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FBI Search: ट्रंप को राहत, जब्त किए गए दस्तावेजों की समीक्षा के लिए विशेष मास्टर के अनुरोध को मंजूरी

Mon, 05 Sep 2022 11:04 PM IST
अभिषेक दीक्षित वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन

सार

ट्रंप की टीम ने कोर्ट से एक विशेष मास्टर नियुक्त करने का अनुरोध किया था। टीम का कहना था कि यह विशेष मास्टर ही ट्रम्प के आवास मार-ए-लागो पर एफबीआई की छापेमारी के दौरान जब्त किए गए दस्तावेजों की समीक्षा करे।
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Former US President Donald Trump - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के लिए राहत भरी खबर आई है। बताया जा रहा है कि ट्रम्प की टीम ने कोर्ट से एक विशेष मास्टर नियुक्त करने का अनुरोध किया था। टीम का कहना था कि यह विशेष मास्टर ही ट्रम्प के आवास मार-ए-लागो पर एफबीआई की छापेमारी के दौरान जब्त किए गए दस्तावेजों की समीक्षा करे। मामले में जज ने ट्रंप की टीम के अनुरोध को स्वीकार कर लिया है।

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ट्रंप के आवास पर हुई थी छापेमारी
दरअसल, आठ अगस्त को एफबीआई ने ट्रम्प के मार-ए-लागो स्थित आवास पर छापा मारा था। इसको लेकर ट्रंप ने कहा कि कुछ हफ्तों पहले जो हुआ, अमेरिकी स्वतंत्रता के लिए उससे ज्यादा कोई ज्वलंत उदाहरण नहीं हो सकता। उन्होंने इसे अमेरिकी इतिहास में किसी भी सरकार से ज्यादा चौंकाने वाला सत्ता का दुरुपयोग करार दिया। उन्होंने कहा कि यह तलाशी 'न्याय का मजाक' था।  
एफबीआई ने बयान जारी किया था

  • अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के आवास पर छापेमारी को लेकर एफबीआई ने बयान जारी किया था। एफबीआई का कहना था कि कुछ समय पहले हुई छापेमारी में ट्रंप के यहां से बरामद 15 में से 14 बक्से में वर्गीकृत रिकॉर्ड थे, इनमें से 25 दस्तावेजों को टॉप सीक्रेट के रूप में चिह्नित किया गया है। इन्हें रद्दी अखबारों व मैगजीन के बीच छिपाकर रखा गया था।
  • करीब दो सप्ताह पहले अमेरिका के फ्लोरिडा राज्य में पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के घर से फेडरल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टीगेशन (एफबीआई) ने कुछ टॉप सीक्रेट सरकारी दस्तावेज बरामद किए थे। अमेरिकी न्याय विभाग ने बताया था कि एफबीआई एजेंटों ने फ्लोरिडा में ट्रंप के घर की तलाशी ली थी, जिसमें कुछ गोपनीय दस्तावेजों को जब्त किया गया। यह दस्तावेज परमाणु हथियारों से जुड़े हुए थे।  

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ट्रंप पर कानून के उल्लंघन का आरोप
पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप पर आरोप लगाया जा रहा है कि उन्होंने गुप्त दस्तावेजों को अपने आवास में रखकर जासूसी अधिनियम का उल्लंघन किया है। एफबीआई एजेंटों ने संघीय मजिस्ट्रेट द्वारा अनुमोदित वारंट के आधार पर ट्रंप के आवास की तलाशी ली थी। इसके चार दिन बाद एजेंसी ने कानूनी दस्तावेजों को लेकर कई हैरान कर देने वाले खुलासे किए थे।

ट्रंप की बढ़ सकती हैं मुसीबतें
जांच अधिकारियों ने अपने वारंट आवेदन में अमेरिकी मजिस्ट्रेट न्यायाधीश ब्रूस रेनहार्ट को बताया था कि यह मानने का संभावित कारण था कि ट्रंप ने जासूसी अधिनियम का उल्लंघन किया है। वहीं ट्रंप के पास टॉप सीक्रेट लेवल वाले दस्तावेजों के खुलासे से उनके लिए बड़ा कानूनी खतरा पैदा हो सकता है।

कम से कम पांच साल तक की जेल की सजा हो सकती है
अमेरिकी न्याय विभाग ने कहा कि जो दस्तावेज आमतौर पर विशेष सरकारी सुविधाओं में सुरक्षित रहने चाहिए थे, वो ट्रंप के पास कैसे थे? साथ ही बताया कि इस तरह से राष्ट्रीय सुरक्षा को गंभीर नुकसान हो सकता था। वहीं ट्रंप अगर इस मामले में दोषी पाए जाते हैं तो उनको कम से कम पांच साल तक की जेल की सजा हो सकती है।

दस्तावेज गलत हाथों में पड़ सकते थे
अमेरिकी संघीय जांच एजेंसी फेडरल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (एफबीआई) ने परमाणु हथियारों से संबंधित दस्तावेजों की तलाशी के लिए पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के फ्लोरिडा स्थित आवास पर छापेमारी की थी। उन पर आरोप है कि ट्रंप ने अपनी सरकार जाने के बाद दस्तावेजों को नई सरकार को नहीं सौंपा था। सरकारी अधिकारी इस बात को लेकर चिंता में हैं कि यह दस्तावेज ट्रंप के फ्लोरिडा स्थित घर पर गलत हाथों में पड़ सकते थे। अधिकारियों के मुताबिक इन दस्तावेजों का संबंध राष्ट्रीय सुरक्षा से है।

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