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बिगड़ते रिश्ते: तेल कटौती पर अमेरिका और सऊदी में ठनी, G-20 शिखर सम्मेलन में प्रिंस से किनारा कर सकते हैं बाइडन

Mon, 17 Oct 2022 08:37 AM IST
संजीव कुमार झा वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन

सार

यूक्रेन संकट खड़ा होने के बाद दुनिया में पैदा हुए ऊर्जा संकट से अपने देशवासियों को राहत दिलाने की कोशिश में बाइडन ने सऊदी अरब को तेल उत्पादन का स्तर बनाए रखने की सलाह दी थी। लेकिन सऊदी ने प्रस्ताव को ठुकरा दिया था।
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जो बाइडन और मोहम्मद बिन सलमान - फोटो : ANI
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विस्तार
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अमेरिका और सऊदी अरब के बीच रिश्ते बिगड़ते ही जा रहे हैं। हाल में कच्चे तेल का उत्पादन घटाने के सऊदी अरब के निर्णय को अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन अपने गले नहीं उतार पा रहे हैं।  सऊदी के इस फैसले से बाइडन इस कदर नाराज हैं कि आगामी G-20 बैठक में वे सऊदी प्रिंस के साथ मुलाकात करेंगे या नहीं इसपर अब तक कोई फैसला नहीं लिया है। ऐसा लग रहा है कि बाइडन इस मुलाकात से किनारा करने के मूड में हैं। व्हाइट हाउस के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जेक सुलिवन ने रविवार को कहा कि बाइडन तेल उत्पादन में कटौती के बारे में सऊदी अरब को जवाब देने का निर्णय लेने में  विधिपूर्वक कार्य करेंगे। 

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सऊदी अरब ने ठुकराया था अमेरिकी प्रस्ताव, बाइडन हुए आगबबूला
गौरतलब है कि यूक्रेन संकट खड़ा होने के बाद दुनिया में पैदा हुए ऊर्जा संकट से अपने देशवासियों को राहत दिलाने की कोशिश में बाइडन ने सऊदी अरब को तेल उत्पादन का स्तर बनाए रखने की सलाह दी थी। लेकिन सऊदी ने प्रस्ताव को ठुकरा दिया था। इसके बाद अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन आगबबूला हो गए। वहीं सऊदी अरब ने बीते गुरुवार को जारी एक बयान में कहा कि अगर अमेरिका के सुझाव के मुताबिक उत्पादन घटाने का फैसला एक महीने टाल दिया गया होता तो उसके नकारात्मक आर्थिक प्रभाव होते।

सऊदी के कदम पर अमेरिका ने भी दी तीखी प्रतिक्रिया
अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के प्रवक्ता जॉन किर्बी ने कड़ी प्रतिक्रिया जताई। उन्होंने कहा कि सऊदी विदेश मंत्रालय तथ्यों को घुमा या लोगों का ध्यान बहका रहा है। लेकिन तथ्य बहुत सरल है। किर्बी ने दावा किया कि ओपेक के सदस्य दूसरे देशों ने अमेरिका को बताया था कि वे सऊदी अरब के निर्णय से असहमत हैं। लेकिन सऊदी अरब ने जबरन उन्हें अपने फैसले पर राजी कर लिया। 

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