टाइटैनिक जहाज के डूबने से कुछ दिन पहले लिखा गया एक अनमोल खत नीलामी में 3 लाख पाउंड (करीब ₹3.41 करोड़ भारतीय रुपया) में बिका। यह खत टाइटैनिक के एक जीवित बचे यात्री आर्चीबाल्ड ग्रेसी ने 10 अप्रैल, 1912 को अपने परदादा को लिखा था। इस खत में ग्रेसी ने लिखा था यह एक बढ़िया जहाज है, लेकिन मैं इस पर कोई फैसला यात्रा खत्म होने के बाद ही करूंगा।
बता दें कि यह खत इंग्लैंड के विल्टशायर में स्थित 'हेनरी एल्ड्रिज एंड सन' नीलामी घर में बेचा गया। पहले इसकी कीमत 60,000 पाउंड लगाई गई थी, लेकिन यह उससे कई गुना ज्यादा में बिका। इसे अमेरिका के एक निजी संग्रहकर्ता ने खरीदा है।
ये भी पढ़ें:- Pahalgam Attack: 'आज तक हम उस विभाजन के परिणामों के साथ जी रहे हैं', पहलगाम आतंकी हमले पर बोले मणिशंकर अय्यर
जानकारों के मुताबिक, यह खत टाइटैनिक पर सवार होकर लिखा गया ग्रेसी का एकमात्र खत है। टाइटैनिक अपनी पहली यात्रा पर था जब वह एक हिमखंड से टकराकर डूब गया और इस बड़े हादसे में करीब 1,500 लोगों की मौत हो गई।
जहाज से कूद गए थे ग्रेसी
टाइटैनिक के हिमखंड से टकराने के बाद आर्चीबाल्ड ग्रेसी टाइटैनिक से कूद गए थे और एक पलटी हुई लाइफबोट पर चढ़कर बचे। बाद में उन्हें आरएमएस कार्पेथिया जहाज ने बचाया। न्यूयॉर्क लौटने के बाद उन्होंने 'द ट्रुथ अबाउट द टाइटैनिक' नाम से एक किताब लिखी, जिसमें उस रात की घटनाओं का सबसे ज्यादा वर्णन है।
ये भी पढ़ें:- Palestine: राष्ट्रपति अब्बास ने हुसैन अल-शेख को बनाया उपराष्ट्रपति; फलस्तीन के इतिहास में पहली बार हुआ ऐसा
गौरतलब है कि ग्रेसी 10 अप्रैल, 1912 को साउथेम्प्टन से टाइटैनिक पर चढ़े थे और उन्हें प्रथम श्रेणी का केबिन C51 दिया गया था। हालांकि, डूबने के दौरान लगे सदमे और ठंड से वह पूरी तरह उबर नहीं पाए और उसी साल के अंत में मधुमेह की जटिलताओं से उनकी मौत हो गई। नीलामीकर्ता एंड्रयू एल्ड्रिज ने इस खत को "एक अनमोल ऐतिहासिक दस्तावेज" बताया है।