Pakistan: तालिबान के हमले के बाद मलाला यूसुफजई ने पहली बार खैबर पख्तूनख्वा का दौरा किया और अपने परिवार से मुलाकात की। उन्होंने स्थानीय स्कूल और कॉलेज का भी दौरा किया और छात्रों को शिक्षा के लिए प्रेरित किया।
पाकिस्तान की पहली नोबेल पुरस्कार से सम्मानित मलाला यूसुफजई ने बुधवार को खैबर पख्तूनख्वा का दौरा किया। तालिबान के हमले के बाद अपने गृहनगर की यह उनकी पहली यात्रा थी। उन्होंने अपने परिवार के सदस्यों से मुलाकात की।
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समाचार पत्र 'डॉन' की खबर के मुताबिक, मलाला हेलीकॉप्टर से खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के शांगला जिले के बरकाना पहुंचीं, जहां उन्होंने अपने चाचा रमजान से मुलाकात की, जिनकी हाल ही में दिल की समस्या के बाद इस्लामाबाद में सर्जरी हुई है। मलाला ने अपने पूर्वजों की कब्रगाह का भी दौरा किया। स्थानीय थाना प्रभारी अमजद आलम खान ने बताया कि मलाला के साथ उनके पिता जियाउद्दीन यूसुफजई और उनके पति असीर मलिक भी थे। असीर मलिक और मलाला ने 2021 में शादी की थी।
आलम खान ने बताया कि मलाला ने बरकाना में 2018 में बनाए गए स्कूल और कॉलेज का भी दौरा किया, जहां उन्होंने करीब एक हजार लड़कियों को निशुल्क शिक्षा प्रदान की। इस इलाके में एक भी सरकारी स्कूल नहीं था। उन्होंने बताया कि मलाला ने छात्रों से मुलाकात की, कक्षाओं का निरीक्षण किया और छात्रों को पढ़ाई करने और अपना उज्ज्वल भविष्य बनाने के लिए प्रेरित किया। मलाला फंड कॉलेज में मुफ्त उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा सुनिश्चित करेगा।
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मलाला ने अपने नाना-नानी के घर का भी दौरा किया। इस दौरान 'जिंदगी' ट्रस्ट के तहत शांगला बालिका स्कूल और कॉलेज चलाने वाले शहजाद रॉय भी वहां मौजूद थे। उन्होंने मलाला की ओर से प्रदान की जाने वाली सुविधाओं की जानकारी दी। मलाला अपनी छोटी सी यात्रा के बाद इस्लामाबाद लौटी।
तालिबान के हमले के बाद 2018 में उन्होंने पाकिस्तान की पहली यात्रा की थी। इसके बाद 2022 में उन्होंने पाकिस्तान का दौरा किया था और बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा किया था और पीड़ितों से मुलाकात की थी। उन्होंने इस साल जनवरी में इस्लामाबाद में आयोजित अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में भी भाग लिया था, जो मुस्लिम समुदाय की लड़कियों की शिक्षा पर केंद्रित था।