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WEF: वैक्सीन समानता और अधिक उत्पादन सुनिश्चित करने में भारत सही उदाहरण, विश्व आर्थिक मंच पर हुई सराहना

Mon, 23 May 2022 11:01 PM IST
गौरव पाण्डेय वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, दावोस

सार

विश्व आर्थिक मंच में भारत ने कहा कि हम मानते हैं कि जब तक इस दुनिया में हर व्यक्ति सुरक्षित नहीं है तब तक कोई भारतीय भी सुरक्षित नहीं है। इसके लिए हम पूरी दुनिया में जहां भी आवश्यकता होगी वहां टीकों की आपूर्ति करेंगे।
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Representative Image - फोटो : Pixabay
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विस्तार
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विश्व आर्थिक मंच (डब्ल्यूईएफ) के नेताओं ने सोमवार को सही समय पर कोविड-19 टीकों का उत्पादन बढ़ाने और बाकी दुनिया को इसकी आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए भारत की जमकर सराहना की। उन्होंने कहा कि वैक्सीन समानता और व्यापक टीकाकरण सुनिश्चित करने के लिए सभी को भारतीय मॉडल अपनाना चाहिए। 

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भारत ने दुनिया को यह आश्वासन भी दिया है कि वह वैश्विक टीका राजधानी बनने के लिए प्रतिबद्ध है और अब ऐसी स्थिति में है कि वह अन्य देशों को टीकों की पर्याप्त आपूर्ति कर सकता है।

वेलकम ट्रस्ट के निदेशक जेरेमी फरार ने कहा कि भारत को अपनी टीका उत्पादन क्षमताएं बढ़ाने के लिए बड़ा श्रेय जाता है। टीका गठबंधन गावी के सीईओ सेठ एफ बर्कली ने कहा कि भारतीय टीका निर्माताओं ने इस बात को समझा कि टीकों की उपलब्धता को व्यापक बनाने के लिए उद्योग को अपने प्रयास बढ़ाने की जरूरत है।
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ऑक्सफैम इंटरनेशनल की कार्यकारी निदेशक गैब्रिएला बुचर ने कहा कि टीका समानता और इनके न्यायसंगत वितरण व उपयोग (वैक्सीन इक्विटी) से संबंधित वर्तमान मॉडल मुझे सबसे अधिक चिंतित करता है। जिस रफ्तार से टीके बने वह सराहनी है लेकिन किसी कारण से ये कई गरीब, कम विकसित देशों तक नहीं पहुंच पाए।

बुचर ने कहा कि भारत एक अच्छा उदाहरण रहा है और वैक्सीन समानता, इक्विटी और सभी तक उनकी उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए सभी को इसी राह पर चलना चाहिए।

'भारत दुनिया की वैक्सीन कैपिटन बनने के लिए प्रतिबद्ध'
इस कार्यक्रम में नीति आयोग के सीईओ अमिताभ कांत भी मौजूद रहे। उन्होंने कहा कि जब कोरोना वायरस की दूसरी लहर ने प्रभावित किया था, हमारे लिए अपनी विशाल आबादी की देखभाल करना बहुत जरूरी था और उस समय हमारे पास केवल दो टीका उत्पादक थे। कांत ने कहा कि अह हमारे पास 10 टीका निर्माता हैं। 

अमिताभ कांत ने कहा कि 14 और टीके विकास के विभिन्न चरणों में हैं और हम दुनिया की वैक्सीन कैपिटन बनने के लिए प्रतिबद्ध हैं। हम मानते हैं कि जब तक इस दुनिया में हर व्यक्ति सुरक्षित नहीं है तब तक कोई भारतीय भी सुरक्षित नहीं है। इसके लिए हम पूरी दुनिया में जहां भी आवश्यकता होगी वहां टीकों की आपूर्ति करेंगे।

तेलंगाना को मिला बड़ा निवेश
स्विट्जरलैंड के दावोस में विश्व आर्थिक मंच (WEF) शिखर सम्मेलन के पहले दिन कई कंपनियां तेलंगाना में निवेश करने के लिए आगे आई हैं, जिसमें लुलु समूह ने 500 करोड़ रुपये का निवेश करने की घोषणा की है, जबकि स्पेन की केमो फार्मा ने अपनी हैदराबाद साइट में 100 करोड़ रुपये का निवेश करने की घोषणा की है। अगले दो वर्षों में विस्तार होगा। तेलंगाना के आईटी और उद्योग मंत्री केटी रामा राव यहां तेलंगाना प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे हैं। उन्होंने तेलंगाना मंडप में विभिन्न उद्योग जगत के नेताओं के साथ कई बैठकें कीं और कई कंपनियां मंत्री के साथ अपनी बैठकों के बाद तेलंगाना में निवेश करने के लिए आगे आई हैं। एक आधिकारिक विज्ञप्ति में सोमवार को यहां कहा गया। लुलु समूह 500 करोड़ रुपये के निवेश से तेलंगाना में खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में अपना परिचालन शुरू करेगा। निवेश की घोषणा केटीआर के नाम से मशहूर रामा राव और दावोस में कंपनी के प्रमुख युसूफ अली के बीच एक बैठक के दौरान की गई।

कर्नाटक में 2000 हजार करोड़ रुपये का निवेश करेगी लुलु ग्रुप
कर्नाटक सरकार ने सोमवार को स्विट्जरलैंड के दावोस में हो रही वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (WEF) की बैठक में मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई की उपस्थिति में 2,000 करोड़ रुपये के निवेश के लिए लुलु इंटरनेशनल ग्रुप के साथ एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए। मुख्यमंत्री ने जुबिलेंट ग्रुप, हिताची, हीरो मोटोकॉर्प, सीमेंस, डसॉल्ट सिस्टम्स और नेस्ले सहित अन्य के साथ भी बातचीत की। लुलु ग्रुप की चार शॉपिंग मॉल और हाइपरमार्केट खोलने की योजना है।

मुख्यमंत्री कार्यालय ने एक बयान में कहा कि यह कर्नाटक में निर्यात उन्मुख खाद्य इकाइयां स्थापित करने का भी इच्छुक है और परियोजनाओं से 10,000 लोगों के लिए रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद है। उद्योग मंत्री मुरुगेश निरानी, वाणिज्य एवं उद्योग विभाग में अतिरिक्त मुख्य सचिव ई वी रमना रेड्डी, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव एन मंजूनाथ प्रसाद, उद्योग विभाग के आयुक्त गुंजन कृष्णा आदि उपस्थित थे।

वैश्विक मंदी का कोई असर नहीं 
अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष के प्रबंध निदेशक का कहना है कि वैश्विक मंदी का कोई असर नहीं है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि इसकी संभावना नहीं है। विश्व आर्थिक मंच की वार्षिक सभा में सोमवार को बोलते हुए क्रिस्टालिना जॉर्जीवा ने लोगों को याद दिलाया कि आईएमएफ 2022 के लिए 3.6% की वृद्धि का अनुमान लगा रहा है, जो वैश्विक मंदी का एक लंबा रास्ता तय करता है। एक मॉडरेटर ने दर्शकों से पूछकर वैश्विक अर्थव्यवस्था के बारे में चर्चा शुरू की कि क्या उन्हें लगता है कि मंदी की संभावना है। लगभग 100 की भीड़ में से अधिकांश ने हाथ खड़े कर दिए। जॉर्जीवा का कहना है कि वैश्विक दृष्टिकोण कुछ ऐसा था जैसे दावोस में यहां के मौसम ने क्षितिज को काला कर दिया है।

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