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Malaysia: मलेशिया के पूर्व पीएम को नहीं मिली राहत, भ्रष्टाचार के मामले में काटनी होगी 12 साल की सजा

Tue, 23 Aug 2022 02:22 PM IST
संजीव कुमार झा वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, कुआलालंपुर

सार

मलेशिया के पूर्व प्रधानमंत्री नजीब रजाक को शीर्ष अदालत से बड़ा झटका लगा है। दरअसल, अदालत ने उनकी 12 साल कि सजा को बरकरार रखा है।
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मलेशिया के पूर्व पीएम नजीब रजाक
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विस्तार
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मलयेशिया की सर्वोच्च अदालत ने पूर्व प्रधानमंत्री नजीब रजाक की अपील ठुकराते हुए उन्हें घोटाले के मामले में 12 साल की सजा काटने के लिए मंगलवार को जेल भेज दिया। उन्हें सरकारी खजाने 1मलयेशिया डेवलपमेंट बरहड (1एमडीबी) से अरबों डॉलर की हेराफेरी का दोषी पाया गया था।

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संघीय अदालत के फैसले से चार साल पहले तक मलयेशिया की सत्ता पर फौलादी पकड़ के कारण दुनियाभर के वित्तीय संस्थानों और उच्च अधिकारियों की संलिप्तता वाले 1एमबीडी घोटाले की स्थानीय जांच को दबाने वाले नजीब का हैरतअंगेज पतन सुनिश्चित हो गया है।

अदालत ने नजीब की अपील पर अंतिम सुनवाई के दौरान कहा, बचाव पक्ष स्वाभाविक रूप से असंगत है। उन्हें सुनाई गई सजा भी ज्यादा नहीं है। इससे पहले अदालत ने अंतिम फैसला देने वाले पैनल से मुख्य न्यायाधीश को हटाने की मांग खारिज कर दी थी। नजीब ने कहा कि उनके साथ बेइंसाफी हुई है। उनके नए वकील को अपील की तैयारी के लिए दो माह का समय दिया जाना चाहिए। लग रहा है कि अदालत मेरे प्रति पूर्वाग्रह से ग्रस्त है। नजीब के खिलाफ घोटालों के अन्य मामले भी चल रहे हैं, लेकिन वह लगातार कुछ भी गलत करने से इनकार कर रहे हैं।
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अभियोजन ने कहा, नजीब ने 2009 में शासन के पहले साल में ही सह-स्थापित 1एमडीबी से करीब 450 करोड़ डॉलर की हेराफेरी कर ली थी। जांचकर्ताओं ने नजीब से जुड़े खातों में 100 करोड़ डॉलर से ज्यादा रकम का पता लगाने की बात कही। मशहूर मलय हस्ती के ब्रिटेन में शिक्षित पुत्र नजीब ने 2009 से 2018 तक मलयेशिया की सत्ता संभाली। इस दौरान घोटाले सामने आने के बाद जनता में गुस्सा बढ़ता गया और उन्हें चुनाव में हार का सामना करना पड़ा। आने वाले महीनों में उनके खिलाफ दर्जनों मुकदमे दर्ज हुए।

2020 में निचली अदालत ने उन्हें आपराधिक विश्वासघात, सत्ता के दुरुपयोग और 1एमडीबी की पूर्व इकाई एसआरसी इंटरनेशनल से एक करोड़ डॉलर की रकम अवैध रूप से प्राप्त करने के लिए मनी लॉन्ड्रिंग का दोषी ठहराया। पूर्व प्रधानमंत्री को 12 साल जेल और 21 करोड़ रिंगिंट (4.6 करोड़ डॉलर) जुर्माने की सजा सुनाई गई थी। वह जमानत पर बाहर थे।

फैसला सुनते ही सकते में आए पूर्व पीएम
काले सूट और टाई में आए नजीब फैसला सुनते ही सकते में आ गए। उनकी पत्नी रोशमाह मंसूर और तीन बच्चे उनके पीछे बैठे थे। सुरक्षा अधिकारियों ने पूर्व प्रधानमंत्री को घेरे में ले लिया। बाद में उन्हें पुलिस की सुरक्षा में काली कार में ले जाए जाते देखा गया। अदालत के अधिकारियों और नजीब के करीबी सूत्रों ने बताया कि उन्हें कुआलालंपुर से करीब 40 किलोमीटर दूर काजंग जेल ले जाया गया है।

विलासिता पर खर्च हुई घोटाले की रकम
सरकारी खजाने 1एमडीबी से हड़पी गई रकम का कई लोगों में बंटवारा हुआ। एक बदनाम फाइनेंसर झो लो का नाम विलासिता की महंगी वस्तुएं और अचल संपत्ति खरीदने में सामने आया था। इस रकम से पिकासो की पेटिंग, निजी जेट विमान, सुपरयाट, होटल, जेवरात खरीदे गए। 2013 में हॉलीवुड फिल्म ‘द वुल्फ ऑफ वॉल स्ट्रीट’ को फाइनेंस किया गया था।

रजक के साथ देश में कई बातें हुईं पहली बार
राजनीतिक जोखिम परामर्शदाता बोवर ग्रुप एशिया के निदेशक अदीब जलकापली ने कहा, अप्रत्याशित रूप से नजीब रजक देश में अपने साथ कई बातें पहली बार होने के लिए याद किए जाएंगे। वह पहले प्रधानमंत्री हैं, जो आम चुनाव हारा। पहले पूर्व प्रधानमंत्री हैं, जिसे दोषी ठहराया गया है।

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