अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति जिमी कार्टर
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अमेरिका के 39वें राष्ट्रपति रहे जिमी कार्टर को दफनाने से पहले वॉशिंगटन में सम्मानित किया जाएगा। गुरुवार को वाशिंगटन नेशनल कैथेड्रल में दफनाने की अंतिम रस्म के साथ जिमी कार्टर को सम्मानित किया जाएगा। इसके बाद उनके पार्थिव शरीर को उनके गृहनगर जॉर्जिया ले जाकर दफना दिया जाएगा। उससे पहले वॉशिंगटन में राष्ट्रपति जो बाइडन, जो साल 1976 में जिमी कार्टर के राष्ट्रपति अभियान का समर्थन करने वाले पहले सीनेटर थे, वे अपने डेमोक्रेट पार्टी के साथी जिमी कार्टर को याद करते हुए उनके बारे में अपने विचार साझा करेंगे।
सभी बड़ी हस्तियां श्रद्धांजलि कार्यक्रम में होंगी शामिल
राष्ट्रपति जो बाइडन के साथ ही नवनिर्वाचित राष्ट्रपति ट्रंप और सभी जीवित पूर्व राष्ट्रपति भी जिमी कार्टर को श्रद्धांजलि देने के कार्यक्रम में शामिल होंगे। अमेरिका के सभी कमांडर इन चीफ भी कार्टर को श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे। साथ ही राजनीतिक, व्यापार जगत की कई हस्तियां भी पूर्व राष्ट्रपति के श्रद्धांजलि कार्यक्रम में शामिल होंगी। गुरुवार को जिमी कार्टर के निधन के बाद छह दिनों तक चले राष्ट्रीय कार्यक्रमों का समापन हो जाएगा। इन कार्यक्रमों की शुरुआत जॉर्जिया से हुई थी और अब जॉर्जिया में ही जिमी कार्टर की पार्थिव देह को दफनाने के बाद इनका समापन हो जाएगा।
गुरुवार को छह दिवसीय राष्ट्रीय कार्यक्रमों का हो जाएगा समापन
वाशिंगटन में गुरुवार की सुबह नेशनल कैथेड्रल में आयोजित कार्यक्रम के बाद कार्टर की पार्थिव देह को विशेष विमान से उनके गृहनगर जॉर्जिया ले जाया जाएगा। दोपहर में जॉर्जिया के मारानाथा बैपटिस्ट चर्च में श्रद्धांजलि सभा आयोजित की जाएगी। इसके बाद पूर्व राष्ट्रपति की अंतिम यात्रा पुराने ट्रेन डिपो से गुजरते हुए पूर्व राष्ट्रपति के पारिवारिक भूखंड पर प्रथम महिला रोजलिन कार्टर के बगल में ही दफनाया जाएगा। रोजलिन कार्टर का साल 2023 में निधन हो गया था।
29 दिसंबर को हुआ था जिमी कार्टर का निधन
जिमी कार्टर का 29 दिसंबर को 100 वर्ष की आयु में उनका निधन हो गया था। पूर्व नौसेना अधिकारी, इंजीनियर और मूंगफली किसान रहे जिमी कार्टर ने अमेरिका के राष्ट्रपति बनने तक का सफर तय किया। कार्टर 1977 से 1981 तक अमेरिका के 39वें राष्ट्रपति रहे। राष्ट्रपति पद छोड़ने के बाद कार्टर ने एक गैर सरकारी संगठन के रूप में कार्टर सेंटर की स्थापना की। इस संगठन ने दुनिया भर में बीमारी से लड़ने, संघर्ष में मध्यस्थता करने, चुनावों की निगरानी करने और नस्लीय और लैंगिक समानता के लिए काम किया। इसी संगठन के लिए कार्टर को नोबेल शांति पुरस्कार से सम्मानित किया गया। वर्तमान में दुनिया भर में 3,000 कर्मचारी और ठेकेदार हैं।