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पाकिस्तान में आतंक की पाठशाला: स्कूल में लश्कर के कमांडर का कबूलनामा, आतंकी जुबान से खुला ये बड़ा काला सच

Sat, 10 Jan 2026 11:24 PM IST
हिमांशु चंदेल वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद

सार

Pakistan Terrorism: पाकिस्तान में आतंक और सेना की सांठगांठ एक बार फिर बेनकाब हुई है। बच्चों के स्कूल में लश्कर में नंबर दो का कमांडर सैफुल्लाह कसूरी के भाषण और सेना से रिश्तों के दावे की पोल खोल दी है।
 
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आतंकी सैफुल्लाह कसूरी - फोटो : एक्स
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विस्तार
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पाकिस्तान में आतंकवाद और सेना के गठजोड़ को लेकर भारत के आरोप एक बार फिर सच साबित होते नजर आ रहे हैं। बच्चों के एक स्कूल में लश्कर-ए-तैयबा के शीर्ष आतंकियों में शामिल सैफुल्लाह कसूरी का खुले मंच से भाषण सामने आया है, जिसमें उसने न सिर्फ आतंकी संगठन की ताकत का बखान किया, बल्कि पाकिस्तानी सेना से अपने गहरे रिश्तों का भी सार्वजनिक तौर पर दावा किया है।
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पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के नंबर दो नेता सैफुल्लाह कसूरी का एक वीडियो सामने आया है, जिसमें वह बच्चों के स्कूल में मौजूद भीड़ को संबोधित करता दिख रहा है। खुफिया सूत्रों ने वीडियो को असली बताया है। इस दौरान कसूरी ने कहा कि पाकिस्तानी सेना उसे जनाजे की नमाज पढ़ाने के लिए बुलाती है और भारत उससे डरता है। यह बयान आतंकवाद को खुले संरक्षण की ओर इशारा करता है।

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स्कूलों के मंच पर आतंकी क्यों?
वीडियो में कसूरी एक सजे हुए मंच पर खड़ा नजर आता है, जहां लाल गुब्बारे लगे हैं और पीछे स्कूल का लोगो भी दिखाई देता है। किसी सभ्य समाज में बच्चों के स्कूल में आतंकी नेता का भाषण अकल्पनीय है, लेकिन पाकिस्तान में यह दृश्य सामने आया है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह बच्चों की सोच को कट्टर बनाने की खतरनाक कोशिश है। माना जा रहा है इस तरह के भाषणों से बच्चों को आतंक के रास्ते पर लाने में आसानी हो जाती है।

क्या आतंकवाद को सेना का संरक्षण हासिल है?
  • लश्कर कमांडर सैफुल्लाह कसूरी का बयान भारत के उस पुराने आरोप को मजबूत करता है कि पाकिस्तान में आतंकवाद को राज्य का संरक्षण प्राप्त है।
  • भारत पहले भी कई अंतरराष्ट्रीय मंचों पर यह मुद्दा उठाता रहा है कि पाकिस्तान की सेना आतंकियों के साथ मिलकर काम करती है।
  • कारगिल युद्ध से लेकर जम्मू-कश्मीर में हुई आतंकी घटनाओं तक, इसके कई उदाहरण सामने आते रहे हैं।
  • खुफिया एजेंसियों के अनुसार, पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में हुए ऑपरेशन सिंदूर के बाद हालात और संवेदनशील हो गए हैं।
  • पाकिस्तान समर्थित आतंकी संगठनों की गतिविधियों में तेजी दर्ज की गई है।
  • लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद नए हमलों की तैयारी में जुटे हैं।
  • स्थिति को देखते हुए भारतीय सेना और खुफिया तंत्र हाई अलर्ट पर हैं।
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उत्तरी सेना कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल प्रतीक शर्मा ने हाल ही में नियंत्रण रेखा पर सुरक्षा व्यवस्था और घुसपैठ रोधी तंत्र की समीक्षा की है। सेना ने साफ संकेत दिया है कि अगर पाकिस्तान की ओर से आतंक का निर्यात जारी रहा, तो ऑपरेशन सिंदूर का अगला चरण शुरू किया जा सकता है।

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