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तानाशाह किम जोंग ने चेताया, अमेरिका है शत्रु, बढ़ाएंगे एटमी हथियार

Sat, 09 Jan 2021 06:09 AM IST
Jeet Kumar वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, सियोल।
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उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन (फाइल फोटो) - फोटो : PTI
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अमेरिका में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का कार्यकाल खत्म होने से ठीक पहले उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग-उन ने अमेरिका को चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि वे अपने परमाणु हथियारों को बढ़ाने जा रहे हैं। किम जोंग ने यह भी कहा कि अमेरिका से रिश्ते इस बात पर निर्भर करेंगे कि वह अपनी शत्रुतापूर्ण नीतियां त्यागता है या नहीं।

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उत्तर कोरिया के सरकारी मीडिया के हवाले से किम जोंग-उन ने अपने परमाणु शस्त्रागार को बढ़ाने और अधिक उन्नत परमाणु हथियार प्रणालियों को विकसित करने की चेतावनी दी। उन की यह चेतावनी सत्तारूढ़ पार्टी की एक अहम बैठक के दौरान अमेरिका में 20 जनवरी को जो बाइडन के सत्ता संभालने के ठीक पहले आई है। किम ने सत्ताधारी वर्कर्स पार्टी कांग्रेस के दौरान अपने अधिकारियों से कई हथियारों को ले जाने में सक्षम मिसाइलें, पानी के भीतर लांच होने वाली एटमी मिसाइलें, जासूसी सैटलाइट्स और परमाणु क्षमता वाली पनडुब्बियां बनाने को कहा है। उन्होंने कहा कि उत्तर कोरिया को अपने हमले की सटीकता बढ़ानी होगी और 15 हजार किलोमीटर तक मारक क्षमता विकसित करनी होगी। यह दूरी अमेरिका की ओर इशारा है। उन्होंने लंबी दूरी की मिसाइलों पर छोटे एटमी हथियार ले जाने की तकनीक विकसित करने को भी कहा है।

क्रांति में रुकावट है अमेरिका
किम ने अमेरिका को अपना सबसे बड़ा दुश्मन बताते हुए कहा है कि देश का ध्यान अमेरिका को जवाब देने पर होना चाहिए जो उसकी क्रांति में सबसे बड़ी रुकावट है। उन्होंने कहा कि कोरिया में शांति और संपन्नता तभी आएगी जब अमेरिकी सैन्य खतरे के खिलाफ रक्षा बढ़ाई जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि अमेरिका में सरकार किसकी है, कोरिया के खिलाफ उसका रुख बदलेगा नहीं।
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तैयारियां जारी
किम जोंग ने कहा कि उनका देश नए हथियारों के परीक्षण और उत्पादन की तैयारी कर रहा है। इसमें अलग-अलग आकारों का वॉरडेड शामिल है। उन्होंने हाइपरसोनिक हथियारों, ठोस ईंधन अंतरमहाद्वीपीय बैलेस्टिक मिसाइलें, जासूसी उपग्रहों और ड्रोन सहित विकासशील उपकरणों के विकास के निर्देश दिए। किम ने बताया कि एक परमाणु पनडुब्बी पर शोध लगभग पूरा हो गया है।


फिर रिश्ते बिगड़ने की ओर 
उत्तर कोरिया के तानाशाह किम जोंग उन का अमेरिका के निर्वाचित राष्ट्रपति जो बाइडन के प्रति क्या रुख होगा। इसको लेकर पूरे पूर्वी एशिया में जबरदस्त कयास लगाए जा रहे हैं। पड़ोसी देशों में अंदेशा है कि एक बार फिर अमेरिका और उत्तर कोरिया का तनाव बढ़ सकता है, जिसका असर पास-पड़ोस के देशों पर पड़ेगा।

ये बात फिर चर्चा में है कि अमेरिका के पिछले दो राष्ट्रपतियों के पद ग्रहण के मौके पर उत्तर कोरिया ने मिसाइल या परमाणु बम परीक्षण किया था। जानकारों का कहना था कि किम फिर कुछ वैसा ही कर सकते हैं। और ऐसा होता भी दिख रहा है। जो बाइडन के प्रति उनका रुख हाल में जाहिर हो गया, जब उन्होंने निर्वाचित अमेरिकी राष्ट्रपति के लिए अपशब्द का इस्तेमाल किया था। उन्होंने बाइडन को ‘रैबिड डॉग’ कह डाला।

किम जोंग उन अब दुनिया के बचे-खुचे नेताओं में हैं, जिन्होंने अभी तक बाइडन को जीत की बधाई नहीं दी है। गौरतलब है कि किम के डोनाल्ड ट्रंप से बेहतर संबंध रहे। ट्रंप ने उनसे मुलाकात की। ट्रंप उनकी तारीफ भी करते रहे। इससे किम की हैसियत दुनिया में बढ़ी। इसलिए ट्रंप की हार पर उनका दुखी होना लाजिमी माना जा रहा है।

अब संभावना यह है कि अमेरिका और उत्तर कोरिया के रिश्ते फिर से बराक ओबामा के दौर जैसे हो सकते हैं। बराक ओबामा ने उत्तर कोरिया की भड़काऊ कार्रवाइयों को अहमियत न देने की नीति अपनाई थी। लेकिन उस समय अमेरिका ने उत्तर कोरिया पर दबाव बनाए रखा था। ट्रंप के समय इसमें ढील मिली। इसका फायदा उठाकर किम सरकार ने अपनी परमाणु हथियार क्षमता बढ़ा ली है। जानकारों का कहना है कि अब मिसाइल के जरिए अमेरिका तक आक्रमण करने की क्षमता उसके पास है। 
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