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केरल: वीडी सतीशन से क्यों भिड़ा कांग्रेस नेता? समझाने पर धमकी देकर बोला- अगर मुझे आया गुस्सा तो तुम क्या करोगे

Sat, 29 Aug 2026 12:25 PM IST
Devesh Tripathi पीटीआई, तिरुवनंतपुरम

सार

केरल की राजधानी में मुख्यमंत्री वी. डी. सतीशन के काफिले से जुड़ी घटना ने कांग्रेस के भीतर मतभेदों को उजागर कर दिया है। पार्टी नेता अनिल कुमार को पुलिस ने उस घटनाक्रम के बाद गिरफ्तार किया, जिसमें मुख्यमंत्री एक कार्यक्रम स्थल के पास कुछ देर रुके थे। पुलिस का आरोप है कि कुमार ने मुख्यमंत्री से आक्रामक तरीके से बातचीत की और सुरक्षाकर्मियों के काम में बाधा डाली।
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केरल के सीएम वीडी सतीशन - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
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केरल के तिरुवनंतपुरम में एक कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे मुख्यमंत्री वी. डी. सतीशन का काफिला कथित तौर पर रोकने के आरोप में कांग्रेस के एक नेता को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने शनिवार को जानकारी दी कि तिरुवनंतपुरम जिला कांग्रेस कमेटी के नेता अनिल कुमार उर्फ चेंथी अनी को गिरफ्तार किया गया है। उनके और अन्य लोगों के खिलाफ शुक्रवार शाम चेंथी में काफिला रोकने के आरोप में मामला दर्ज किया गया था।
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सतीशन शुक्रवार शाम सामाजिक सुधारक श्री नारायण गुरु की जयंती के मौके पर आयोजित कार्यक्रम में शामिल होने के लिए चेंपाझंथी जा रहे थे। इसी दौरान चेंथी में श्री नारायण गुरु से जुड़े एक अन्य कार्यक्रम का आयोजन कर रहे लोगों ने मुख्यमंत्री के वाहन को रुकने का इशारा किया। पुलिस के अनुसार, उनके अनुरोध पर सतीशन वाहन से बाहर आए। टेलीविजन पर प्रसारित दृश्यों में उन्हें कांग्रेस नेता अनी के साथ बहस करते हुए देखा गया।

क्यों मचा सीएम के काफिले को रोकने पर बवाल?
कुछ मिनट मौके पर रुकने के बाद सतीशन वापस अपने वाहन में बैठे और वहां से चले गए। पुलिस ने बताया कि मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में चेंथी में होने वाले किसी कार्यक्रम का जिक्र नहीं था। घटना के बाद कार्यक्रम के आयोजकों, जिनमें कांग्रेस कार्यकर्ता भी शामिल थे, ने कुछ महीने पहले की एक तस्वीर जारी की। इसमें वे सचिवालय में मुख्यमंत्री से मुलाकात कर उन्हें चेंथी के कार्यक्रम में शामिल होने का निमंत्रण देते नजर आ रहे हैं।
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आयोजकों ने पत्रकारों से यह भी कहा कि पुलिस गुरुवार को कार्यक्रम स्थल पर गई थी और मंच पर बैठने वाले लोगों की संख्या को लेकर सुझाव दिया था। शुक्रवार देर रात अनी को हिरासत में लिया गया और श्रीकार्यं पुलिस थाने ले जाया गया। वहां मामला दर्ज किया गया। पूछताछ के बाद उनकी गिरफ्तारी दर्ज की गई।

सीएम सतीशन से क्यों भिड़ा कांग्रेस कार्यकर्ता?
उनके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धाराओं 126(2), 351(2) और 132 के तहत मामला दर्ज किया गया है। ये धाराएं क्रमश: गलत तरीके से रोकने, आपराधिक धमकी देने और किसी लोक सेवक को उसके कर्तव्य के निर्वहन से रोकने के लिए हमला या आपराधिक बल के इस्तेमाल से संबंधित हैं। प्राथमिकी के अनुसार, शाम करीब 5:55 बजे मुख्यमंत्री का वाहन चेंथी में रुका। मुख्यमंत्री ने वहां कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं को एकत्र देखा और उनसे बातचीत की।

