लद्दाख में पड़ रही भीषण ठंड ने अभी से चीनी सैनिकों का हाल बुरा कर दिया है। चीन की सेना के ज्यादातर सैनिक इतनी ठंड में रहने के लिए तैयार नहीं है और इसलिए ज्यादा से ज्यादा सैनिक बीमार पड़ रहे हैं। अक्तूबर की शुरुआत में ही लद्दाख के ऊंचाई वाले इलाकों में ठंड की मार पड़नी शुरू हो गई है।
हालांकि भारतीय सेना पहली से ही इसके लिए तैयार है, वहीं चीनी सेना भी अपने सैनिकों को गर्म कपड़े और जरूरी साजोसामान से लैस कर रही है। हांगकांग की दक्षिण चीन मॉर्निंग पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक, रविवार को पीएलए तिब्बत मिलिट्री कमांड के आधिकारिक वीचैट अकाउंट पर इससे संबंधित एक पोस्ट किया था।
इस पोस्ट में चीनी सैनिक थर्मल जैकेट, जूते और ओवरकोट के साथ बाहर निकलते हुए दिखाई दे रहे हैं। इसके अलावा चीनी सैनिकों के पास थ्री इन वन स्लीपिंग मैट, स्लीपिंग बैग और टेंट दिखाई दिए। ऐसा दावा किया जा रहा है कि माइनस 40 डिग्री सेल्सियस तापमान में इन उपकरणों का इस्तेमाल किया जाता है।
इस वीडियो के साथ चीनी सेना ने लिखा कि पीएलए की तिब्बत सैन्य कमान ने हाल ही में अपने सर्दियों के उपकरणों की जांच की है। बता दें कि चीनी सेना अभी लद्दाख से हटने का इरादा नहीं रखती है, हालांकि कुछ विशेषज्ञों का कहना है कि अगर चीनी सेना ठंड में सीमा पर कोई एक्शन लेने की फिराक में है तो यह उसकी सबसे बड़ी भूल होगी।
चीनी सेना आज से पहले किसी ऑपरेशनल पोस्ट पर इतनी ऊंचाई पर स्थित नहीं हुई है, लेकिन भारतीय सेना ऐसे हालात के लिए खुद को ढाल चुकी है। भारतीय सेना भीषण ठंड में लड़ने के लिए कई तरह के उपकरणों का इस्तेमाल करती है। हालांकि चीनी विदेश मंत्रालय पहले ही ठंड के दिनों में अपनी सेना का वापस बुलाने की बात कह चुका है।