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Iran-US: 'पहले प्रतिबंध हटाओ, फिर होगी परमाणु ठिकानों पर बात', ईरान का सख्त संदेश; आईएईए को भी किया साफ इनकार

Wed, 24 Jun 2026 10:58 PM IST
हिमांशु सिंह चंदेल वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, तेहरान

सार

Iran-Nuclear Program: ईरान ने साफ किया है कि उसके परमाणु ठिकानों और परमाणु सामग्री तक पहुंच का फैसला तभी होगा, जब कोई अंतिम समझौता होगा और दूसरे पक्ष अपने वादे पूरे करेंगे। उप विदेश मंत्री काजेम गरीबाबादी ने कहा कि फिलहाल परमाणु स्थलों के निरीक्षण की कोई योजना नहीं है। उन्होंने आईएईए प्रमुख राफेल ग्रॉसी से मुलाकात की खबरों को भी खारिज किया। आइए, विस्तार से मामले को समझते हैं..
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अमेरिका-इस्राइल को ईरान का दो टूक जवाब - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
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अमेरिका और इस्राइल के साथ बढ़े तनाव के बीच ईरान ने अपने परमाणु कार्यक्रम को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। ईरान ने साफ कर दिया है कि उसके परमाणु ठिकानों और परमाणु सामग्री तक पहुंच का फैसला तभी होगा, जब कोई अंतिम समझौता होगा और दूसरे पक्ष अपने वादों को पूरा करेंगे। ईरान के उप विदेश मंत्री काजेम गरीबाबादी ने कहा कि प्रतिबंध हटाने और व्यावहारिक कदम उठाने से पहले परमाणु ठिकानों तक पहुंच देने की कोई योजना नहीं है।

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गरीबाबादी ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर कहा कि हाल में अमेरिका और इस्राइल के हमलों का निशाना बने ईरानी परमाणु ठिकानों तक पहुंच को लेकर फिलहाल कोई फैसला नहीं लिया गया है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि स्विट्जरलैंड में अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) के प्रमुख राफेल ग्रॉसी के साथ उनकी कोई बैठक नहीं हुई। ईरान ने इस तरह उन अटकलों को भी खारिज कर दिया, जिनमें कहा जा रहा था कि तेहरान ने परमाणु स्थलों के निरीक्षण पर सहमति दे दी है।

क्या परमाणु ठिकानों तक पहुंच के लिए ईरान ने शर्तें रखीं?

ईरानी उप विदेश मंत्री ने कहा कि परमाणु ठिकानों और वहां मौजूद सामग्री तक पहुंच का मुद्दा केवल किसी अंतिम समझौते के तहत ही तय होगा। उन्होंने कहा कि इसके लिए दूसरे पक्ष को पहले कुछ ठोस और व्यावहारिक कदम उठाने होंगे। इनमें सबसे अहम आर्थिक प्रतिबंधों को पूरी तरह खत्म करना और पहले किए गए वादों को लागू करना शामिल है। ईरान का कहना है कि बिना भरोसा बहाल किए किसी तरह की निगरानी या पहुंच की अनुमति नहीं दी जाएगी।

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क्या आईएईए प्रमुख से हुई थी कोई मुलाकात?

गरीबाबादी ने उन मीडिया रिपोर्टों का भी खंडन किया, जिनमें दावा किया गया था कि उनकी आईएईए प्रमुख राफेल ग्रॉसी से स्विट्जरलैंड में मुलाकात हुई थी। उन्होंने कहा कि ऐसी कोई बैठक नहीं हुई है। साथ ही उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जिन परमाणु ठिकानों पर हाल में हमले हुए हैं, वहां निरीक्षण की अनुमति देने की अभी कोई योजना नहीं है।

मीडिया रिपोर्टों पर ईरान ने क्या कहा?

ईरान ने कुछ अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्टों पर भी नाराजगी जताई। गरीबाबादी ने कहा कि मीडिया के जरिए माहौल बनाकर राजनीतिक नतीजे हासिल करने की कोशिश सही नहीं है। उन्होंने कहा कि 'पहले माहौल बनाओ और फिर हालात को अपने हिसाब से तय करो' जैसी नीति को आगे नहीं बढ़ाया जा सकता। उनका संकेत उन खबरों की ओर था, जिनमें दावा किया गया था कि ईरान निरीक्षण के लिए तैयार हो गया है।

ईरान के इस रुख का क्या मतलब है?

विशेषज्ञों के मुताबिक, ईरान का यह बयान संकेत देता है कि तेहरान अब परमाणु वार्ता में जल्दबाजी के मूड में नहीं है। ईरान चाहता है कि पश्चिमी देश पहले आर्थिक प्रतिबंध हटाएं और अपने पुराने वादों को पूरा करें। इसके बाद ही वह परमाणु कार्यक्रम को लेकर आगे की किसी प्रक्रिया पर विचार करेगा। ऐसे में आने वाले दिनों में परमाणु मुद्दे पर कूटनीतिक बातचीत और अधिक जटिल हो सकती है।

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