उत्तर कोरिया के सर्वोच्च नेता किम जोंग उन का अगला राजनीतिक वारिस कौन होगा, इसे लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बड़ी हलचल है। दक्षिण कोरियाई खुफिया एजेंसी एनआईएस यह पता लगाने में जुटी है कि क्या किम का कोई बेटा भी है। एजेंसी ने बता दिया है कि उन्हें सबसे मजबूत उत्तराधिकारी कौन नजर आ रहा है? दरअसल, दक्षिण कोरिया में सर्वोच्च नेता हमेशा से पुरुष ही बनता आया है। हालांकि किम की बेटी भी लगातार लोगों के बीच दिखती रहती हैं। आइए, विस्तार से जानते हैं कि इस पुरूष प्रधान देश में क्या कोई महिला शासक बनेगी...
उत्तर कोरिया की सत्ता के शीर्ष नेतृत्व और भविष्य के उत्तराधिकार को लेकर दक्षिण कोरिया की राष्ट्रीय खुफिया सेवा यानी एनआईएस ने एक बड़ा और बेहद अहम खुलासा किया है। दक्षिण कोरियाई जासूसी एजेंसी इस बात की पुष्टि करने की कोशिश कर रही है कि क्या उत्तर कोरियाई तानाशाह किम जोंग उन का कोई बेटा भी है। हालांकि एनआईएस का स्पष्ट मानना है कि अगर किम का कोई बेटा मौजूद भी है, तब भी वह अपने पिता की गद्दी संभालने की स्थिति में बिल्कुल नहीं है।
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एजेंसी ने अपने पुराने आकलन को दोहराते हुए कहा है कि किम जोंग उन की लगभग 13 साल की बेटी, जिसका नाम किम जू ए बताया जाता है, वही अपने पिता के बाद उत्तर कोरिया की बागडोर संभालने की सबसे प्रबल दावेदार नजर आ रही है। साल 2011 में अपने पिता की मौत के बाद सत्ता संभालने वाले किम जोंग उन के परिवार को लेकर जारी यह बयान वैश्विक कूटनीति में चर्चा का विषय बन गया है।
किम जोंग उन के बेटे के होने पर क्या है हकीकत?
दक्षिण कोरिया की एनआईएस ने गुरुवार को एक आधिकारिक बयान जारी कर स्पष्ट किया कि वह अभी भी इस बात की पुष्टि करने में जुटी है कि क्या किम जोंग उन की बेटी का कोई बड़ा भाई है। खुफिया एजेंसी ने यह भी बताया कि किम जोंग उन की एक और छोटी संतान है, जिसके लिंग की पुष्टि अभी तक नहीं हो पाई है।
हाल ही में दक्षिण कोरियाई मीडिया में ऐसी खबरें आई थीं कि खुफिया अधिकारियों ने तय कर लिया है कि किम की पत्नी री सोल जू से उनका कोई बेटा नहीं है। माना जा रहा है कि एनआईएस का यह नया बयान उसी मीडिया रिपोर्ट के जवाब में आया है।
साल 2023 में दक्षिण कोरिया के एक सांसद ने कहा था कि एनआईएस ने एक विधायी समिति को बताया था कि किम जू ए का एक बड़ा भाई है, लेकिन बाद में एजेंसी ने साफ किया कि वह अभी भी उत्तर कोरियाई नेता के बेटे से जुड़ी खबरों का सत्यापन करने में लगी हुई है। मौजूदा परिस्थितियों के अनुसार यदि कोई बेटा है भी, तो वह उत्तराधिकारी बनने की दौड़ में शामिल नहीं है।
क्या बेटी की मजबूत राजनीतिक स्थिति के पीछे हैं खास प्रोटोकॉल?
खुफिया एजेंसी ने अपने पिछले विस्तृत विश्लेषण में किम जू ए की सार्वजनिक गतिविधियों और उसे दिए जाने वाले विशेष राजकीय प्रोटोकॉल का हवाला दिया था। साल 2022 के अंत से ही किम की यह बेटी मिसाइल परीक्षणों और विशाल सैन्य परेडों सहित कई बड़े और महत्वपूर्ण कार्यक्रमों में अपने पिता के साथ लगातार नजर आ रही है। उत्तर कोरिया के सरकारी मीडिया ने उसे अपने पिता की 'सबसे प्यारी' और 'सम्मानित' संतान बताया है। सरकारी मीडिया लगातार ऐसे वीडियो और तस्वीरें जारी कर रहा है जो दोनों के बीच की नजदीकी और लड़की के तेजी से बढ़ते राजनीतिक कद को साबित करते हैं। इस बेटी के नाम का खुलासा पहली बार अमेरिकी एनबीए स्टार डेनिस रोडमैन ने किया था, जिन्होंने साल 2013 में राजधानी प्योंगयांग की यात्रा के दौरान किम जोंग उन की नन्हीं बेटी को गोद में लेने की बात याद की थी।
'ह्यांगडो' शब्द वहां शीर्ष नेताओं के उत्तराधिकारियों के लिए इस्तेमाल किया जाता है।
किम जू ऐ की राजनीतिक स्थिति इतनी मजबूत कैसे बनी?
