उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग को रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने तोहफे में लग्जरी ऑरस सीनेट लिमोजिन कार दी है। सितंबर 2023 में रूस में किम और पुतिन की मुलाकात हुई थी। उस दौरान पुतिन ने पुतिन ने किम को अपनी ऑरस सीनेट लिमोजिन कार दिखाई थी। इसके बाद फरवरी में पुतिन ने किम के लिए यह कार प्योंगयांग भेजी थी।
उत्तर कोरिया-रूस के बीच गहरी होती दोस्ती
रूस द्वारा किम जोंग को गिफ्ट की गई कार को दोनों देशों के बीच गहरी होती दोस्ती के रूप में देखा जा रहा है। किम जोंग की बहन ने बताया कि शुक्रवार को उनके भाई ने पहली बार इस लग्जरी कार में सफर का आनंद लिया। उन्होंने कहा कि ‘यह बात साबित करती है कि उत्तर कोरिया और रूस के बीच दोस्ती गहरी होती जा रही है।’
रूस की स्थानीय मीडिया के अनुसार ऑरस लिमोजिन रुस का पहला लग्जरी कार ब्रांड है। देश के बड़े अधिकारियों के काफिले में इस कार का इस्तेमाल किया जाता है। राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने पहली बार 2018 में कार की सवारी की थी।
किम जोंग के पास लग्जरी कारों का काफिला
किम जोंग के पास विदेशी लग्जरी कारों का पूरा काफिला है। जब किम रूस गए थे तो उन्होंने अलग अलग बैठकों में जाने के लिए मेबैक लिमोजिन कार में सफर किया था। वह कार उन्हें इतनी पसंद आई थी कि उसे अपने साथ ले आए थे। किम द्वारा इस्तेमाल की गई अन्य कारों में एक मर्सडीज मेबैक एस 600 पुलमैन गार्ड और एक मेबैक एस 62 हैं।
‘संयुक्त राष्ट्र के प्रस्ताव का उल्लंघन’
उधर पर्यवेक्षकों ने रूस द्वारा किम जोंग को दिए गए तोहफे को संयुक्त राष्ट्र के प्रस्ताव का उल्लंघन बताया है। दरअसल संयुक्त राष्ट्र में एक प्रस्ताव पास हुआ था। इस प्रस्ताव में बताया गया था कि रुस किसी भी तरह के लग्जरी सामान को उत्तर कोरिया नहीं भेज सकता। इस प्रस्ताव का उद्देश्य यह था कि किम जोंग अपने परमाणु विस्तार योजना को रोकें। इसके बावजूद यह देखने को मिला है कि उत्तर कोरिया और रूस पिछले वर्ष तेजी से करीब आ गए। दरअसल एक तरफ उत्तर कोरिया ने अपने परमाणु कार्यक्रमों को आगे बढ़ाया तो दूसरी तरफ रूस ने यूक्रेन पर आक्रमण जारी रखा। अमेरिका और दक्षिण कोरिया ने इस बात पर चिंता जताई है कि उत्तर कोरिया तकनीकी के बदले में रूस को हथियारों की आपूर्ति कर रहा है। रूस इन हथियारों का इस्तेमाल यूक्रेन के खिलाफ युद्ध में कर रहा है।
दक्षिण कोरिया के एकीकरण मंत्रालय का कहना है कि 'रूस द्वारा किम जोंग को दिया गया लग्जरी तोहफा भी संयुक्त राष्ट्र के प्रस्तावों का उल्लंघन है। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद का स्थाई सदस्य के रूप में रूस को अपनी जिम्मेदारी समझनी चाहिए और अंतरराष्ट्रीय मानदंडों को कमजोर करने वाले काम नहीं करने चाहिए'