फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

BRICS: संयुक्त बयान में भारत के जी-20 अध्यक्ष पद का समर्थन, कहा- वैश्विक दक्षिण की आवाज बनने के लिए प्रतिबद्ध

Thu, 24 Aug 2023 07:58 PM IST
देव कश्यप एएनआई, जोहान्सबर्ग (दक्षिण अफ्रीका)।

सार

ब्रिक्स के संयुक्त बयान में कहा गया है कि ब्रिक्स देश 2023 में भारतीय अध्यक्षता और 2024 और 2025 में ब्राजील और दक्षिण अफ्रीका की अध्यक्षता के तहत जी-20 एजेंडे में वैश्विक दक्षिण की आवाज को बढ़ाना और एकीकृत करना जारी रखकर एक संतुलित दृष्टिकोण के लिए प्रतिबद्ध हैं।
विज्ञापन
ब्रिक्स देशों और मित्र देशों के नेता एक साथ। - फोटो : ANI
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

15वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के संयुक्त बयान में भारत की जी-20 अध्यक्षता के लिए समर्थन व्यक्त किया गया। बयान में कहा गया, हम भारत की जी-20 अध्यक्षता के अंतर्गत नई दिल्ली में 18वें जी-20 शिखर सम्मेलन की सफल मेजबानी की आशा करते हैं। हम 2023 से 2025 तक जी-20 की अध्यक्षता कर रहे भारत, ब्राजील और दक्षिण अफ्रीका द्वारा परिवर्तन के लिए निरंतर गति बनाने के अवसरों पर ध्यान दे रहे हैं।

विज्ञापन


'वैश्विक दक्षिण की आवाज को बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध'
बयान में यह भी कहा गया है कि ब्रिक्स देश 2023 में भारतीय अध्यक्षता और 2024 और 2025 में ब्राजील और दक्षिण अफ्रीका की अध्यक्षता के तहत जी-20 एजेंडे में वैश्विक दक्षिण की आवाज को बढ़ाना और एकीकृत करना जारी रखकर एक संतुलित दृष्टिकोण के लिए प्रतिबद्ध हैं। इसमें आगे कहा गया है, हम अंतरराष्ट्रीय आर्थिक और वित्तीय सहयोग के क्षेत्र में प्रमुख बहुपक्षीय मंच की भूमिका निभाते रहने के लिए जी20 के महत्व की पुष्टि करते हैं जिसमें विकसित और उभरते बाजार और विकासशील देश शामिल हैं जहां प्रमुख अर्थव्यवस्थाएं संयुक्त रूप से वैश्विक चुनौतियों का समाधान तलाशती हैं।

संयुक्त घोषणा में कहा गया कि हम नई दिल्ली जी-20 शिखर सम्मेलन में अफ्रीकी संघ को जी-20 के सदस्य के रूप में शामिल करने का स्वागत और समर्थन करते हैं। इसके अलावा, इसमें कहा गया है कि ब्रिक्स देश वैश्विक सुधार हासिल करने में विश्व अर्थव्यवस्था के जोखिमों और चुनौतियों से निपटने के लिए मिलकर काम करने की अपनी भूमिका को पहचानते हैं। 
विज्ञापन


बयान में कहा गया, "हम वैश्विक पुनर्प्राप्ति और सतत विकास को प्राप्त करने में विश्व अर्थव्यवस्था के जोखिमों और चुनौतियों से निपटने के लिए मिलकर काम करने वाले ब्रिक्स देशों की महत्वपूर्ण भूमिका को पहचानते हैं। हम व्यापक-आर्थिक नीति समन्वय को बढ़ाने, आर्थिक सहयोग को गहरा और मजबूत, टिकाऊ, संतुलित और समावेशी आर्थिक सुधार को साकार करने के लिए काम करने की अपनी प्रतिबद्धता की पुष्टि करते हैं। बयान में यह भी कहा गया है कि कुछ देशों में उच्च ऋण स्तर मौजूदा विकास चुनौतियों से निपटने के लिए आवश्यक राजकोषीय गुंजाइश को कम कर देता है।

