अमेरिका के इंडियाना राज्य में एक व्यक्ति को वर्ष 2000 में एक पुलिस अधिकारी की गोली मारकर हत्या करने के मामले में दोषी ठहराया गया। उसे मंगलवार को एक घातक इंजेक्शन देकर मृत्युदंड दे दिया गया। राज्य में 15 वर्षों में यह दूसरा ऐसा मामला है, जिसमें किसी को मृत्युदंड की सजा दी गई है।
अमेरिका के इंडियाना राज्य में एक व्यक्ति को वर्ष 2000 में एक पुलिस अफसर की हत्या के मामले में मौत की सजा दी गई है। यह पिछले 15 सालों में इस राज्य में दी गई दूसरी मौत की सजा है। जानकारी के मुताबिक, घटना के दौरान आरोपी बेंजामिन रिची और उसके साथियों ने इंडियाना के बीच ग्रोव शहर में एक कार चुराई थी। जब पुलिस अधिकारी टोनी ने रिची का पीछा किया, तब रिची ने उन पर चार गोलियां चलाईं, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
विज्ञापन
24 साल पुराने मामले में मौत की सजा
बता दें कि, 45 वर्षीय बेंजामिन रिची को साल 2002 में पुलिस अधिकारी बिल टोनी की हत्या के जुर्म में सजा सुनाई गई थी। बिल टोनी बीस ग्रोव पुलिस विभाग में काम करते थे और 31 साल के थे। वह दो बच्चों के पिता थे।
जेल में 22 साल के बाद मृत्युदंड
इस घटना के बाद 22 साल बाद आरोपी बेंजामिन रिची को इंडियाना के मिशिगन सिटी में स्थित राज्य कारागार में मंगलवार आधी रात के बाद घातक इंजेक्शन लगाकर मृत्युदंड दिया गया। रात 12:46 बजे उसे मृत घोषित किया गया। वहीं मौत की सजा से पहले आरोपी रिची ने पैरोल बोर्ड (रिहाई बोर्ड) से कहा, 'मैंने अपनी और दूसरों की जिंदगियां बर्बाद कर दीं। उस रात के लिए मैं बेहद शर्मिंदा हूं। काश मैं अपने उस 20 साल के खुद को रोक पाता, जो किसी की सुनता ही नहीं था।'
मानसिक बीमारी और बचपन की समस्याएं
मृत्युदंड से पहले रिची के वकीलों ने कोर्ट में यह दलील दी कि वह बचपन से मानसिक बीमारियों से पीड़ित था। उसकी मां ने गर्भावस्था के दौरान शराब और नशे का सेवन किया। रिची को फीटल अल्कोहल स्पेक्ट्रम डिसऑर्डर (एफएएसडी) और बचपन में सीसे के जहर का सामना करना पड़ा था। साल 2005 में उसे बाइपोलर डिसऑर्डर (मिजाज बदलने की बीमारी) का भी इलाज हुआ था।
गवर्नर ने माफी देने से किया इनकार
रिची के वकीलों ने उसकी सजा माफ करने की अपील की थी। लेकिन इंडियाना के नए रिपब्लिकन गवर्नर माइक ब्रौन ने इसे ठुकरा दिया। पैरोल बोर्ड ने बताया कि जेल में रहते हुए रिची ने कई बार हिंसा की धमकियां दीं और अनुशासन तोड़ा। बता दें कि, इंडियाना और वायोमिंग अमेरिका के दो राज्य हैं जहां मीडिया को फांसी की प्रक्रिया देखने की अनुमति नहीं है। जबकि अमेरिका के 27 राज्यों में अभी भी मौत की सजा वैध है। इस साल अब तक 8 राज्यों में 12 फांसियों की तारीखें तय की गई हैं।