कोरोना वायरस से संक्रमित होने के बाद हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन दवा का इस्तेमाल इसे रोकने में पूरी तरह से फेल हो गया है। वैज्ञानिकों द्वारा किए गए क्लीनिकल ट्रायल के नतीजों ने इस बात पर मुहर लगाई है कि मलेरिया की यह दवा कोरोना से बचाने में कारगर नहीं है।
बता दें कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन दवा की पैरवी करते रहे हैं। उन्होंने कहा था कि इस दवा को इस्तेमाल करते रहने से कोरोना से बचा जा सकता है। लेकिन यूनिवर्सिटी ऑफ मिनेसोटा के वैज्ञानिकों की एक टीम ने द्वारा अमेरिका और कनाडा के 821 लोगों पर परीक्षण किया, जिसके बाद ये बात सामने आई है कि ये प्लैकिबो से बेहतर नहीं है।
ये शोध ‘न्यू इंग्लैंड जर्नल ऑफ मेडिसिन’ में प्रकाशित हुआ है। हालांकि, इस दवा के अत्यधिक गंभीर नुकसान नहीं हैं। लेकिन लगभग 40 प्रतिशत तक साइड इफेक्ट देखे गए हैं। इससे होने वाली समस्याओं में से कई पेट की बीमारियों से जुड़ी थीं।