ब्रिक्स के संयुक्त बयान में कहा गया है कि प्रत्येक देश के कानूनों और आंतरिक प्रक्रियाओं को ध्यान में रखते हुए आर्थिक सुधार और सतत विकास का समर्थन करने के लिए अंतरराष्ट्रीय ऋण एजेंडे पर ठीक से ध्यान देना महत्वपूर्ण है। इसमें ब्रिक्स आर्थिक साझेदारी-2025 की रणनीति के कार्यान्वयन के महत्व पर भी जोर दिया गया। बयान में कहा गया है, हम सभी प्रासंगिक मंत्रिस्तरीय ट्रैक और कार्य समूहों में ब्रिक्स आर्थिक साझेदारी-2025 के लिए रणनीति के निरंतर कार्यान्वयन के महत्व पर जोर देते हैं। हम सतत विकास के लिए 2030 एजेंडा के कार्यान्वयन में तेजी लाने के लिए समाधान की पहचान करेंगे।

दुनिया के साथ वैश्विक शासन को भी बदलना होगा: गुटेरेस
ब्रिक्स को संबोधित करते हुए संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने कहा कि दुनिया बदल गई है और इसलिए इसके साथ वैश्विक शासन को भी बदलना होगा। इसे आज की शक्ति और आर्थिक संबंधों का प्रतिनिधित्व करना चाहिए, न कि 1945 की शक्ति और आर्थिक संबंधों का। यही वजह है कि मैं वैश्विक ढांचे को वास्तव में सार्वभौमिक और आज की वास्तविकताओं का प्रतिनिधि बनाने के लिए गहन सुधारों की वकालत कर रहा हूं।

गुटेरेस ने आगे कहा, हमें हर स्तर पर अधिक समावेशी संस्थानों की आवश्यकता है, जिसमें महिलाओं और युवाओं का अधिक प्रतिनिधित्व शामिल हो। लेकिन ये सब उस संदर्भ में है जिसमें मेरा मानना है कि दो क्षेत्रों में विशेष रूप से महत्वपूर्ण सुधार प्रयास की आवश्यकता है। एक है सुरक्षा परिषद और दूसरा ब्रेटन वुड्स सिस्टम।




शेख हसीना ने एकजुट होने की जरूरत पर दिया जोर
ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना ने एकजुट होने की जरूरत का उल्लेख किया। शेख हसीना ने कहा, साथ मिलकर हमें अंतरराष्ट्रीय वित्तपोषण और प्रौद्योगिकियों के लिए अपना बकाया मांगना जारी रखना चाहिए। हमें जलवायु न्याय, प्रवासी अधिकार, डिजिटल समानता और ऋण स्थिरता को लेकर एकजुट होने की जरूरत है। उन्होंने कहा, हमें अपनी मुद्राओं के उपयोग की गुंजाइश के साथ नियम-आधारित बहुपक्षीय व्यापार प्रणाली को संरक्षित करना चाहिए। वैश्विक दक्षिण में हमें हमारे ऊपर थोपे जा रहे कृत्रिम विकल्पों और विभाजनों को मना करना चाहिए। हमें सार्वभौमिक मानदंडों और मूल्यों को हथियार बनाने के प्रयासों को अस्वीकार करना चाहिए। हमें प्रतिबंधों और काउंटर-प्रतिबंधों के चक्र को रोकने की जरूरत है। हमें सभी धमकियों, उकसाने की प्रक्रिया और युद्ध के खिलाफ बोलना चाहिए।

शेख हसीना ने आगे कहा, बांग्लादेश ने परंपरागत रूप से एलडीसी (अल्प विकसित देशों) के मुद्दे का समर्थन किया है, जिनमें से अधिकांश अफ्रीका में हैं। बांग्लादेश संयुक्त राष्ट्र शांति स्थापना और अफ्रीका के विभिन्न हिस्सों में शांति बहाल में शामिल होने पर गर्व महसूस करता है। बांग्लादेश में रहने वाले म्यांमार के 12 लाख रोहिंग्याओं के साथ हम अफ्रीका में शरणार्थियों की मेजबानी करने वाले देशों पर पड़ने वाले बोझ को समझते हैं।
विज्ञापन


विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें