राशिद महमूद सूमरो ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश को चुनौती देते हुए कहा कि अगर पाकिस्तान में सरकारी जमीनों पर बनी इमारतों को गिराना ही है तो पहले स्कूल को गिराओ फिर सैनिक छावनी गिराओ तब मस्जिद के बारे में सोचना।
पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट ने एक मस्जिद गिराने का आदेश क्या दिया कि नया बखेड़ा ही शुरू हो गया। 24 घंटे के भीतर शीर्ष अदालत को ही धमकी दे दी गई। जमीयत उलेमा-ए-इस्लाम-फजल सिंध के महासचिव मौलाना राशिद महमूद सूमरो ने सुप्रीम कोर्ट को मस्जिद गिराने को लेकर सीधे-सीधे चेतावनी दी है।
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राशिद महमूद सूमरो ने सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश गुलजार अहमद और सिंध के मुख्यमंत्री सैयद मुराद अली शाह को कराची में अवैध रूप से निर्मित मस्जिदों को ध्वस्त करने के आदेश को लागू करने की चुनौती दे दी है। राशिद महमूद सूमरो ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश को चुनौती देते हुए कहा कि अगर पाकिस्तान में सरकारी जमीनों पर बनी इमारतों को गिराना ही है तो पहले स्कूल को गिराओ फिर सैनिक छावनी गिराओ तब मस्जिद के बारे में सोचना। मौलाना रशिद सूमरो ने पाकिस्तान के चीफ जस्टिस का नाम लेते हुए कहा कि देश में मस्जिद कोई लावरिस नहीं है कि जब हुकूम दिया तब मस्जिदों को ढाह दें। बता दें कि इसी हफ्ते सुप्रीम कोर्ट ने तारिक रोड के पास एमेनिटी पार्क की जमीन पर बनी एक मस्जिद, दरगाह और कब्रिस्तान को गिराने का आदेश दिया था। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद मौलाना सूमरो ने चेतावनी दे डाली।
किसी में ताकत नहीं कि मस्जिद की एक ईंट भी गिराए- मौसाना सूमरो
सुप्रीम कोर्ट के आदेश को चुनौती देते हुए मौलाना सूमरो का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से शेयर किया जा रहा है, जिसमें वो कहते दिख रहे हैं, 'क्या इसको मदीने की रियासत कहा जाता है कि मंदिर तो महफूज है और मस्जिद को गिराने का हुक्म सुप्रीम कोर्ट देती है? जब तक हम जिंदा हैं किसी में जुर्रत नहीं कि मस्जिद की एक ईंट भी गिरा दे।