उत्तर कोरिया के शक्तिशाली नेता किम जोंग उन की बहन किम यो जोंग ने दक्षिण कोरिया को शनिवार को सैन्य कार्रवाई की धमकी दी है। उन्होंने दक्षिण कोरिया के साथ द्विपक्षीय संबंधों में गिरावट और सीमा पार से प्योंगयांग के खिलाफ लीफलेट को रोकने में असमर्थता को लेकर नाराजगी जाहिर की।
दक्षिण कोरिया को एक दुश्मन बताते हुए किम यो जोंग ने अपनी पहले की धमकी को दोहराते हुए कहा कि जल्द ही सीमावर्ती शहर केसोंग में एक बेकार अंतर-कोरियाई संपर्क कार्यालय को बंद किया जाएगा। किम सत्तारूढ़ वर्कर्स पार्टी की केंद्रीय समिति की पहली उप-विभाग निदेशक हैं। उन्होंने कहा कि वह उत्तर कोरिया के सैन्य अधिकारियों पर दक्षिण के खिलाफ प्रतिशोध का अगला कदम उठाने का फैसला छोड़ती हैं।
उत्तर कोरिया की आधिकारिक सेंट्रल न्यूज एजेंसी को दिए बयान में किम यो जोंग ने कहा, ‘हमारे सर्वोच्च नेता, हमारी पार्टी और राज्य द्वारा अधिकृत मेरी शक्ति का उपयोग करके मैंने शत्रु के साथ मामलों के विभाग के प्रभारी को निर्णायक कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। यदि मैं अपनी योजना के बारे कोई संकेत दूंगी जिसे लेकर दक्षिण कोरिया के अधिकारी चिंतित हैं तो बता दूं कि दुश्मन के खिलाफ अगली कार्रवाई करने का अधिकार हमारी सेना के जनरल स्टाफ को दिया जाएगा।’
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उन्होंने कहा, ‘हमारी सेना लोगों की नाराजगी को शांत करने के लिए निश्चित रूप से कुछ करेगी ऐसा मेरा विश्वास है।’ किम की यह बयानबाजी दिखाती है कि उत्तर कोरिया के नेतृत्व में उनका स्थान कितना बड़ा है। उन्हें देश की सबसे शक्तिशाली महिला माना जाता है और वह अपने भाई किम जोंग उन की करीबी हैं। राज्य मीडिया ने हाल ही में पुष्टि की कि वह अब दक्षिण कोरिया के साथ संबंधों की प्रभारी भी हैं।
केसोंग में स्थित संपर्क कार्यालय कोरोना वायरस को लेकर जारी चिंताओ की वजह से जनवरी से बंद है। इसे 2018 में किम जोंग उन और दक्षिण कोरियाई राष्ट्रपति मून जे-इन के बीच तीन शिखर सम्मेलनों में हुए समझौतों के लिए स्थापित किया गया था। मून सरकार ने किम जोंग उन और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच परमाणु शिखर सम्मेलन स्थापित करने के लिए कड़ी मेहनत की थी। साथ ही दोनों कोरियाई देशों के बीच रिश्ते सुधारने की कोशिश भी की थी।