवेशकों ने बिकवाली की। इससे बीएसई सेंसेक्स 162.23 अंक लुढ़ककर 40,979.62 पर बंद हुआ।
कारोबार के दौरान इसने 40,798.98 अंक का निचला स्तर भी छुआ। एनएसई निफ्टी भी 66.85 अंक गिरकर 12,031.50 पर बंद हुआ। सेंसेक्स की कंपनियों में महिंद्रा एंड महिंद्रा को सर्वाधिक 7 फीसदी नुकसान हुआ। टाटा स्टील, ओएनजीसी, सनफार्मा, हीरो मोटोकॉर्प, पावरग्रिड और एनटीपीसी में भी गिरावट रही।