मैरीलैंड की अदालत में सुनवाई के दौरान अमेरिकी न्याय विभाग के एक वकील ने खुलासा किया कि अगर किल्मर अब्रेगो गार्सिया को मानव तस्करी के आरोपों पर मुकदमा चलाने से पहले रिहा किया जाता है, तो अमेरिकी सरकार उन्हें हिरासत में लेकर निर्वासन की कार्रवाही शुरू करेगी। उन्होंने कहा कि गार्सिया को अल साल्वाडोर से अलग किसी तीसरे देश में भेज दिया जाएगा। हालांकि, गुइन ने कहा कि उन्हें नहीं पता कि वह कौन सा देश होगा।
अमेरिकी न्याय विभाग के एक वकील ने सोमवार (स्थानीय समयानुसार) को मैरीलैंड की अदालत में दलील दी कि अगर किल्मर अब्रेगो गार्सिया को टेनेसी में मानव तस्करी के आरोपों पर मुकदमा चलाने से पहले रिहा किया जाता है, तो अमेरिकी सरकार उसके खिलाफ निर्वासन की कार्यवाही शुरू करेगी।
विज्ञापन
अमेरिकी वकील जोनाथन गुइन का खुलासा न्याय विभाग और व्हाइट हाउस के प्रवक्ताओं के बयानों का खंडन करता है, क्योंकि उन्होंने पिछले महीने कहा था कि गार्सिया पर मुकदमा चलाया जाएगा। सरकार द्वारा उन्हें निर्वासित करने से पहले संभवत: उन्हें अमेरिकी जेल में समय बिताना होगा।
गार्सिया की पत्नी उन्हें निर्वासित होने से रोकने का कर रहीं प्रयास
सरकारी वकील गुइन ने मैरीलैंड में एक संघीय अदालत की सुनवाई के दौरान इस बात का खुलासा किया, जहां गार्सिया की पत्नी ने मार्च में उनके गलत निर्वासन को लेकर ट्रंप प्रशासन पर मुकदमा दायर किया है। वह चाहती हैं कि उनके पति को फिर से अमेरिका से निकाला न जाए।
जेल से रिहा होने के बाद हिरासत में लिए जाएंगे गार्सिया: गुइन
गुइन ने कहा कि अमेरिकी आव्रजन और सीमा शुल्क प्रवर्तन अब्रेगो गार्सिया को जेल से रिहा होने के बाद हिरासत में ले लेंगे। साथ ही उन्हें उनके मूल देश अल साल्वाडोर से अलग किसी तीसरे देश में भेज दिया जाएगा। हालांकि, गुइन ने कहा कि उन्हें नहीं पता कि वह कौन सा देश होगा।
मार्च में अल साल्वाडोर की जेल में भेजे गए थे गार्सिया
इससे पहले, मार्च में ट्रंप सरकार ने गार्सिया को अल सल्वाडोर की एक खतरनाक जेल में भेज दिया था, जबकि एक इमिग्रेशन जज ने यह आदेश दिया था कि उन्हें अल सल्वाडोर नहीं भेजा जाए, क्योंकि वहां उन्हें गैंग से खतरा था। गार्सिया को फिर अमेरिका वापस लाया गया ताकि उन पर मानव तस्करी का मुकदमा चलाया जा सके। उनके वकीलों का कहना है कि यह सब गलत निर्वासन को छिपाने की कोशिश है।