अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गाजा संघर्ष को खत्म करने के लिए उनके शांति प्रस्ताव के समर्थन के लिए विश्व नेताओं को धन्यवाद दिया है। अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा है कि वे बंधकों को घर लौटते हुए देखने के लिए उत्सुक हैं। हालांकि ट्रंप ने यह भी स्वीकार किया कि कुछ (बंधकों) की हालत गंभीर हो सकती है।
व्हाइट हाउस की ओर से शनिवार को साझा किए गए एक वीडियो संदेश में, ट्रंप ने शांति समझौते को सुनिश्चित करने में मदद के लिए कतर, तुर्की, सऊदी अरब, मिस्र और जॉर्डन जैसे देशों के प्रति आभार जताया। ट्रंप ने कहा कि कहा कि इसे संभव बनाने के लिए कई लोगों ने बहुत मेहनत की है और यह एक महत्वपूर्ण दिन है।
ट्रंप ने अपने बयान में इन देशों का जताया आभार
अपने वीडियो संदेश में ट्रंप ने कहा, "मैं उन देशों का शुक्रिया अदा करना चाहता हूँ जिन्होंने इसे एक साथ लाने में मेरी मदद की - कतर, तुर्की, सऊदी अरब, मिस्र, जॉर्डन और कई अन्य। इतने सारे लोगों ने बहुत कड़ा संघर्ष किया। यह एक बड़ा दिन है।"
अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि शांति समझौता निकट है। कई देश मध्य पूर्व में युद्ध समाप्त करने व शांति स्थापित करने के लिए एकजुट हैं। ट्रंप ने कहा, "मैं बंधकों के अपने माता-पिता के पास घर लौटने का इंतजार कर रहा हूं।"दुर्भाग्य से, आप जानते हैं कि कुछ बंधक किस हालत में हैं। उनके माता-पिता भी उन्हें उतना ही चाहते हैं जितना कि उस युवक या युवती के जीवित रहते हुए उन्हें चाहतेथे। इसलिए मैं आपको बताना चाहता हूं कि यह एक बहुत ही खास दिन है, शायद कई मायनों में अभूतपूर्व।"
हर कोई मध्य पूर्व में शांति हासिल करने की दिशा में एकजुट: ट्रंप
ट्रंप ने कहा, "हमें बहुत अधिक सहायता मिली। हर कोई इस युद्ध के अंत और मध्य पूर्व में शांति हासिल करने की दिशा में एकजुट था, और हम इसे प्राप्त करने के बहुत करीब हैं।" ट्रंप की ओर से ट्रुथ पर एक सोशल पोस्ट में की गई टिप्पणी के तुरंत बाद आई।
अपने पोस्ट में ट्रंप ने लिखा था, "हमास की ओर से हाल ही में जारी बयान के आधार पर, मेरा मानना है कि वे स्थायी शांति के लिए तैयार हैं। इस्राइल को गाजा पर बमबारी तुरंत रोकनी चाहिए, ताकि हम बंधकों को सुरक्षित और जल्दी से बाहर निकाल सकें! अभी ऐसा करना बहुत खतरनाक है। हम पहले से ही इस पर चर्चा कर रहे हैं कि किन विवरणों पर काम किया जाना है। यह केवल गाजा के बारे में नहीं है, यह मध्य पूर्व में लंबे समय से मांगी जा रही शांति के बारे में है।"