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पाकिस्तान: पूर्व सीएम सोहेल अफरीदी हिरासत में लिए गए, कमरे का दरवाजा तोड़कर पहुंची पुलिस; क्या है पूरा मामला?

Wed, 14 Oct 2026 09:55 PM IST
हिमांशु सिंह चंदेल वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद

सार

पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा के पूर्व मुख्यमंत्री सोहेल अफरीदी को उनके सरकारी आवास से हिरासत में लिया गया। पुलिस का कहना है कि कमरे का दरवाजा तोड़कर उन्हें सुरक्षित स्थान पर ले जाया गया, जबकि उनके भाई ने इसे अपहरण बताया है। प्रांत में आपातकाल और गवर्नर शासन भी लागू है। ऐसे में अफरीदी कहां हैं और क्या पेशावर हाईकोर्ट उनकी सुरक्षित वापसी का आदेश देगा?
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पीटीआई नेताओं पर कार्रवाई के बीच पूर्व सीएम हिरासत में - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
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पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के पूर्व मुख्यमंत्री सोहेल अफरीदी को उनके आधिकारिक आवास से पुलिस ने हिरासत में लिया। एक पुलिस अधिकारी के मुताबिक, अफरीदी के कमरे का दरवाजा तोड़कर अंदर प्रवेश किया गया और बाद में उन्हें सुरक्षा घेरे में लेकर एक अज्ञात सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया। यह कार्रवाई ऐसे समय हुई, जब पाकिस्तान में इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) उनके समर्थन में प्रदर्शन कर रही थी। अफरीदी इमरान खान की रिहाई और उन्हें इलाज की सुविधा देने की मांग उठा रहे थे।

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पुलिस अधिकारी ने बताया कि पीटीआई नेताओं को सुरक्षा हिरासत में लेने का अभियान रविवार दोपहर शुरू हुआ और करीब दो घंटे में पूरा कर लिया गया। अधिकारी के अनुसार, अफरीदी उस समय कमरे में अकेले थे। पुलिस ने दरवाजा तोड़कर प्रवेश किया, लेकिन उन्हें न तो हथकड़ी लगाई गई और न ही जेल वैन में बैठाया गया। पुलिसकर्मी करीब 45 मिनट तक कमरे में उनके साथ रहे और बातचीत की। इसके बाद उन्हें एक वाहन से सुरक्षित स्थान पर ले जाया गया। हालांकि, अफरीदी के भाई ने अदालत में दायर याचिका में इसे अपहरण बताया है।

खैबर पख्तूनख्वा में आपातकाल और गवर्नर शासन क्यों लगाया गया?
पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने रविवार को खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में आपातकाल घोषित किया था। इसके लिए संविधान के अनुच्छेद 232 का इस्तेमाल किया गया। इसके साथ ही अनुच्छेद 234 के तहत गवर्नर शासन भी लागू कर दिया गया। राष्ट्रपति ने इसके पीछे बढ़ते आतंकी हमलों और प्रांत में संवैधानिक व्यवस्था के कमजोर पड़ने का हवाला दिया। इस फैसले के साथ इमरान खान की पार्टी पीटीआई के नेतृत्व वाली प्रांतीय सरकार का अंत हो गया। इसी दौरान पीटीआई इमरान खान की रिहाई और उन्हें चिकित्सा सुविधा देने की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रही थी।
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सोहेल अफरीदी के अलावा किन पीटीआई नेताओं को हिरासत में लिया गया?
पुलिस अधिकारी के मुताबिक, खैबर पख्तूनख्वा विधानसभा के स्पीकर बाबर सलीम स्वाती और पीटीआई नेता जुनैद अकबर तथा खालिद खुर्शीद को भी स्पीकर के आवास से सुरक्षा हिरासत में लिया गया। इनके अलावा विधानसभा के एक सदस्य और पीटीआई के एक सोशल मीडिया कार्यकर्ता को भी हिरासत में लिया गया। पुलिस अधिकारी ने इस कार्रवाई को सुरक्षा हिरासत बताया है। दूसरी ओर, अफरीदी के भाई मुहम्मद आमिर ने पेशावर हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर उनके लापता होने पर सवाल उठाए हैं। याचिका में अफरीदी को सुरक्षित वापस लाने और उनके ठिकाने की जानकारी देने की मांग की गई है।

अफरीदी के भाई ने अदालत में क्या आरोप लगाए?
मंगलवार को दाखिल याचिका में मुहम्मद आमिर ने आरोप लगाया कि सोहेल अफरीदी को हथियारबंद और नकाबपोश लोग अपने साथ ले गए। याचिका के मुताबिक, यह कार्रवाई पेशावर के कैपिटल सिटी पुलिस अधिकारी की मौजूदगी में हुई। याचिकाकर्ता ने इसे निर्वाचित मुख्यमंत्री का अपहरण बताते हुए संविधान, कानून और मौलिक अधिकारों का गंभीर उल्लंघन करार दिया। उन्होंने अदालत से मामले पर तत्काल संज्ञान लेने और अफरीदी की सुरक्षित बरामदगी का आदेश देने की अपील की है। इससे पहले सोमवार को खैबर पख्तूनख्वा में आपातकाल और गवर्नर शासन लागू करने के फैसले को चुनौती देते हुए भी पेशावर हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की गई थी।

इमरान खान की गिरफ्तारी और पीटीआई का क्या कहना है?
पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान 73 वर्ष के हैं और 2023 से रावलपिंडी की अदियाला जेल में बंद हैं। उनके खिलाफ भ्रष्टाचार और हिंसा भड़काने से जुड़े आरोपों समेत 100 से अधिक मामले दर्ज हैं। उनकी पार्टी पीटीआई का कहना है कि उसके संस्थापक के खिलाफ दर्ज मामले राजनीतिक कारणों से बनाए गए हैं। हालांकि, सरकार इन आरोपों को खारिज करती रही है। सोहेल अफरीदी की हिरासत और प्रांत में गवर्नर शासन लागू होने के बाद राजनीतिक तनाव बढ़ गया है। फिलहाल अफरीदी के भाई ने उनकी सुरक्षित वापसी की मांग की है, जबकि पुलिस अधिकारी के अनुसार उन्हें सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया है।

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