पाकिस्तान के नवनिर्वाचित प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने भी पुराने नेताओं की तरह कश्मीर का राग छेड़ा है। शरीफ ने कहा कि कश्मीर का हल यूएन प्रस्ताव के मुताबिक होना चाहिए। उन्होंने कहा कि दोनों देशों को बातचीत करनी चाहिए। पीएम मोदी आएं और बात करें। दोनों मुल्क गरीबी से लड़ रहे हैं।
शरीफ ने कहा- भारत के साथ अच्छे संबंध चाहते हैं
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री के रूप में चुने जाने के तुरंत बाद शहबाज शरीफ ने सोमवार को अपने उद्घाटन भाषण में कश्मीर में अनुच्छेद 370 को निरस्त करने का मुद्दा उठाया और आरोप लगाया कि घाटी में लोगों का खून बह रहा है और पाकिस्तान हर अंतरराष्ट्रीय मंच पर इस मामले को उठाने के अलावा उन्हें राजनयिक और नैतिक समर्थन देगा। हाई वोल्टेज राजनीतिक खींचतान के बाद इमरान खान की जगह लेने वाले 70 वर्षीय नेता शरीफ ने कहा कि वह भारत के साथ अच्छे संबंध चाहते हैं, लेकिन कश्मीर मुद्दे के समाधान के बिना इसे हासिल नहीं किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि पड़ोसी पसंद की बात नहीं है, यह ऐसी चीज है जिसके साथ हमें रहना है और दुर्भाग्य से भारत के साथ पाकिस्तान के संबंध अपनी स्थापना के बाद से कभी अच्छे नहीं रहे।
उन्होंने अगस्त 2019 में भारत द्वारा अनुच्छेद 370 को निरस्त करने पर गंभीर और कूटनीतिक प्रयास नहीं करने के लिए इमरान खान पर हमला किया। तीन बार के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के छोटे भाई शहबाज ने कहा, जब अगस्त 2019 में जबरन अतिक्रमण किया गया और अनुच्छेद 370 को निरस्त किया गया, तो हमने क्या गंभीर प्रयास किए? कितनी गंभीर कूटनीति क्या हमने कोशिश की? कश्मीर की सड़कों पर कश्मीरियों का खून बह रहा है और कश्मीर घाटी उनके खून से लाल है। उन्होंने बेहतर संबंधों की इच्छा व्यक्त की लेकिन भारत के साथ इसे कश्मीर मुद्दे से जोड़ दिया।
नरेंद्र मोदी कश्मीर मुद्दे के समाधान के लिए आगे आएं
उन्होंने कहा, हम भारत के साथ अच्छे संबंध चाहते हैं लेकिन कश्मीर विवाद का समाधान होने तक स्थायी शांति संभव नहीं है। पाकिस्तान कश्मीर के लोगों को राजनीतिक, कूटनीतिक और नैतिक समर्थन देना जारी रखेगा। हम हर मंच पर कश्मीरी भाइयों और बहनों के लिए आवाज उठाएंगे। हम उन्हें कूटनीतिक और नैतिक समर्थन देंगे। शहबाज ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से कश्मीर मुद्दे के समाधान के लिए आगे आने को कहा ताकि दोनों देश गरीबी, बेरोजगारी, दवाओं की कमी और अन्य मुद्दों से निपटने पर ध्यान केंद्रित कर सकें। उन्होंने कहा कि हम अपनी आने वाली पीढ़ियों को क्यों भुगतना चाहते हैं। आइए, संयुक्त राष्ट्र के प्रस्तावों और कश्मीरियों की अपेक्षाओं के अनुरूप कश्मीर मुद्दे को सुलझाएं, ताकि हम सीमा के दोनों ओर गरीबी को समाप्त कर सकें।
सियासी ड्रामे के बाद शहबाज बने नए पीएम
बता दें कि पाकिस्तान में भारी सियासी ड्रामे के बाद शहबाज नए प्रधानमंत्री बने हैं। नवनिर्वाचित पीएम शहबाज शरीफ ने आज नेशनल असेंबली में कहा, आज सर्वशक्तिमान ने पाकिस्तान और देश के 22 करोड़ लोगों को बचाया है। यह पहली बार है जब अविश्वास प्रस्ताव पर मतदान सफलतापूर्वक पारित हुआ है। इस देश के लोग इस दिन का जश्न मनाएंगे।
शहबाज शरीफ पाकिस्तान के 23वें प्रधानमंत्री होंगे। उन्हें नेशनल असेंबली में कुल 174 वोट मिले। इससे पहले इमरान खान को विपक्ष के अविश्वास प्रस्ताव में अपना पद गंवाना पड़ा था। वह इस तरह से पद गंवाने वाले पाकिस्तान के पहले पीएम बने।
कश्मीर को लेकर दिया था बयान
अविश्वास प्रस्ताव के जरिए इमरान खान की सरकार गिराने के बाद भी शहबाज ने भारत को लेकर बयान दिया था। उन्होंने कहा था कि हम भारत के साथ शांति चाहते हैं, लेकिन कश्मीर मुद्दे के हल के बिना ये संभव नहीं है। शहबाज शरीफ 2013 में भारत दौरे पर आए थे। उस वक्त मनमोहन सिंह भारत के प्रधानमंत्री थे। उस दौरान शहबाज पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के मुख्यमंत्री थे। प्रधानमंत्री से मुलाकात के बाद शहबाज ने साथ मिलकर काम करने की बात कही थी।
2017 में भी उन्होंने भारत के पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह को एक चिट्ठी लिखी थी। इसमें उन्होंने पंजाब में धुंध की समस्या को उठाया था। कहा था कि दोनों देशों की पंजाब सरकार को मिलकर इसके लिए काम करना चाहिए।