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US: रूस-यूक्रेन युद्ध से लेकर ऊर्जा तक, भारत आकर जी-20 शिखर सम्मेलन में इन मुद्दों को रखेंगे राष्ट्रपति बाइडन

Tue, 29 Aug 2023 08:07 AM IST
काव्या मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन

सार

पियरे ने कहा कि राष्ट्रपति जी-20 में वैश्विक मुद्दों से निपटने के लिए कई संयुक्त प्रयासों पर चर्चा करेंगे। इस दौरान वह जलवायु परिवर्तन से निपटने से लेकर यूक्रेन में रूस के युद्ध के आर्थिक और सामाजिक प्रभावों को कम करने पर चर्चा करेंगे। 
 
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प्रेस सचिव कैरिन जीन पियरे - फोटो : social media
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विस्तार
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भारत में अगले माह में जी-20 शिखर सम्मेलन होने वाला है। इसमें अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन भी अपनी मौजूदगी दर्ज कराने वाले हैं। इस पर एक बार फिर व्हाइट हाउस ने मुहर लगा दी है। यहां की प्रेस सचिव कैरिन जीन पियरे ने कहा कि राष्ट्रपति बाइडन वैश्विक स्तर पर आर्थिक सहयोग के प्रमुख मंच के रूप में जी-20 के प्रति अमेरिकी प्रतिबद्धता की पुष्टि करेंगे।

पियरे ने कहा कि राष्ट्रपति जी-20 में वैश्विक मुद्दों से निपटने के लिए कई संयुक्त प्रयासों पर चर्चा करेंगे। इस दौरान वह जलवायु परिवर्तन से निपटने से लेकर यूक्रेन में रूस के युद्ध के आर्थिक और सामाजिक प्रभावों को कम करने पर चर्चा करेंगे। उन्होंने कहा कि जी-20 के दौरान कोशिश की जाएगी कि गरीबी से बेहतर ढंग से लड़ने और दुनिया भर के देशों को प्रभावित करने वाली महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय चुनौतियों से निपटने के लिए बहुपक्षीय विकास बैंकों की क्षमता बढ़ाई जा सके।

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गौरलतब है, व्हाइट हाउस के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जेक सुलिवन ने 23 अगस्त को एक प्रेस कांफ्रेंस के दौरान जानकारी दी थी कि अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन जी20 शिखर सम्मेलन में शामिल होंगे। उन्होंने बताया था कि राष्ट्रपति बाइडन 7-10 सितंबर तक भारत का दौरा करेंगे। 

इन विषयों पर होगी चर्चा
जो बाइडन की भारत यात्रा को लेकर व्हाइट हाउस के प्रेस सचिव कैरिन जीन-पियरे ने पहले भी एक बयान जारी किया था। बयान में कहा गया था कि जी-20 शिखर सम्मेलन के दौरान वे अन्य नेताओं के साथ यूक्रेन संघर्ष सहित कई वैश्विक चुनौतियों पर चर्चा करेंगे। साथ ही बाइडन जी20 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की भी सराहना करेंगे। राष्ट्रपति बाइडन और जी20 साझेदार स्वच्छ ऊर्जा परिवर्तन और जलवायु परिवर्तन से निपटने, यूक्रेन संघर्ष के आर्थिक और सामाजिक प्रभावों को कम करने सहित वैश्विक मुद्दों से निपटने के लिए कई संयुक्त प्रयासों पर चर्चा करेंगे।

सुलिवन ने कहा था कि राष्ट्रपति बाइडेन अंतराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) और विश्व बैंक में सुधार पर जोर देंगे ताकि विकासशील देशों को ज्यादा मदद हो सके। अमेरिकी एनएसए ने कहा कि इन दोनों संस्थाओं को चीन के बेल्ट एंड रोड पहल के तहत दिए जाने वाली वित्तीय मदद की जगह विकासशील देशों को और बेहतर विकल्प देने की जरूरत है। सुलिवन ने पत्रकारों से कहा था कि इन देशों की ओर से जिन चुनौतियों का सामना किया जा रहा है उससे मुकाबले के लिए इनकी आवाज को हम स्पष्ट सुन रहे हैं।

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पुरानी आव्रजन प्रणाली को अपडेट करे अमेरिकी संसद : व्हाइट हाउस
राष्ट्रपति जो बाइडन के प्रशासन ने संसद से बेहद पुरानी हो चुकी आव्रजन प्रणाली को अपडेट करने के लिए कहा है। व्हाइट हाउस ने की प्रेस सचिव कैरिन ज्यां पियरे ने कहा, जैसा कि हमने पहले भी कई बार कहा है, यह एक पुरानी आव्रजन प्रणाली है। नए अपडेट से वहां काम कर रहे उन भारतीयों को भी लाभ होगा जो नौकरी से हटाए गए हैं। उन्होंने कहा कि हमने संसद से हमारी बेहद पुरानी आव्रजन प्रणाली को अपडेट करने के लिए कहा है।

उन्होंने कहा, हम इसे लेकर बहुत स्पष्ट हैं। इनमें अस्थायी वीजा कार्यक्रम भी शामिल हैं, जिन्हें दो दशकों से अधिक समय से अपडेट नहीं किया गया है। वर्तमान नियमों के तहत, कुछ अस्थायी वीजा पर रह रहे श्रमिकों के पास नया रोजगार हासिल करने, अलग वीजा वर्गीकरण अपनाने या अमेरिका छोड़ने की तैयारी करने के लिए आमतौर पर 60 दिन होते हैं। इसलिए, संसद को अपना काम करने और कानून पारित करने की जरूरत है। उसे हमारे आव्रजन कानूनों को अपडेट (अद्यतन) करने की जरूरत है ताकि वे 21वीं सदी की अर्थव्यवस्था में आज हम जहां हैं, उसके अनुसार जरूरतों को पूरा कर सके। व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव ने कहा कि अपने प्रशासन के पहले दिन बाइडन ने एक आव्रजन सुधार कानून पेश किया क्योंकि वे इसे बहुत गंभीरता से लेते हैं।

जी-20 के तहत यूएई का डिजिटल अर्थव्यवस्था पर जोर
यूएई के प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री उमर सुल्ताल अल ओलमा ने कहा है कि हमारा लक्ष्य एक एक मजबूत डिजिटल बुनियादी ढांचे को आगे बढ़ाने और डिजिटल कौशल को बढ़ावा देने के लिए वैश्विक प्रयासों को एकीकृत करने के लिए वार्ता को बढ़ाना है। उन्होंने प्रौद्योगिकी और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) क्षेत्र में वैश्वीकरण की तीव्र गति पर जोर देते हुए कहा कि यह विचार भारत में आयोजित जी-20 डिजिटल अर्थव्यवस्था मंत्रिस्तरीय बैठक के दौरान आया। बैठक में डिजिटल अर्थव्यवस्था के क्षेत्र के वैश्विक नेता शामिल थे। अल ओलमा ने जोर दिया कि डिजिटल बुनियादी ढांचा सामाजिक प्रगति व आर्थिक विकास में अहम भूमिका निभाता है और विकास यात्रा में एक महत्वपूर्ण तत्व है।

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