साल 2022 के अंत से ही किम जू ऐ अपने पिता किम जोंग उन के साथ देश के सबसे बड़े और महत्वपूर्ण कार्यक्रमों में लगातार दिखाई दे रही हैं, जिसने उनकी मजबूत राजनीतिक स्थिति पर मुहर लगाई है।
किम जू ऐ बड़े मिसाइल परीक्षणों और विशाल सैन्य परेडों में अपने पिता के साथ प्रमुखता से शामिल होती रही हैं।
उत्तर कोरिया के सरकारी मीडिया ने उन्हें आधिकारिक तौर पर अपने पिता की सबसे प्यारी और सम्मानित संतान कहकर संबोधित किया है।
सरकारी मीडिया ने लगातार ऐसी तस्वीरें और वीडियो जारी किए हैं जो पिता-पुत्री के करीबी रिश्ते और बेटी के तेजी से बढ़ते राजनीतिक रसूख को साबित करते हैं।
एजेंसी ने उनके सार्वजनिक कार्यक्रमों और उन्हें दिए जाने वाले विशेष राजकीय प्रोटोकॉल के गहन विश्लेषण के आधार पर उनकी दावेदारी को सबसे ठोस माना है।
किम जू ऐ के नाम की पहली जानकारी पूर्व एनबीए (NBA) स्टार डेनिस रोडमैन के बयान से मिली थी, जिन्होंने 2013 की अपनी प्योंगयांग यात्रा के दौरान किम की नन्हीं बेटी को गोद में लेने की बात कही थी।
क्या पुरुष प्रधान उत्तर कोरिया में महिला शासक को स्वीकार किया जाएगा?
उत्तर कोरिया की सत्ता के गलियारों में उत्तराधिकार को लेकर यह सवाल इसलिए सबसे ज्यादा चर्चा में है क्योंकि वहां की व्यवस्था हमेशा से गहरे पुरुष वर्चस्व और पितृसत्तात्मक सोच पर टिकी रही है। वर्ष 1948 में उत्तर कोरिया की स्थापना के बाद से आज तक देश पर शासन करने वाले तीनों नेता किम परिवार के पुरुष सदस्य ही रहे हैं, जिनमें किम जोंग उन से पहले उनके पिता किम जोंग इल और दादा किम इल सुंग शामिल थे। कुछ राजनीतिक विशेषज्ञों को इस बात पर गहरा संदेह है कि देश के शीर्ष बुजुर्ग सैन्य और प्रशासनिक अधिकारी किसी महिला के आदेश और कमान को आसानी से स्वीकार करेंगे या नहीं। इसके साथ ही विशेषज्ञों का यह भी तर्क है कि यदि किम जू ऐ सत्ता में आती हैं और भविष्य में किसी अन्य परिवार के पुरुष से विवाह कर सत्ता अपनी संतान को सौंपती हैं, तो यह किम परिवार के इस ऐतिहासिक शासन का अंत भी साबित हो सकता है।
क्या 42 साल की उम्र में किम जोंग उन द्वारा वारिस चुनना जल्दबाजी है?
कुछ राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि किम जोंग उन की उम्र अभी महज 42 साल है और इतनी कम उम्र में अपना औपचारिक उत्तराधिकारी तय करना उनके लिए सही रणनीति नहीं हो सकती। जानकारों का कहना है कि समय से पहले किसी उत्तराधिकारी का नाम आगे बढ़ाने से खुद किम जोंग उन की अपनी असीमित और पूर्ण सत्ता कमजोर पड़ सकती है। साल 2023 में दक्षिण कोरिया के एक सांसद ने कहा था कि निस ने एक संसदीय समिति को बताया था कि किम जू ऐ का एक बड़ा भाई है, लेकिन बाद में एजेंसी ने स्पष्ट किया कि वह अभी भी किम के बेटे की मौजूदगी की खबरों की पुष्टि करने का प्रयास कर रही है। इन तमाम जांचों और कयासों के बीच यह साफ है कि वर्तमान हालात में किम जू ऐ का राजनीतिक कद बाकी सभी से ऊपर है और किम जोंग उन के बाद देश की सत्ता पर उनका दावा सबसे ज्यादा पुख्ता नजर आता है।