विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि भारत के लिए लक्जमबर्ग एक 'बहुत अहम' साझेदार है और दोनों देश फिनटेक, अंतरिक्ष और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) जैसे क्षेत्रों में आपसी सहयोग बढ़ा सकते हैं। जयशंकर ने यह बात मंगलवार को लक्जमबर्ग में कही।
जयशंकर इस समय फ्रांस और लक्जमबर्ग की छह दिवसीय यात्रा पर हैं। उन्होंने लक्जमबर्ग के प्रधानमंत्री लुक फ्रीडन से मुलाकात की और वित्त, निवेश और तकनीक जैसे क्षेत्रों में बढ़ते द्विपक्षीय सहयोग पर चर्चा की।
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उन्होंने लक्जमबर्ग के उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री जेवियर बेटल के साथ प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता भी की। इस बैठक की शुरुआत में जयशंकर ने कहा कि भारत लक्जमबर्ग को द्विपक्षीय स्तर पर और यूरोपीय संघ (ईयू) के भीतर भी एक बहुत अहम साझेदार मानता है, खासकर ऐसे समय में जब भारत-ईयू संबंध एक अहम दौर से गुजर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि भारत-ईयू संबंधों को आकार देने में लक्जमबर्ग का प्रभाव और उसका समर्थन भारत के लिए बहुत कीमती है। विदेश मंत्री ने कहा कि दोनों देशों के बीच व्यापार पहले से ही मजबूत है। लेकिन इसके अलावा फिनटेक, अंतरिक्ष, डिजिटल क्षेत्र और एआई जैसे कई अहम विषयों पर और ज्यादा सहयोग की संभावना है।
प्रधानमंत्री लुक फ्रीडन से मुलाकात के दौरान जयशंकर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से शुभकामनाएं भी दीं। दोनों नेताओं ने वित्तीय सेवाओं, निवेश, तकनीक और नवाचार में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा की।
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जयशंकर ने भारत-ईयू संबंधों को मजबूत करने में लक्जमबर्ग के समर्थन के लिए प्रधानमंत्री फ्रीडन का धन्यवाद किया। वहीं, फ्रीडन ने कहा कि भारतीय विदेश मंत्री के साथ उनकी बातचीत अच्छी रही और इसमें द्विपक्षीय संबंधों और वैश्विक मुद्दों पर चर्चा हुई।
जयशंकर ने लक्जमबर्ग के ग्रैंड ड्यूक गुइयोम से भी मुलाकात की। उन्होंने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की ओर से शुभकामनाएं दीं और भारत के प्रति उनके सकारात्मक दृष्टिकोण और द्विपक्षीय साझेदारी को गहरा करने की भावना की सराहना की। लक्जमबर्ग की यात्रा के दौरान जयशंकर वहां रह रहे भारतीय समुदाय के सदस्यों से भी मुलाकात करेंगे।