प्राथमिकी में कहा गया है, ''आरोपी ने कथित तौर पर मुख्यमंत्री का आक्रामक तरीके से सामना किया और ऊंची आवाज में पूछा कि कार्यक्रम पहले से तय होने के बावजूद वह इसमें शामिल क्यों नहीं हो रहे हैं। जब उसे आक्रामक व्यवहार से बचने के लिए कहा गया तो आरोपी ने कथित तौर पर धमकी देते हुए कहा, 'अगर मुझे गुस्सा आ गया तो तुम क्या करोगे?' इस तरह उसने सार्वजनिक रूप से मुख्यमंत्री का अपमान किया और काफिले के साथ ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों के आधिकारिक काम में बाधा डाली।''

मामले को लेकर क्या बोली पुलिस?
मामला इलाके में रास्ता साफ कराने की ड्यूटी पर तैनात एक अधिकारी के बयान के आधार पर दर्ज किया गया है। पुलिस ने बताया कि अनी को रिमांड की प्रक्रिया के तहत अदालत में पेश किया जाएगा। अधिकारियों ने कहा कि घटना के समय बनाए गए वीडियो के आधार पर अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। 

इस बीच, जिला कांग्रेस कमेटी घटना से जुड़ी जानकारी जुटा रही है। पार्टी सूत्रों के अनुसार, चेंथी के कार्यक्रम में मौजूद कई कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में शामिल नहीं होने और अनी की गिरफ्तारी को लेकर चिंता जताई है। वहीं, अनी को चिकित्सकीय जांच के लिए अस्पताल ले जाया गया। इस दौरान उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी गिरफ्तारी कांग्रेस के भीतर गुटबाजी की राजनीति का हिस्सा है। उन्होंने कहा, ''यह पार्टी के भीतर गुटबाजी की राजनीति का हिस्सा है। गुटबाजी ही समस्या है।''

कांग्रेस के स्थानीय नेताओं ने जताया गिरफ्तारी पर विरोध
हालांकि, उन्होंने मुख्यमंत्री सतीशन से जुड़े सवालों का जवाब देने से इनकार कर दिया। अनी की गिरफ्तारी के बाद जिला स्तर के कुछ कांग्रेस नेताओं में भी नाराजगी सामने आई। जिला कांग्रेस कमेटी के सदस्य सुहैल शाहजहान ने श्रीकार्यं पुलिस थाने में अनी से मुलाकात के बाद उनकी गिरफ्तारी का विरोध किया। उन्होंने पत्रकारों से कहा, ''वे किसी भी गुट या धड़े से जुड़े हों, एक व्यक्ति के तौर पर मैं इस बात से दुखी हूं कि अनी जैसे कांग्रेस कार्यकर्ता, जिन्होंने पार्टी के लिए अपनी जान जोखिम में डाली और लगातार काम किया, उन्हें इस तरह गिरफ्तार किया गया।''

शाहजहान ने कहा कि कांग्रेस एक लोकतांत्रिक पार्टी है और इसमें हर व्यक्ति को अपनी चिंताएं रखने का अधिकार है। उन्होंने कहा कि उन्हें अनी के मुख्यमंत्री के प्रति किसी तरह का अपमानजनक व्यवहार नजर नहीं आया। शाहजहान ने कहा, ''कल जब मैंने मुख्यमंत्री कार्यालय से संपर्क किया तो मुझे पता चला कि मुख्यमंत्री ने खुद निर्देश दिया था कि मामला दर्ज नहीं किया जाए। ऐसे में यह स्पष्ट नहीं है कि मामला दर्ज करने, उन्हें गिरफ्तार करने और जेल भेजने की कोशिश से किसका हित पूरा हो रहा है।''

कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने लगाए क्या आरोप?
उन्होंने कहा कि अनी के खिलाफ किसी भी अनुशासनात्मक कार्रवाई का फैसला केरल प्रदेश कांग्रेस कमेटी को करना है। शाहजहान ने इस बात से भी इनकार किया कि अनी और उनके समर्थकों ने मुख्यमंत्री का वाहन रोका था। उन्होंने कहा, ''किसी वाहन को नहीं रोका गया था। वे मुख्यमंत्री का स्वागत करने आए थे। वहां महिलाओं समेत हजारों कार्यकर्ता मौजूद थे। सभी निराश हुए।''

शाहजहान ने आरोप लगाया कि मौके पर मौजूद कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पीतांबरा कुरुप को पुलिस ने वहां से खींचकर अलग कर दिया। उन्होंने कहा, ''इसे दृश्यों में देखा जा सकता है। इसलिए एक सहयोगी के तौर पर अनी ने शायद उस पर प्रतिक्रिया दी होगी। यहां किसी को गिरफ्तार करने और जेल भेजने जैसी स्थिति नहीं थी, खासकर ओणम के इस मौसम में।''
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