इमरान खान के इशारे पर कश्मीर के लिए जनसमर्थन जुटाने अमेरिका पहुंचे पाक अधिकृत कश्मीर के प्रधानमंत्री राजा फारूक हैदर बुरी तरह नाकाम हुए। वह जम्मू और कश्मीर से अनुच्छेद 370 को हटाने के भारत के फैसले के खिलाफ किसी भी अमेरिकी राजनीतिज्ञ का समर्थन नहीं पा सके।
हैदर अपनी अमेरिका यात्रा के दौरान शीर्ष अमेरिकी थिंक टैंक में दक्षिण एशिया के विशेषज्ञों सहित कई अमेरिकी जनमत निर्माताओं से मुलाकात की। 26 अगस्त को अमेरिका की वुडरो विल्सन सेंटर में एक बैठक आयोजिक की गई।
इस बैठक में जब दक्षिण एशिया के वरिष्ठ विशेषज्ञ माइकल कुगेलमैन ने जम्मू-कश्मीर और पीओके पर हैदर की राय मांगी तो उन्होंने यह कहकर सबको चौंका दिया कि पीओके में यूएन की फैक्ट फाइंडिंग मिशन को वह जांच की अनुमति देंगे। बता दे कि इससे पहले आज तक पाकिस्तान ने किसी भी यूएन मिशन को पाक अधिकृत कश्मीर में जांच करने की खुली इजाजत नहीं दी है।
इसके अलावा यूनाइटेड स्टेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ पीस में आयोजित बैठक में पूछे गए एक सवाल के जवाब में कहा कि पाक अधिकृत कश्मीर में पाकिस्तान का संविधान लागू करने के लिए पूर्व प्रधानमंत्री जुल्फिकार अली भुट्टो दोषी हैं। उन्होंने कहा कि पीओके की स्वायत्तता को उन्होंने ही खत्म किया।
पाकिस्तान के रहमों-करम पर निर्भर हैं पीओके के प्रधानमंत्री
पाकिस्तान की राजनीति पर बारीक नजर रखने वाले एक अमेरिकी विशेषज्ञ ने कहा कि राजा फारूक हैदर भारत को कश्मीर मुद्दे पर एक खलनायक की तरह पेश करने की नाकाम कोशिश कर रहे थे। जबकि वह खुद पाकिस्तान की संघीय सरकार पर निर्भर हैं।
बता दें कि पाक अधिकृत कश्मीर को पाकिस्तान आजाद कश्मीर होने का दावा करता है लेकिन वहां पाकिस्तान का संविधान लागू होता है और वहां का हर राजनेता पाकिस्तान के इशारों पर चलता है। आजादी जैसी कोई भी बात इस क्षेत्र में लागू नहीं होती। पूरे पीओके में पाक सेना का जाल फैला हुआ है।
अमेरिकी थिंक टैंक के एक सदस्य ने बताया कि पीओके के प्रधानमंत्री राजा हैदर ने जम्मू और कश्मीर में सशस्त्र स्वतंत्रता संग्राम का समर्थन किया। यह सीमा पार से आतंकवाद को प्रोत्साहित करने का सीधा मामला है।
कौन हैं राजा हैदर
पाकिस्तान मुस्लिम लीग से संबंधित राजा हैदर को पाक सरकार ने 2016 में पीओके के प्रधान मंत्री के रूप में नियुक्त किया था। साल 2018 में उनका हेलीकॉप्टर नियंत्रण रेखा का उल्लंघन कर भारतीय क्षेत्र में प्रवेश कर गया था। भारत द्वारा जम्मू और कश्मीर से अनुच्छेद 370 को निरस्त करने का निर्णय लेने के बाद हैदर ने मांग की थी कि नियंत्रण रेखा का नाम बदलकर युद्धविराम रेखा रखा जाए।
उनकी बैठक के बाद कई अमेरिकी विशेषज्ञों ने यह कहा कि राजा हैदर पीओके में एक परिवार की जागीर चलाते हैं क्योंकि उनकी मां और बहन भी स्थानीय असेंबली के सदस्य हैं और उन्होंने अमेरिका में अपनी यात्रा के दौरान यह स्वीकार भी किया। पीओके विधानसभा में पांच सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित हैं और इनमें से दो पर उनके परिवार के सदस्यों का कब्जा है।