वहीं, फेसबुक ने कहा है कि जब बीबीसी से उसने संपर्क किया तो उसने इस मामले में कार्रवाई की। उसका कहना है कि उसने इस तरह की सामग्री को फेसबुक और इंस्टाग्राम से हटा दिया है और गुलामों के ऑनलाइन बाजार के लिए नए अकाउंट का इस्तेमाल न हो इसके लिए प्रतिबंधित किया जाएगा।
ऐसा लगता है कि घरेलू कर्मियों को खरीदने और बेचने वाले इस तरह के कई ऑनलाइन अकाउंट्स ने अब अपनी गतिविधियों को रोक दिया है। कुवैत में मेनपावर के सार्वजनिक प्राधिकरण के प्रमुख डॉक्टर मुबारक अल-अजीमी ने कहा है कि बीबीसी की रिपोर्ट में दिखाई गई एक महिला की जांच की जा रही है।
रिपोर्ट में दिखाया गया है कि यह महिला ऐप के जरिए गीनिया की एक 16 वर्षीय लड़की को बेच रही है। इस रिपोर्ट में दिखाए गए पुलिस कर्मी की भी प्राधिकरण जांच कर रहा है।
अल-अजीमी का कहना है कि गिरफ्तारियां और पीड़ितों को मुआवज़ा कार्रवाई के बाद आए निष्कर्षों के बाद ही हो पाएगा।
अमरीका के अंतरराष्ट्रीय वकील किम्बरली मॉटली ने इस मामले पर कहा, "मेरा मानना है कि ऐप डेवेलपर्स को महिला सहायिका को मुआवजा देना चाहिए। साथ ही संभवतः ऐपल और गूगल को भी देना चाहिए।''
ऐपल स्टोर पर दावा किया जाता है कि स्टोर पर सब कुछ डाले जाने के लिए वे ही जिम्मेदार है। तो हमारा सवाल यह है कि इस जिम्मेदारी का क्या मतलब है?
मोटली ने कहा है कि इन महिला कर्मियों को जो तस्करी करके लाया है उनके खिलाफ भी कुवैत में आपराधिक मामला चलना चाहिए।
गूगल और ऐपल ने कहा है कि वे अपने प्लेटफॅार्म पर अवैध गतिविधि रोकने के लिए ऐप डेवेलपर्स के साथ मिलकर काम कर रहे हैं।
बीबीसी न्यूज अरबी ने गुरुवार को अपनी अंडरकवर जांच को प्रकाशित किया था जिसमें पाया गया था कि अवैध रूप से घरेलू सहायकों को बेचने और खरीदने की तेजी से काला बाजारी बढ़ रही है।