पश्चिम एशिया में तनाव के बीच शुक्रवार को अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन की ईरान के खिलाफ इस्राइल को उकसाने वाली टिप्पणी सामने आई है। बाइडन ने कहा कि अगर वह इस्राइल के स्थान पर होते तो ईरानी तेल क्षेत्रों पर हमले के विकल्पों के बारे में सोचते। उन्हें लगता है कि इस्राइल अभी तक यह तय नहीं कर पाया है कि ईरान को कैसे जवाब देना है। हालांकि अमेरिकी राष्ट्रपति ने यह भी कहा कि अमेरिकी सेना और राजनयिक अपने इस्राइली समकक्षों के साथ लगातार संपर्क में हैं।
अमेरिका के राष्ट्रपति बाइडन ने व्हाइट हाउस में प्रेस ब्रीफिंग के दौरान संवाददाताओं से कहा कि इस्राइलियों ने यह निष्कर्ष नहीं निकाला है कि वे हमले के संदर्भ में क्या करने जा रहे हैं। इस पर चर्चा चल रही है। उन्होंने कहा 'अगर मैं उनकी जगह होता, तो मैं तेल क्षेत्रों पर हमले के अलावा अन्य विकल्पों के बारे में सोच रहा होता।'
ईरान ने बीते मंगलवार को लेबनान में इस्राइली सैन्य कार्रवाई के जवाब में इस्राइल में लगभग 180 बैलिस्टिक मिसाइलों से हमला किया था, जिसके बाद से दोनों देशों के बीच तनाव चरम पर पहुंच चुका है। इस्राइल अब ईरान को इस हमले का जवाब देने के लिए विकल्पों पर विचार कर रहा है।
इस दौरान राष्ट्रपति बाइडन ने पूछा गया कि क्या उन्हें लगता है कि कूटनीति में शामिल ने होकर इस्राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू पांच नवंबर को होने वाले अमेरिका के राष्ट्रपति चुनाव को प्रभावित करने की कोशिश कर रहे थे। इसके जवाब में बाइडन ने कहा कि इस बारे में मुझे नहीं पता, लेकिन मैं उन पर भरोसा नहीं कर रहा हूं। हालांकि, किसी भी प्रशासन ने इस्राइल की मदद के लिए मुझसे ज्यादा कुछ नहीं किया है।
राष्ट्रपति बाइडन ने मध्य पूर्व में संपूर्ण युद्ध से बचने के एक सवाल का जवाब देते हुए कहा कि हम इसके लिए बहुत कुछ कर रहे हैं। हमें बाकी हिस्सों को एकजुट करने का प्रयास करना है। उन्होंने कहा कि दुनिया और हमारे सहयोगी इसे दबाने के लिए लेबनान और अन्य स्थानों में फ्रांसीसियों की तरह भाग ले रहे हैं, लेकिन जब आपके पास हिजबुल्ला और हूती जैसे तर्कहीन प्रतिनिधि हों, तो यह निर्धारित करना कठिन बात है।
बाइडन ने इस्राइल-ईरान संघर्ष को लेकर आगे कहा, मैंने जो योजना बनाई है, उसे संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के साथ ही दुनिया भर में हमारे सहयोगियों के विशाल बहुमत का समर्थन मिला है। उन्होंने कहा कि इस्राइलियों को अपने ऊपर होने वाले क्रूर हमलों का जवाब देने का पूरा अधिकार है।
लेबनान में इस्राइल की हालिया सैन्य कार्रवाई में सैकड़ों लोग मारे जा चुके हैं और हजारों घायल व दस लाख से अधिक लोग विस्थापित हो चुके हैं। वहीं, इस्राइल का कहना है कि उसके निशाने पर नागरिक नहीं हैं। वह लेबनानी ईरान समर्थित हिजबुल्ला आतंकवादियों को निशाना बना रहा है।