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लश्कर के नापाक मंसूबे: क्या हमास से जुड़े PAK के आतंकी संगठन के तार? दहशत फैलाने साजिश, कमांडर ने साधा संपर्क!

Wed, 28 Jan 2026 09:41 AM IST
अमन तिवारी वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला

सार

लश्कर-ए-तैयबा के कमांडर फैसल नदीम ने हमास के नेताओं के साथ कतर और पाकिस्तान में हुई मुलाकातों को स्वीकार किया है। इन दोनों प्रतिबंधित संगठनों के बीच बढ़ता सहयोग वैश्विक सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा है। 
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आतंकी संगठन की साजिश का भंड़ाफोड़ - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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वैश्विक आतंकी संगठनों के बीच बढ़ते तालमेल को लेकर एक बड़ी जानकारी सामने आई है। पाकिस्तान स्थित लश्कर-ए-तैयबा के एक वरिष्ठ कमांडर ने सार्वजनिक रूप से हमास के साथ अपने संबंधों को स्वीकार किया है। उसने हमास के शीर्ष नेताओं के साथ हुई मुलाकातों की पुष्टि भी की है। इससे अमेरिका की ओर से आतंकी घोषित इन दोनों संगठनों के बीच बढ़ते सहयोग को लेकर दुनिया भर में चिंता बढ़ गई है।
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हमास नेता से मुलाकात की पुष्टि
पाकिस्तान मरकजी मुस्लिम लीग (पीएमएमएल) का कमांडर फैसल नदीम, जिसे लश्कर का राजनीतिक चेहरा माना जाता है। एक वीडियो में नदीम ने कबूल किया कि वह 2024 में कतर की राजधानी दोहा में हमास के वरिष्ठ नेताओं से मिला था। उसके साथ सैफुल्लाह कसूरी भी मौजूद था, जिसे जम्मू-कश्मीर के पहलगाम आतंकी हमले का मास्टरमाइंड माना जाता है। नदीम के मुताबिक, उन दोनों ने हमास नेता खालिद मशाल से मुलाकात की थी। 

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खुफिया एजेंसियों का मानना है कि यह दक्षिण एशिया और मध्य पूर्व के आतंकी नेटवर्क के बीच सीधे तालमेल का बड़ा सबूत है। एजेंसियों के अनुसार, यह खुलासा इस बात का सीधा सबूत है कि दक्षिण एशिया और मध्य पूर्व में सक्रिय आतंकी नेटवर्क अब एक साथ मिलकर काम कर रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यह गठबंधन हथियारों की सप्लाई, प्रोपेगेंडा फैलाने और एक-दूसरे के अनुभवों का फायदा उठाने के लिए बनाया गया है।

पाकिस्तान में साझा किया था सार्वजनिक मंच
यह जानकारी तब सामने आई है जब कुछ समय पहले ही पाकिस्तान के गुजरांवाला में हमास और लश्कर के नेताओं को एक साथ देखा गया था। सात जनवरी को पीएमएमएल ने एक सार्वजनिक कार्यक्रम आयोजित किया था। इस कार्यक्रम में हमास का वरिष्ठ कमांडर नाजी जहीर मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुआ था। वहीं, लश्कर कमांडर राशिद अली संधू ने एक राजनीतिक नेता के रूप में वहां हिस्सा लिया था। एक वीडियो में ये दोनों नेता एक ही मंच पर साथ बैठे दिखाई दिए थे। सुरक्षा अधिकारियों का कहना है कि आतंकियों का इस तरह सरेआम साथ आना उनके बीच बढ़ते भरोसे और गहरे रिश्तों को दर्शाता है। रिपोर्ट के मुताबिक, नाजी जहीर अक्टूबर 2023 से अब तक करीब 15 बार पाकिस्तान का दौरा कर चुका है।

अंतरराष्ट्रीय शांति के लिए बड़ा खतरा
आतंकवाद विरोधी विशेषज्ञों का कहना है कि हमास और लश्कर के बीच किसी भी तरह का तालमेल क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय शांति के लिए बहुत खतरनाक हो सकता है। खुफिया एजेंसियां इस नए गठबंधन पर कड़ी नजर रख रही हैं। भारत इस मामले को अंतरराष्ट्रीय मंचों और फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (FATF) जैसी संस्थाओं के सामने उठाने की तैयारी कर रहा है ताकि पाकिस्तान पर सख्त कार्रवाई की जा सके।
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अधिकारियों का मानना है कि ये बैठकें एक बड़े वैचारिक और सैन्य गठबंधन की कोशिश हैं। इसमें आतंकियों को ट्रेनिंग देना, फंड जुटाना और सोशल मीडिया पर नफरत फैलाना शामिल हो सकता है। यह घटनाक्रम वैश्विक आतंकी नेटवर्क में एक बड़ा और चिंताजनक बदलाव है, जो भविष्य में सुरक्षा चुनौतियों को और बढ़ा सकता है।

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