यूरोप के कई देशों में बिजली गुल हो गई है। जिसमें मुख्यत: फ्रांस, स्पेन और पुर्तगाल जैसे देश शामिल हैं। जानकारी के मुताबिक, स्पेन और पुर्तगाल में सोमवार को बिजली की बड़ी कटौती हुई, जिसमें उनकी राजधानी भी शामिल थीं, जिससे मेट्रो नेटवर्क, फोन लाइन, ट्रैफिक लाइट और एटीएम मशीनें ठप हो गईं। वहां इतने बड़े पैमाने पर बिजली कटौती होना बहुत ही दुर्लभ है। वहीं इस मामले में स्पेन की जनरेटर रेड इलेक्ट्रिका ने कहा कि इससे इबेरियन प्रायद्वीप प्रभावित हुआ है और घटना का आकलन किया जा रहा है।
स्पेन में अंधेरे में डूब गए मेट्रो स्टेशन
इन देशों की कुल आबादी 50 मिलियन से ज्यादा है। यह तुरंत स्पष्ट नहीं हो पाया कि कितने लोग प्रभावित हुए हैं। स्पेन के सार्वजनिक प्रसारक आरटीवीई ने कहा कि स्थानीय समयानुसार दोपहर के बाद देश के कई क्षेत्रों में बिजली की बड़ी कटौती हुई, जिससे उसका न्यूजरूम, मैड्रिड में स्पेन की संसद और देश भर के मेट्रो स्टेशन अंधेरे में डूब गए। स्पेन की बिजली नेटवर्क वेबसाइट पर देश भर में मांग को दर्शाने वाला एक ग्राफ दोपहर 12.15 बजे के आसपास 27,500 मेगावाट से गिरकर 15,000 मेगावाट के करीब पहुंच गया। कुछ घंटों बाद, स्पेन के बिजली नेटवर्क ऑपरेटर ने कहा कि वह प्रायद्वीप के उत्तर और दक्षिण में बिजली बहाल कर रहा है, जिससे देश भर में बिजली आपूर्ति को धीरे-धीरे बहाल करने में मदद मिलेगी।
यह भी पढ़ें -
China: 'शी जिनपिंग और डोनाल्ड ट्रंप की फोन पर नहीं हुई कोई बात', चीन ने खारिज किया अमेरिकी राष्ट्रपति का दावा
यूरोपीय बिजली प्रणाली में समस्या थी वजह
पुर्तगाल, जिसकी आबादी करीब 10.6 मिलियन है, में राजधानी लिस्बन और आसपास के इलाकों के साथ-साथ देश के उत्तरी और दक्षिणी हिस्सों में बिजली गुल हो गई। पुर्तगाल की सरकार ने कहा कि यह घटना देश के बाहर की समस्याओं से उपजी है। वहीं कैबिनेट मंत्री लेइटाओ अमारो के हवाले से कहा गया कि, 'ऐसा लगता है कि यह स्पेन में वितरण नेटवर्क के साथ एक समस्या थी। इसका पता लगाया जा रहा है'। पुर्तगाली वितरक ई-रेड्स ने कहा कि पुर्तगाली अखबार एक्सप्रेसो के अनुसार, 'यूरोपीय बिजली प्रणाली में एक समस्या' के कारण बिजली गुल हुई। एक्सप्रेसो के अनुसार, कंपनी ने कहा कि नेटवर्क को स्थिर करने के लिए उसे विशिष्ट क्षेत्रों में बिजली काटनी पड़ी।
ई-रेड्स ने कहा कि फ्रांस के कुछ हिस्से भी प्रभावित हुए। रिपोर्ट के अनुसार, लिस्बन की कई मेट्रो कारों को खाली कराया गया। पुर्तगाल में भी अदालतों ने काम बंद कर दिया और एटीएम तथा इलेक्ट्रॉनिक भुगतान प्रणाली प्रभावित हुई। लिस्बन में ट्रैफिक लाइटें काम करना बंद कर दिया। मोबाइल फोन नेटवर्क पर कॉल करना संभव नहीं था, हालांकि कुछ ऐप काम कर रहे थे।
अन्य देशों पर भी पड़ा असर
स्पेन और पुर्तगाल के अलावा अंडोरा और फ्रांस के सीमावर्ती इलाकों में भी ब्लैकआउट की सूचना है। कुछ रिपोर्टों के अनुसार, बेल्जियम तक भी बिजली संकट का असर देखा गया। वहीं स्पेन की सरकार ने इस आपात स्थिति पर नजर रखने के लिए एक आपात बैठक भी बुलाई है।
यह भी पढ़ें -
Gaza: गाजा में मदद रोकने पर संयुक्त राष्ट्र न्यायालय में सुनवाई शुरू, इस्राइली विदेश मंत्री ने बताया उत्पीड़न
क्या है बिजली गुल होने की वजह?
बिजली संकट का मुख्य कारण अभी साफ नहीं है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, यूरोपीय बिजली ग्रिड में गड़बड़ी के चलते स्पेन और पुर्तगाल के नेशनल ग्रिड प्रभावित हुए। इसके साथ ही, एक अन्य संभावना यह भी बताई जा रही है कि फ्रांस के दक्षिण-पश्चिम इलाके में अलारिक पर्वत के पास एक आग लगी थी, जिससे पर्पिन्यन और नर्बोन के बीच एक हाई वोल्टेज लाइन को नुकसान हुआ और इसका असर पूरे यूरोप में महसूस हुआ।
छह से 10 घंटे में बहाल हो सकती है बिजली
वहीं इस मामले में स्पेन की बिजली वितरक कंपनी रेड इलेक्ट्रिका ने कहा कि पुर्तगाल में भी बड़े पैमाने पर बिजली कटौती के बाद देश के बड़े हिस्से में बिजली बहाल करने में छह से 10 घंटे लग सकते हैं। कंपनी ने ब्लैकआउट के कारणों के बारे में अटकलें लगाने से इनकार कर दिया।
यूरोपीय पावर ग्रिड में समस्या के कारण बिजली गुल हुई- प्रधानमंत्री
स्पेन के प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज ने सोमवार को कहा कि यूरोपीय ग्रिड में समस्या के कारण स्पेन, पुर्तगाल और फ्रांस के कुछ हिस्सों में बिजली गुल हो गई, लेकिन इसका कारण अभी भी पता लगाया जा रहा है। स्पेनिश नेता ने जनता से अटकलें लगाने से बचने को कहा और कहा कि बिजली गुल होने के कारण के बारे में किसी भी सिद्धांत को खारिज नहीं किया गया है। सांचेज ने फ्रांस और मोरक्को की सरकारों को धन्यवाद दिया, जहां से उत्तरी और दक्षिणी स्पेन में बिजली बहाल करने के लिए ऊर्जा खींची जा रही है।