ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने मंगलवार को अमेरिका की आलोचना की। उन्होंने कहा कि वाशिंगटन के कदमों से भरोसे में कमी शांति कायम होने में सबसे बड़ी बाधा है। अराघची ने यह बात तेहरान में नॉर्वे के उप-विदेश मंत्री के साथ बैठक के दौरान कही। ईरानी सरकारी प्रसारक प्रेस टीवी ने यह जानकारी दी।
अब्बास अराघची ने क्या आरोप लगाए?
प्रेस टीवी के मुताबिक,अराघची ने अमेरिकी पक्ष के कथित अहंकारी रुख और धमकी भरी तथा भड़काऊ भाषा की आलोचना की। उन्होंने कहा कि अमेरिका की नीयत में कमी और बेईमानी ही युद्ध को पूरी तरह खत्म करने में सबसे बड़ी बाधा है। उन्होंने कहा, ईरान पर अमेरिका और इस्राइल के सैन्य हमले ही मौजूदा स्थिति और होर्मुज जलडमरूमध्य में तनाव की मुख्य वजह हैं। उन्होंने यह भी कहा कि ईरान के समुद्री बंदरगाहों की लगातार नाकेबंदी करके कई बार युद्धविराम का उल्लंघन किया गया है। अराघची ने कहा, होर्मुज जलडमरूमध्य के तटीय देश के रूप में ईरान अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुसार वहां की व्यवस्थाओं और नियमों को तय करने के लिए विचार-विमर्श कर रहा है।
ईरान के विदेश मंत्रालय ने क्या कहा?
इस बीच, ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने बुधवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट किया। इसमें उन्होंने कहा कि ईरान के खिलाफ अमेरिका-इस्राइल का हमला केवल जमीन, संसाधनों या भू-राजनीति का युद्ध नहीं है, बल्कि यह ऐसा युद्ध है जो वर्तमान और भविष्य में 'अच्छाई' और 'बुराई' के मायने तय करेगा। बघाई ने दोनों देशों पर युद्ध विराम के नियमों का उल्लंघन करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि यह संघर्ष ईरान पर थोपा गया है।
उन्होंने कहा, हमारे शांतिप्रिय देश पर जो थोपा गया है, वह सिर्फ एक और संघर्ष नहीं है। एक तरफ वे लोग हैं जो युद्ध के हर कानून और इंसानी मर्यादा का उल्लंघन करने में खुशी महसूस करते हैं। वे मनोरंजन के लिए हत्या करते हैं। परिवारों को तकलीफ देने के लिए बच्चों को मारते हैं। महिलाओं के स्पोर्ट्स हॉल पर नई मिसाइलें सिर्फ उनकी ताकत जांचने के लिए दागते हैं। निहत्थे जहाजों को डुबोने पर गर्व करते हैं। दूसरी तरफ वे हैं जो निर्दोष लोगों की जान बचाने के लिए हरसंभव कोशिश करते हैं।
'शांतिपूर्ण तरीके से या किसी भी तरह' जीत जाएगा अमेरिका: ट्रंप
वहीं, चीन रवाना होने से पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फिर दावा किया कि ईरानी सेना पूरी तरह कमजोर हो चुकी है। उन्होंने दावा किया कि अमेरिका यह युद्ध 'शांतिपूर्ण तरीके से या किसी भी तरह' जीत जाएगा। ट्रंप ने कहा,'हम इसे किसी भी तरह जीतेंगे। हम इसे शांति से या किसी और तरीके से जीतेंगे। उनकी नौसेना खत्म हो चुकी है। उनकी वायुसेना खत्म हो चुकी है। उनकी युद्ध की ताकत का हर हिस्सा खत्म हो चुका है।
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ट्रंप ने यूएई के राष्ट्रपति से फोन पर बातचीत की
क्षेत्र में लगातार बदलते हालात के बीच संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के राष्ट्रपति मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान से अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फोन पर बातचीत की। इस दौरान दोनों नेताओं ने रणनीतिक सहयोग और यूएई-अमेरिका संबंधों को मजबूत करने के तरीकों पर चर्चा की। यह जानकारी अमीरात समाचार एजेंसी डब्ल्यूएएम ने दी। डब्ल्यूएएम के मुताबिक, दोनों नेताओं ने पश्चिम एशिया के ताजा घटनाक्रमों पर भी विचार-विमर्श किया।
समाचार एजेंसी डब्ल्यूएएम ने बताया कि राष्ट्रपति अल नाहयान के साथ सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान बिन अब्दुलअजीज अल सऊद की अलग से फोन पर बातचीत हुई। फोन पर दोनों नेताओं ने आपसी संबंधों और दोनों देशों के बीच सहयोग तथा समन्वय के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की। उन्होंने क्षेत्रीय घटनाक्रम, उनके क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा तथा स्थिरता पर पड़ने वाले गंभीर प्रभावों और उनसे निपटने के जारी प्रयासों की भी समीक्षा की।