अंतरराष्ट्रीय स्पेस स्टेशन में पिछले साल नंवबर में वाइन का एक बॉक्स और कुकीज बेक करने के लिए एक ओवन भेजा गया था। इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन में वाइन की 12 बोतलें पीने के लिए नहीं बल्कि इसलिए भेजी गई हैं ताकि यह पता लगाया जा सके कि वजन हीनता और अंतरिक्ष का प्रभाव, उम्र बढ़ाने की प्रक्रिया को कैसे प्रभावित करता है।
इस प्रयोग में बोर्दो, फ्रांस और बवेरिया, जर्मनी के विश्वविद्यालय, लक्समबर्ग स्थित स्टार्टअप स्पेस कार्गो अनलिमिटेड के साथ हिस्सा ले रहे हैं। हालांकि, अब तक वाइन के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं मिल पाई है लेकिन यूरो न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक एक साल बाद अंतरिक्ष में वाइन की उम्र की जानकारी भेजी जाएगी और फिर इसकी तुलना धरती पर एक ही तापमान (18 डिग्री सेल्सियस) में रखी गई वाइन से की जाएगी।