सुल्तान ने कहा, सरकार का हड़बड़ी में उठाया गया यह कदम कानून के शासन के खिलाफ है। सुल्तान के बयान के फौरन बाद संसद में हंगामा हो गया, विपक्षी सांसदों ने ‘राजद्रोह’ के आरोप लगाए और प्रधानमंत्री के इस्तीफे की मांग की।
मलयेशिया के सुल्तान अब्दुल्ला सुल्तान अहमद शाह ने कोरोना संबंधी आपात कदमों पर संसद को गुमराह करने को लेकर प्रधानमंत्री मुहीद्दीन यासिन की सरकार को फटकार लगाई है।
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सुल्तान ने कानून मंत्री के संसद में दिए उस बयान पर आपत्ति जताई, जिसमें आपातकालीन अध्यादेश एक अगस्त को खत्म होने से पहले 21 जुलाई को रद्द कर देने की बात कही थी। जबकि सुल्तान ने इसे मंजूरी नहीं दी थी।
सुल्तान ने कानून मंत्री के बयान को सांसदों के लिए गलत और भ्रामक बताया। बता दें कि मुहीद्दीन ने जनवरी में आपात स्थिति की घोषणा करने के लिए शाही मंजूरी ली थी, जिससे उन्हें संसद को स्थगित करने और अध्यादेश के जरिए शासन करने की अनुमति मिल गई थी।
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इस साल पहली बार सोमवार को संसद का सत्र आरंभ हुआ, लेकिन सरकार ने कहा कि पांच दिवसीय विशेष सत्र में सांसदों को सिर्फ महामारी पर जानकारी दी जाएगी और कोई अन्य प्रस्ताव पेश करने की अनुमति नहीं होगी।
कमजोर होगी मलयेशिया सरकार
विपक्षी नेता अनवर इब्राहिम ने कहा, सुल्तान के बयान से स्पष्ट होता है कि मुहीद्दीन नीत मंत्रिमंडल ने शाही संस्था का अपमान किया कानून मंत्री ने झूठ बोलकर मलयेशियाई नागरिकों को गुमराह किया। विशेषज्ञों ने कहा है कि सुल्तान द्वारा लगाई गई यह फटकार अभूतपूर्व घटना है। इससे मुहीद्दीन सरकार की स्थिति कमजोर होगी, जो मार्च 2020 में संसद में क्षीण बहुमत के साथ सत्ता में आई थी।