कजाखस्तान में उथल-पुथल रूस के लिए इस देश पर फिर से अपना वर्चस्व कायम करने का मौका बन सकती है। ये आशंका पश्चिमी विशेषज्ञों ने जताई है। कजाखस्तान में गैस की कीमत को लेकर शुरू हुए जन आंदोलन ने गुरुवार को हिंसक रूप ले लिया। इसके पहले राष्ट्रपति कासिम-जोमार्त तोकायेव की सरकार ने रूस के नेतृत्व वाले कलेक्टिव सिक्योरिटी ट्रीटी ऑर्गेनाईजेशन (सीएसटीओ) से अपनी शांति सेना भेजने की अपील की थी। उस पर तुरंत अमल करते हुए शांति सेना के दस्ते यहां पहुंच गए। उनमें सबसे ज्यादा सैनिक रूस के ही हैं।
रूस ने औपचारिक रूप से यही कहा है कि कजाखस्तान की घटनाओं से उसका कोई संबंध नहीं है। क्रेमलिन (रूसी राष्ट्रपति का कार्यालय) ने एक बयान में कहा कि कजाखस्तान ‘अपने घरेलू मसले को स्वतंत्र रूप से हल करने में सक्षम है’। लेकिन इसी बीच रूसी सेना कजाखस्तान पहुंच चुकी है। सीएसटीओ में रूस के अलावा पांच पूर्व सोवियत गणराज्य शामिल हैं। सीएसटीओ की सेना कजाखस्तान भेजने का एलान अर्मीनिया के राष्ट्रपति निकोल पेशिनयन ने बुधवार को किया था।
कजाखस्तान के अधिकारियों ने यहां हुई हिंसा के लिए ‘उग्रवादियों’ को दोषी ठहराया है। लेकिन मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक जन प्रदर्शनों में ज्यादातर नौजवान लोग थे। ऐसी कोई जानकारी नहीं है कि प्रदर्शनकरियों का कोई अपना संगठन है। विपक्षी दलों ने जरूर प्रदर्शनों का समर्थन किया है। मित्रोखिन ने कहा- ‘कोई साझा सांगठनिक ढांचा नहीं है। उनका कोई नेता भी नहीं है। प्रदर्शनों में मुख्य उद्योगों के कर्मचारी, और संभवतः छोटे कारोबारी भी शामिल हुए हैं।’
मध्य एशिया में स्थित पांच में से चार पूर्व सोवियत गणराज्य मुस्लिम बहुल देश हैं। इन पांचों गणराज्यों की कुल आबादी साढ़े छह करोड़ है। इन देशों पर अब तक कुल मिलाकर उन्हीं नेताओं का शासन है, जो सोवियत जमाने में कम्युनिस्ट पार्टी से जुड़े थे। मसलन, कजाखस्तान के पड़ोसी देश किर्गिजस्तान के राष्ट्रपति 53 वर्षीय राष्ट्रपति सादिर जापारोव यंग कम्युनिस्ट लीग के सदस्य थे।
मध्य एशियाई गणराज्यों के नेताओं का दावा है कि उनकी सेकुलर नीति के कारण इस्लामी कट्टरपंथी उनका विरोध करने का मौका ढूंढते रहते हैं। जानकारों का कहना है कि इसी तर्क पर उन्होंने अपने खिलाफ तमाम विरोध प्रदर्शनों का दमन किया है। लेकिन कजाखस्तान में जिस पैमाने पर विरोध भड़का है, उसके बीच ये तर्क निराधार हो गया है। ऐसे में तोकायेव की रूस पर निर्भरता बढ़ गई है।