जॉनसन एंड जॉनसन के टीके की एक खुराक महामारी के गंभीर मामलों में 85 प्रतिशत प्रभावी पाई गई है, जबकि हल्के मामलों को देखें तो इसका प्रभाव लगभग 66 प्रतिशत रह जाता है। इस टीके का परीक्षण अमेरिका, लातिन अमेरिका और दक्षिण अफ्रीका में ऐसे समय हुआ है जब वायरस के अधिक घातक नए स्वरूप भी सामने आ गए हैं, जबकि मॉडर्ना और फाइजर के टीकों के परीक्षण के समय यह स्थिति नहीं थी।
हालांकि अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन ने कहा कि यह अमेरिका के नागरिकों के लिए किसी खुशी से कम नहीं है लेकिन फिर मैं अमेरिकीवासियों से अपील करूंगा कि वो लगातार हाथ धोते रहें, सोशल डिस्टेंसिंग बनाकर रखें और मास्क पहनकर रखें।
वैक्सीन का भंडार करने में दिक्कत नहीं होगी। वैज्ञानिकों का कहना है कि ये वैक्सीन 35.6 और 46.4 फारेनहाइट के तापमान में रखी जा सकती है। बता दें कि अमेरिका में अब तक 4.45 करोड़ लोगों को फाइजर या मॉडर्ना वैक्सीन की कम से कम एक खुराक दी जा चुकी है। वहीं करीब दो करोड़ लोगों को दूसरी खुराक मिल चुकी है।
जानकारों की माने तो इस वैक्सीन को लगाने के बाद हल्का दर्द, बुखार, थकान और सिरदर्द जैसे लक्षण दिख सकते हैं।